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Sant Kabir Nagar News: पूर्ति विभाग का खेल... कोटेदार पास, कार्डधारक फेल
Wed, 09 Oct 2024 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 09 Oct 2024 11:33 PM IST
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- शिकायत के बाद होती है जांच, कार्रवाई का पता नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। तहसील क्षेत्र में पूर्ति विभाग के जाल में फंसकर कार्डधारक कोटेदार के मनमानी का शिकार हो रहे हैं। लोग कोटेदार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर तहसील पर शिकायत पत्र देने के बाद मजबूर होकर धरना प्रदर्शन भी करते चले आ रहे, लेकिन जांच के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जा रहा। जिसके कारण आए दिन कोटेदार और उपभोक्ताओं के बीच विवाद होने लगा है।
विकास खंड हैंसर बाजार के बैजनाथपुर गांव में कोटेदार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर कार्ड धारक लंबे समय से प्रधान के साथ अधिकारियों का चक्कर काट रहे हैं। 28 अगस्त को ग्रामीणों की शिकायत की जांच करने गए पूर्ति निरीक्षक के सामने प्रधान और कोटेदार के बीच मारपीट हो गई। जिसमें दोनों पक्ष से कई लोग घायल हुए। उसके बाद पूर्ति निरीक्षक बगैर जांच किए भाग निकले।
तहसील में जाकर लोग जांच की मांग करते चले आ रहे हैं, लेकिन जांच अधिकारी पहुंच नहीं पा रहे हैं। मंगलवार को एक बार फिर बैजनाथपुर गांव के ग्रामीण उग्र हो गए। तहसील पर पहुंचकर तहसीलदार को घेर लिए। पूर्ति निरीक्षक ने अगले महीने की शुरुआत तक कार्रवाई करने का लिखित भरोसा दिया तब गांव के लोग वापस लौटे। सुनील, जनार्दन, सिकंदर, कलाधर, निखिल आदि का आरोप है कि पूर्ति निरीक्षक कोटेदार के बचाव में लगे हुए हैं। गांव के उपभोक्ता खाद्यान्न लेने उनकी दुकान पर नहीं जा रहे हैं।
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डुहिया खुर्द गांव में कोटेदार पर खाद्यान्न वितरण में अनियमितता करने का आरोप लगाते हुए कार्ड धारक राजमती, सुशील, श्याम सुंदर, राजदेव, रामु प्रसाद आदि ने 10 दिन पहले एसडीएम को शिकायत पत्र देकर जांच के बाद कार्रवाई की मांग किए। कार्डधारकों का कहना है कि जून माह में दिए गए शिकायती पत्र की जांच करने पूर्ति निरीक्षक सितंबर माह में पहुंचे और कुछ लोगों से बातचीत करने के बाद तहसील पर लौट गए। अंगूठा लगवाने के बाद परिवार के प्रति सदस्य के हिस्से से एक से दो किलो तक खाद्यान्न काम देते हैं। इसी तरह कोटा को लेकर हकीमपुर, नकहा, रामपुर, गायघाट आदि गांव में विवाद बना हुआ है।
कोटे की दुकान को लेकर जो भी शिकायत आती है उसकी जांच करा कर करवाई की जाती है। लोगों को राशन मिलने इस पर ध्यान दिया जाता है।
- रमेश चंद, एसडीएम, धनघटा
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धनघटा। तहसील क्षेत्र में पूर्ति विभाग के जाल में फंसकर कार्डधारक कोटेदार के मनमानी का शिकार हो रहे हैं। लोग कोटेदार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर तहसील पर शिकायत पत्र देने के बाद मजबूर होकर धरना प्रदर्शन भी करते चले आ रहे, लेकिन जांच के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जा रहा। जिसके कारण आए दिन कोटेदार और उपभोक्ताओं के बीच विवाद होने लगा है।
विकास खंड हैंसर बाजार के बैजनाथपुर गांव में कोटेदार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर कार्ड धारक लंबे समय से प्रधान के साथ अधिकारियों का चक्कर काट रहे हैं। 28 अगस्त को ग्रामीणों की शिकायत की जांच करने गए पूर्ति निरीक्षक के सामने प्रधान और कोटेदार के बीच मारपीट हो गई। जिसमें दोनों पक्ष से कई लोग घायल हुए। उसके बाद पूर्ति निरीक्षक बगैर जांच किए भाग निकले।
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तहसील में जाकर लोग जांच की मांग करते चले आ रहे हैं, लेकिन जांच अधिकारी पहुंच नहीं पा रहे हैं। मंगलवार को एक बार फिर बैजनाथपुर गांव के ग्रामीण उग्र हो गए। तहसील पर पहुंचकर तहसीलदार को घेर लिए। पूर्ति निरीक्षक ने अगले महीने की शुरुआत तक कार्रवाई करने का लिखित भरोसा दिया तब गांव के लोग वापस लौटे। सुनील, जनार्दन, सिकंदर, कलाधर, निखिल आदि का आरोप है कि पूर्ति निरीक्षक कोटेदार के बचाव में लगे हुए हैं। गांव के उपभोक्ता खाद्यान्न लेने उनकी दुकान पर नहीं जा रहे हैं।
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डुहिया खुर्द गांव में कोटेदार पर खाद्यान्न वितरण में अनियमितता करने का आरोप लगाते हुए कार्ड धारक राजमती, सुशील, श्याम सुंदर, राजदेव, रामु प्रसाद आदि ने 10 दिन पहले एसडीएम को शिकायत पत्र देकर जांच के बाद कार्रवाई की मांग किए। कार्डधारकों का कहना है कि जून माह में दिए गए शिकायती पत्र की जांच करने पूर्ति निरीक्षक सितंबर माह में पहुंचे और कुछ लोगों से बातचीत करने के बाद तहसील पर लौट गए। अंगूठा लगवाने के बाद परिवार के प्रति सदस्य के हिस्से से एक से दो किलो तक खाद्यान्न काम देते हैं। इसी तरह कोटा को लेकर हकीमपुर, नकहा, रामपुर, गायघाट आदि गांव में विवाद बना हुआ है।
कोटे की दुकान को लेकर जो भी शिकायत आती है उसकी जांच करा कर करवाई की जाती है। लोगों को राशन मिलने इस पर ध्यान दिया जाता है।
- रमेश चंद, एसडीएम, धनघटा