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कर्ज लेकर बीमार पति का करा रहीं उपचार

Thu, 21 Oct 2021 11:03 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Oct 2021 11:03 PM IST
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gratuuity pension in pending
विकास भवन में सेवा निवृति सुपर वाइजर सुमित्रा देवी की समस्या सुनते सीडीओ। - फोटो : KHALILABAD
फोटो के साथ---
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कर्ज लेकर बीमार पति का करा रहीं उपचार
31 दिसंबर 2020 को सुपरवाइजर पद से सेवानिवृत्त हुई थी सुमित्रा देवी
ग्रेच्युटी, एनपीएस और इंश्योरेंस का अब तक नहीं हुआ भुगतान
कैंसर से पीड़ित रही हैं सुमित्रा देवी और दो बार पति को पैरालिसिस का हो चुका है अटैक
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। बाल विकास पुष्टाहार विभाग के जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली निराली है। विभाग से सुपरवाइजर पद से सेवानिवृत्त हुई महिला को अब तक ग्रेच्युटी, एनपीएस और इश्योरेंस आदि का भुगतान नहीं किया गया। करीब दस महीने से महिला विभाग के जिम्मेदारों के कार्यालय और घर का चक्कर काट रही है। बीमार पति के उपचार में पैसे की अड़चन आई तो केसीसी से 80 हजार रुपये कर्ज लेना मजबूरी बन गई। बेटे के साथ सेवानिवृत्त कर्मी डीएम के समक्ष उपस्थित हुईं और आपबीती बताईं। डीएम ने सीडीओ को प्रकरण की जांच कर समस्या का समाधान कराए जाने के निर्देश दिए।
धनघटा क्षेत्र के सुकरौली गांव निवासी सुमित्रा देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर भर्ती हुई थीं। बाद में प्रमोशन पाकर सुपरवाइजर बन गई थीं। बाल विकास परियोजना बेलहर कला में उनकी तैनाती थी। वह सुपरवाइजर पद से 30 दिसंबर 2020 को सेवानिवृत्त हुईं। तभी से विभाग से मिलने वाली ग्रेच्युटी, एनपीएस और इंश्योरेंस के भुगतान के लिए चक्कर काट रही हैं। सुमित्रा देवी बताती हैं कि वर्ष 1983 में इंजेक्शन लगने के कारण उनके बाएं हाथ की हड्डी सड़ गई थी और उन्हें कैंसर हो गया था। मुंबई में हाथ में हुए कैंसर का ऑपरेशन हुआ था। वह मधुमेह रोग से वर्तमान में पीड़ित हैं और शारीरिक रूप से काफी कमजोर हैं। उनके पति इंद्रल प्रसाद हृदय रोग से ग्रसित हैं। पति को दो बार पैरालिसिस का अटैक हो चुका है। जिसकी वजह से पति काफी अस्वस्थ हैं। उनकी दवा करा रही हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें नकदीकरण का सिर्फ भुगतान हुआ है। विभाग से ग्रेच्युटी, एनपीएस और इंश्योरेंस के भुगतान के लिए करीब दस महीने से दौड़ लगा रही है। आरोप है कि बेलहर ब्लॉक के सीडीपीओ आनाकानी कर रहे हैं। यहां तक कि डीपीओ भी उसकी समस्या को नजरअंदाज कर रही हैं। विभाग में मनमानी का आलम यह है कि कोई सुनने वाला नहीं है। इसी बीच पति की हालत काफी बिगड़ गई और दवा कराने के लिए पैसे नहीं थे। मजबूरी में बैंक से केसीसी पर 80 हजार रुपये कर्ज लेना पड़ा। उनके तीन बेटे संजय, राजू और राजवंत हैं। तीनों बेटे बेरोजगार हैं। खेती-बारी भी नहीं है। विभाग से मिलने वाले पैसे से ही घर की जरूरतें पूरी करने की उम्मीद है। सीडीपीओ से हुई बातचीत का रिकॉर्ड रखने की बात कहते हुए बेटे राजवंत ने गंभीर आरोप मढ़ा और इसकी शिकायत डीएम और सीडीओ से की। डीएम दिव्या मित्तल ने पीड़ित सेवानिवृत्त कर्मी सुमित्रा देवी की पीड़ा गंभीरता से सुनी और डीपीओ को खुद फोन करके समस्या का समाधान कराने की बात कही। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ को मामले की जांच सौंपी। समस्या का समाधान यथाशीघ्र कराने के सीडीओ को निर्देश दिए।
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कोट
सेवानिवृत्त सुपरवाइजर सुमित्रा देवी का नकदीकरण करीब ढाई लाख का भुगतान करवा दिया गया है। ग्रेच्युटी, एनपीएस और इंश्योरेंस के भुगतान के लिए पत्रावली जिला मुख्यालय पर भेजी गई है। इसमें आपत्ति लग जाने के कारण भुगतान में देरी हुई है। बार-बार दौड़ाने और अन्य लगाए आरोप निराधार हैं। पूरी कोशिश है कि उनका भुगतान यथाशीघ्र करा दिया जाएगा।
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- अनुज कुमार, सीडीपीओ, बेलहर कला
कोट
सेवानिवृत्त कर्मी सुमित्रा देवी का जो भुगतान लंबित है, उसमें उप निदेशक पेंशन की ओर से आपत्ति लगा दी गई है। आपत्ति का सुधार करा कर जल्द ही लंबित देयों का भुगतान करा दिया जाएगा। बार-बार बुला कर परेशान करने का आरोप गलत है।

- विजय श्री, डीपीओ
कोट
सेवानिवृत्त सुपरवाइजर सुमित्रा देवी और उनके बेटे राजवंत कार्यालय में आए। उनकी समस्या सुनी। खुद सुमित्रा देवी अस्वस्थ हैं और उनके पति गंभीर रूप से बीमार हैं। पति के उपचार के लिए उन्हें पैसों की जरूरत है। विभाग के जिम्मेदारों के जरिए उनके देयों का भुगतान करने में सुस्ती बरती जा रही है। डीपीओ विजय श्री और संबंधित बाबू को कार्यालय में बुला कर पत्रावली देखी गई। सुमित्रा देेवी और उनके बेटे राजवंत ने बेलहर कला के सीडीपीओ पर गंभीर आरोप मढ़ा है। दो दिन में यदि प्रकरण का निस्तारण नहीं हुआ तो इसमें जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए बाल विकास पुष्टाहार विभाग के निदेशक को पत्र भेजा जाएगा।
-सुरेंद्रनाथ श्रीवास्तव, सीडीओ
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