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घाघरा कर रही कटान, सहमे लोग
Sant Kabir Nagar
Updated Tue, 02 Aug 2016 11:37 PM IST
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घाघरा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
- फोटो : अमर उजाला
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घाघरा का जल स्तर खतरे के निशान के पार है। वहीं नदी लगातार कटान भी कर रही है। इससे लोग सहमे हुए हैं। वहीं माझा खड़कपुुर के पास हो रहे कटान से शवदाह केंद्र का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। मंगलवार को ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी शवदाह केंद्र पर पहुंचे और उसका टिन शेड हटवा दिया।
घाघरा के खतरे के निशान को पार कर बहने से नदी के तलहटी में बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी मांझा खडकपुर गांव के सामने तेजी से कटान करती हुई रामपुर- मकदूमपुर बांध की तरफ बढ़ रही है। यहां बने शवदाह केंद्र पर मडरा रहे खतरा को देख ग्राम प्रधान विंध्याचल और सचिव राजाराम नाव द्वारा पहुंचे और शवदाह के टिन शेड को उजाड़वा कर उठा लाए। प्रधान का कहना है कि जब कटान को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा कोई उपाय नही किया जा रहा है तो जो बचा लें वही ठीक है यही सोच कर टिन शेड को उजड़वा दिया। शवदाह केंद्र कब नदी की धारा में विलीन हो जाएगा इसका कोई भरोसा नही है।
उधर हैंसर ब्लॉक के ओडीएफ गांव आगापुर गुलरिहा के प्रधान आन्नद स्वरुप ने बताया कि बाढ़ के पानी उनके गांव का मिठाई पुरवा, पंडित पुरवा घिर गया है। विद्युत पोल भी गिर गया जिससे विद्युत सप्लाई बाधित हो गई है। बाढ़ के समय अंधेरे में किस तरह रहा जाए यह बात समझ से परे है। प्रधान का कहना था कि विद्युत पोल पहले से ही झुका हुआ था जिसे ठीक करने के लिए जब डीएम गांव में आकर चौपाल लगाए थे तो उन्होंने जेई को आदेश भी दिया था। अगर जिलाधिकारी के आदेश का पालन हुआ होता तो आज इस गांव के लोग अंधेरे में रहने के लिए विवश नही होते। एसडीएम इंद्रभान तिवारी का कहना है कि नदी के बढ़ने की सूचना मिली है। लेखपाल और कानूनगो को क्षेत्र में रह कर भ्रमण करने का आदेश दे दिया गया है। जहां भी जो आवश्यकता पडे़गी उसे मुहैया कराया जाएगा।
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वहीं मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार राप्ती का जलस्तर तेजी से घट रहा है। जहां दो दिन पहले नदी का जलस्तर 79.60 था। वहीं वर्तमान में राप्ती नदी का जलस्तर घटकर 79.30 पर आ गया है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। एहतियात के तौर पर जलस्तर घटने से तटबंध में कटान होने की संभावना को देखते हुए मौके पर जूनियर इंजीनियर निगरानी कर रहे हैं। जेई मनोज कुमार त्रिपाठी का कहना है कि राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। वर्तमान मे खतरे के निशान से 20 सेमी. नीचे 79.30 सेंटीमीटर पर नदी बहाव है। नौगों से लेकर बेलौली तक तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।
नदियों का जलस्तर ः घाघरा की डेंजर लाइन 92.730 मीटर है। मंगलवार सुबह आठ बजे नदी का बहाव 93.05 मीटर और शाम चार बजे 93.04 मीटर था। वहीं राप्ती की डेंजर लाइन 79.50 मीटर है। यहां सुबह आठ बजे बहाव 79.38 और शाम चार बजे 79.30 मीटर था। जबकि कुआनो की डेंजर लाइन 78.65 मीटर है। यहां सुबह नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 75.810 और शाम चार बजे 75.840 मीटर था।
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घाघरा के खतरे के निशान को पार कर बहने से नदी के तलहटी में बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी मांझा खडकपुर गांव के सामने तेजी से कटान करती हुई रामपुर- मकदूमपुर बांध की तरफ बढ़ रही है। यहां बने शवदाह केंद्र पर मडरा रहे खतरा को देख ग्राम प्रधान विंध्याचल और सचिव राजाराम नाव द्वारा पहुंचे और शवदाह के टिन शेड को उजाड़वा कर उठा लाए। प्रधान का कहना है कि जब कटान को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा कोई उपाय नही किया जा रहा है तो जो बचा लें वही ठीक है यही सोच कर टिन शेड को उजड़वा दिया। शवदाह केंद्र कब नदी की धारा में विलीन हो जाएगा इसका कोई भरोसा नही है।
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उधर हैंसर ब्लॉक के ओडीएफ गांव आगापुर गुलरिहा के प्रधान आन्नद स्वरुप ने बताया कि बाढ़ के पानी उनके गांव का मिठाई पुरवा, पंडित पुरवा घिर गया है। विद्युत पोल भी गिर गया जिससे विद्युत सप्लाई बाधित हो गई है। बाढ़ के समय अंधेरे में किस तरह रहा जाए यह बात समझ से परे है। प्रधान का कहना था कि विद्युत पोल पहले से ही झुका हुआ था जिसे ठीक करने के लिए जब डीएम गांव में आकर चौपाल लगाए थे तो उन्होंने जेई को आदेश भी दिया था। अगर जिलाधिकारी के आदेश का पालन हुआ होता तो आज इस गांव के लोग अंधेरे में रहने के लिए विवश नही होते। एसडीएम इंद्रभान तिवारी का कहना है कि नदी के बढ़ने की सूचना मिली है। लेखपाल और कानूनगो को क्षेत्र में रह कर भ्रमण करने का आदेश दे दिया गया है। जहां भी जो आवश्यकता पडे़गी उसे मुहैया कराया जाएगा।
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वहीं मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार राप्ती का जलस्तर तेजी से घट रहा है। जहां दो दिन पहले नदी का जलस्तर 79.60 था। वहीं वर्तमान में राप्ती नदी का जलस्तर घटकर 79.30 पर आ गया है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। एहतियात के तौर पर जलस्तर घटने से तटबंध में कटान होने की संभावना को देखते हुए मौके पर जूनियर इंजीनियर निगरानी कर रहे हैं। जेई मनोज कुमार त्रिपाठी का कहना है कि राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। वर्तमान मे खतरे के निशान से 20 सेमी. नीचे 79.30 सेंटीमीटर पर नदी बहाव है। नौगों से लेकर बेलौली तक तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।
नदियों का जलस्तर ः घाघरा की डेंजर लाइन 92.730 मीटर है। मंगलवार सुबह आठ बजे नदी का बहाव 93.05 मीटर और शाम चार बजे 93.04 मीटर था। वहीं राप्ती की डेंजर लाइन 79.50 मीटर है। यहां सुबह आठ बजे बहाव 79.38 और शाम चार बजे 79.30 मीटर था। जबकि कुआनो की डेंजर लाइन 78.65 मीटर है। यहां सुबह नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 75.810 और शाम चार बजे 75.840 मीटर था।