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घाघरा नारायणपुर के करीब पहुंची
sant kabir nagar
Updated Mon, 01 Aug 2016 11:51 PM IST
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घाघरा नारायणपुर के करीब पहुंची
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में सोमवार को घाघरा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि राप्ती खतरे के निशान से कुछ नीचे चली गई है। राप्ती का जलस्तर थमने से स्थानीय लोगों और अफसरों ने राहत की सांस ली। वहीं तिवारीपुर में कटान रोकने की कोशिश में ड्रेनेज खंड जुटा हुआ है।
घाघरा का जल स्तर बढ़ने से क्षेत्र के नरायनपुर गांव पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सोमवार को बाढ़ का पानी संपर्क मार्ग को पार कर रिंग बाध पर पहुंच गया। जिससे गांव के लोगों का दियारा में आने जाने का मार्ग बंद हो गया है। रिंग बाध पर पानी दबाव बना रहा है। चंद्रभान, धर्मदेव, कैलाश, सरयू, दीनानाथ आदि का कहना है कि रिंग बांध का कोई भरोसा नहीं है कि वह कब टूट जाएगा या ओवर फ्लो हो जाएगा। ऐसी स्थित में करीब तीन हजार आबादी वाले गांव में बाढ़ से तबाही मच जाएगी।
वहीं मेंहदावल पूर्वी- उत्तरी क्षेत्र में स्थित राप्ती का जलस्तर अब घट रहा है। करमैनी-बेलौली के तिवारीपुर में सांसद शरद त्रिपाठी तटबंध के निरीक्षण कर कटान रोकने के आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए थे। जहां रविवार को नदी के जलस्तर घटने के बाद खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर नदी का जलस्तर मापा गया था। वही सोमवार को खतरे के निशान 79.50 मीटर से राप्ती का जलस्तर सुबह आठ बजे के माप में एक सेंटीमीटर नीचे पाया गया।
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सहायक अभियंता वीके मोहन ने बताया कि राप्ती का जलस्तर नीचे आने से तटबंध पर अब पानी का कोई दबाव नहीं है। वर्तमान में खतरे के निशान से नदी नीचे आ चुकी है। जलस्तर घटने के बाद भी कटान की संभावना के मद्देनजर तटबंध की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
नदियों का जलस्तर ः घाघरा की डेंजर लाइन 92.730 मीटर है। सोमवार सुबह आठ बजे नदी का बहाव 93.07 मीटर और शाम चार बजे 93.10 मीटर था। वहीं राप्ती की डेंजर लाइन 79.50 मीटर है। यहां सुबह आठ बजे बहाव 79.49 और शाम चार बजे 79.450 मीटर था। जबकि कुआनो की डेंजर लाइन 78.65 मीटर है। यहां सुबह नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 75.980 और शाम चार बजे 75.850 मीटर था।
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घाघरा का जल स्तर बढ़ने से क्षेत्र के नरायनपुर गांव पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सोमवार को बाढ़ का पानी संपर्क मार्ग को पार कर रिंग बाध पर पहुंच गया। जिससे गांव के लोगों का दियारा में आने जाने का मार्ग बंद हो गया है। रिंग बाध पर पानी दबाव बना रहा है। चंद्रभान, धर्मदेव, कैलाश, सरयू, दीनानाथ आदि का कहना है कि रिंग बांध का कोई भरोसा नहीं है कि वह कब टूट जाएगा या ओवर फ्लो हो जाएगा। ऐसी स्थित में करीब तीन हजार आबादी वाले गांव में बाढ़ से तबाही मच जाएगी।
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वहीं मेंहदावल पूर्वी- उत्तरी क्षेत्र में स्थित राप्ती का जलस्तर अब घट रहा है। करमैनी-बेलौली के तिवारीपुर में सांसद शरद त्रिपाठी तटबंध के निरीक्षण कर कटान रोकने के आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए थे। जहां रविवार को नदी के जलस्तर घटने के बाद खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर नदी का जलस्तर मापा गया था। वही सोमवार को खतरे के निशान 79.50 मीटर से राप्ती का जलस्तर सुबह आठ बजे के माप में एक सेंटीमीटर नीचे पाया गया।
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सहायक अभियंता वीके मोहन ने बताया कि राप्ती का जलस्तर नीचे आने से तटबंध पर अब पानी का कोई दबाव नहीं है। वर्तमान में खतरे के निशान से नदी नीचे आ चुकी है। जलस्तर घटने के बाद भी कटान की संभावना के मद्देनजर तटबंध की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
नदियों का जलस्तर ः घाघरा की डेंजर लाइन 92.730 मीटर है। सोमवार सुबह आठ बजे नदी का बहाव 93.07 मीटर और शाम चार बजे 93.10 मीटर था। वहीं राप्ती की डेंजर लाइन 79.50 मीटर है। यहां सुबह आठ बजे बहाव 79.49 और शाम चार बजे 79.450 मीटर था। जबकि कुआनो की डेंजर लाइन 78.65 मीटर है। यहां सुबह नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 75.980 और शाम चार बजे 75.850 मीटर था।