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Sant Kabir Nagar News: बीएड में प्रवेश कराने के नाम पर हड़पे 45 हजार रुपये
Wed, 19 Apr 2023 11:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 19 Apr 2023 11:37 PM IST
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संतकबीरनगर। सीजीएम हरिकेश कुमार ने बीएड में प्रवेश दिलाने के नाम पर पीड़िता से 45,000 रुपये लेकर हड़प लेने के मामले में दो आरोपियों पर केस दर्ज करने का आदेश महुली थाने की पुलिस को दिया। कोर्ट ने पुलिस को अविलंब आख्या प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
अधिवक्ता राजेंद्र राय ने बताया कि महुली क्षेत्र के मुखलिसपुर की रहने वाली शिल्पा अग्रहरि ने कोर्ट में आवेदन दिया। कहा कि वह स्नातक हैं और बीएड करना चाहती थीं। उनके पिता कौशल अग्रहरि की दोनों आरोपियों से जान पहचान थी। आरोपियों ने उनके पिता को बताया कि उनके रिश्तेदार डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में कार्यरत हैं। बीएड में कम पैसे में प्रवेश करा देगे और अच्छे अंक से पास करा देंगे। उनकी बातों में विश्वास करके पीड़िता ने आरोपी संतोष यादव के कहने पर सदानंद यादव को नवंबर 2021 में बीएड में प्रवेश के लिए 15,000 तथा एक हफ्ते बाद पुन: संतोष यादव को 10,000 रुपये दिए।
आरोपियों ने फिर पीड़ित से प्रैक्टिकल के लिए 5,000 रुपये, स्कॉलरशिप के लिए 7,500 रुपये, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए 7500 नकद लिए। उसके बाद कॉलेज की फर्जी रसीद दे दी। आरोपियों ने सितंबर 2022 में परीक्षा के लिए आगरा चलने की बात बताई और प्रवेश पत्र के नाम पर रुपये लगने की बात कही। छात्रा प्रवेशपत्र लेने आरोपियों के साथ आगरा गई। वहां छात्रा को गुमराह करके आरोपी भाग गए। छात्रा ने विश्वविद्यालय में जाकर आरोपियों के जरिए दी गई रसीद के बारे में जांच की तो पता चला कि सभी कागज फर्जी थे।
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आरोप है कि आरोपियों ने 45,000 रुपये लेकर हड़प लिया। पीड़िता घर पहुंचकर परिजनों ने सारी जानकारी दी। बाद में रकम मांगने पर आरोपी टाल मटोल करते रहे। पीड़िता पर एसिड फेंकने की धमकी दी। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो छात्रा ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने सुनवाई के बाद थानाध्यक्ष महुली को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
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अधिवक्ता राजेंद्र राय ने बताया कि महुली क्षेत्र के मुखलिसपुर की रहने वाली शिल्पा अग्रहरि ने कोर्ट में आवेदन दिया। कहा कि वह स्नातक हैं और बीएड करना चाहती थीं। उनके पिता कौशल अग्रहरि की दोनों आरोपियों से जान पहचान थी। आरोपियों ने उनके पिता को बताया कि उनके रिश्तेदार डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में कार्यरत हैं। बीएड में कम पैसे में प्रवेश करा देगे और अच्छे अंक से पास करा देंगे। उनकी बातों में विश्वास करके पीड़िता ने आरोपी संतोष यादव के कहने पर सदानंद यादव को नवंबर 2021 में बीएड में प्रवेश के लिए 15,000 तथा एक हफ्ते बाद पुन: संतोष यादव को 10,000 रुपये दिए।
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आरोपियों ने फिर पीड़ित से प्रैक्टिकल के लिए 5,000 रुपये, स्कॉलरशिप के लिए 7,500 रुपये, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए 7500 नकद लिए। उसके बाद कॉलेज की फर्जी रसीद दे दी। आरोपियों ने सितंबर 2022 में परीक्षा के लिए आगरा चलने की बात बताई और प्रवेश पत्र के नाम पर रुपये लगने की बात कही। छात्रा प्रवेशपत्र लेने आरोपियों के साथ आगरा गई। वहां छात्रा को गुमराह करके आरोपी भाग गए। छात्रा ने विश्वविद्यालय में जाकर आरोपियों के जरिए दी गई रसीद के बारे में जांच की तो पता चला कि सभी कागज फर्जी थे।
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आरोप है कि आरोपियों ने 45,000 रुपये लेकर हड़प लिया। पीड़िता घर पहुंचकर परिजनों ने सारी जानकारी दी। बाद में रकम मांगने पर आरोपी टाल मटोल करते रहे। पीड़िता पर एसिड फेंकने की धमकी दी। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो छात्रा ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने सुनवाई के बाद थानाध्यक्ष महुली को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।