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दो दिन में दें अभिलेख, वरना दर्ज होगा केस : डीएम
Tue, 31 Oct 2023 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 31 Oct 2023 11:52 PM IST
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- वर्ष 2020 से अटकी हैं 63 शिकायतों की जांच
संतकबीरनगर। सचिवों के अभिलेख नहीं देने से ग्राम पंचायतों में अनियमितता की शिकायतों की जांच लंबित है। तीन वर्ष से 63 ग्राम पंचायतों की जांच नहीं हो पा रही है। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए सचिवों को निर्देश दिया है कि दो दिन के भीतर अभिलेख जांच अधिकारियों को उपलब्ध करा दें, अन्यथा केस दर्ज कराया जाएगा। इससे सचिवों में खलबली मच गई है।
डीपीआरओ प्रमोद यादव ने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक 63 ऐसी शिकायतें हैं, जिसमें सचिव अभिलेख उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इसकी वजह से जांच लंबित है। इसमें बेलहर ब्लॉक की एक शिकायतें, खलीलाबाद ब्लॉक की 11, सेमरियावां ब्लॉक की पांच, हैंसर ब्लॉक की पांच, नाथनगर ब्लॉक की दो, पौली ब्लॉक की एक और मेंहदावल ब्लॉक की आठ शिकायतें लंबित हैं। डीएम ने इस मामले में करीब 35 सचिवों को दो दिन के भीतर अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जांच टीम को सुझाव दिए गए हैं कि जिस परियोजना की जांच करें, उसमें देखें कि इस्टीमेट, कितना धन मिला और कितने का काम हुआ। कितना भुगतान हुआ है। कार्य की गुणवत्ता भी देखें। टेक्निकल अधिकारी कार्य का मूल्यांकन करें और रिपोर्ट में स्पष्ट अंकित करें कि कितनी धनराशि का दुरुपयोग हुआ है।
इंसेट
लंबित जांच को अविलंब पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि दो दिन के भीतर जांच टीम को अभिलेख उपलब्ध करा दें, अन्यथा की दशा में केस दर्ज करा दिया जाएगा। जो भी जांच रिपोर्ट आएंगी, उसका सीडीओ और डीपीआरओ परीक्षण करेंगे। यदि जांच मानक के अनुसार गुणवत्ता पूर्ण ढंग से नहीं की गई है तो उसे दोबारा जांच कर रिपोर्ट दिए जाने के लिए लौटाया जाएगा। -महेंद्र सिंह तंवर,डीएम
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संतकबीरनगर। सचिवों के अभिलेख नहीं देने से ग्राम पंचायतों में अनियमितता की शिकायतों की जांच लंबित है। तीन वर्ष से 63 ग्राम पंचायतों की जांच नहीं हो पा रही है। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए सचिवों को निर्देश दिया है कि दो दिन के भीतर अभिलेख जांच अधिकारियों को उपलब्ध करा दें, अन्यथा केस दर्ज कराया जाएगा। इससे सचिवों में खलबली मच गई है।
डीपीआरओ प्रमोद यादव ने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक 63 ऐसी शिकायतें हैं, जिसमें सचिव अभिलेख उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इसकी वजह से जांच लंबित है। इसमें बेलहर ब्लॉक की एक शिकायतें, खलीलाबाद ब्लॉक की 11, सेमरियावां ब्लॉक की पांच, हैंसर ब्लॉक की पांच, नाथनगर ब्लॉक की दो, पौली ब्लॉक की एक और मेंहदावल ब्लॉक की आठ शिकायतें लंबित हैं। डीएम ने इस मामले में करीब 35 सचिवों को दो दिन के भीतर अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जांच टीम को सुझाव दिए गए हैं कि जिस परियोजना की जांच करें, उसमें देखें कि इस्टीमेट, कितना धन मिला और कितने का काम हुआ। कितना भुगतान हुआ है। कार्य की गुणवत्ता भी देखें। टेक्निकल अधिकारी कार्य का मूल्यांकन करें और रिपोर्ट में स्पष्ट अंकित करें कि कितनी धनराशि का दुरुपयोग हुआ है।
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लंबित जांच को अविलंब पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि दो दिन के भीतर जांच टीम को अभिलेख उपलब्ध करा दें, अन्यथा की दशा में केस दर्ज करा दिया जाएगा। जो भी जांच रिपोर्ट आएंगी, उसका सीडीओ और डीपीआरओ परीक्षण करेंगे। यदि जांच मानक के अनुसार गुणवत्ता पूर्ण ढंग से नहीं की गई है तो उसे दोबारा जांच कर रिपोर्ट दिए जाने के लिए लौटाया जाएगा। -महेंद्र सिंह तंवर,डीएम
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