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Sant Kabir Nagar News: महाराष्ट्र में करोड़ों के घोटाले में फंसे संतकबीरनगर के पांच आरोपी
Wed, 31 May 2023 11:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 31 May 2023 11:35 PM IST
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खलीलाबाद कोतवाली में बैठी महराष्ट से आयी सीआईडी की टीम। संवाद
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। महाराष्ट्र के नागपुर में एक फाइनेंस कंपनी के खिलाफ वर्ष 1999 में करोड़ों रुपये के घोटाले में मुकदमा दर्ज है। इसी मुकदमे में संतकबीरनगर कोतवाली क्षेत्र के अलग- अलग जगहों के रहने वाले पांच लोग आरोपी हैं। मामला हाई प्रोफाइल होने की वजह से इसकी जांच महाराष्ट्र की सीआईडी टीम कर रही है। सीआईडी की टीम इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिले में आई और कोतवाली पुलिस से मदद मांगी। पुलिस टीम के हाथ आरोपी तो नहीं लगे, लेकिन कोर्ट के आदेश पर इनके घरों पर 82 सीआरपीसी की नोटिस चस्पा की गई।
महाराष्ट्र की सीआईडी की इंस्पेक्टर डीएस काडे और हवलदार गभाले के मुताबिक फाइनेंस कंपनी ने नागपुर में वर्ष 1999 में बड़ी संख्या में लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए। कंपनी में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों को लालच दिया कि उनकी जमा धनराशि का एक साल में चार गुना भुगतान किया जाएगा। अवधि पूरा होने के बाद जमाकर्ता भुगतान के लिए कंपनी के जिम्मेदारों पर दबाव बनाने लगे। उसी दौरान कंपनी के कार्यालय में ताला लगाकर जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी फरार हो गए।
कंपनी में पैसा जमा करने वाले लोगों ने कंपनी के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत संतकबीरनगर जिले के कोतवाली क्षेत्र के डीघाबाईपास निवासी संजीव कुमार, दुर्गानगर बरदहिया निवासी प्रमोद कुमार, अंजान शहीद निवासी मफतुल खान, कोल्हुआ लकड़ा निवासरी वीरेंद्र नाथ पांडेय और बरदहिया निवासी केदार खत्री के खिलाफ करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप में केस दर्ज कराया।
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नागरपुर पुलिस की जांच के बाद मामला सीआईडी को स्थानांतरित हुआ। महाराष्ट्र पुलिस आरोपियों की तलाश में कई चक्कर यहां के लगा चुकी है। सीआईडी इंस्पेक्टर के मुताबिक महाराष्ट्र की स्थानीय अदालत ने आरोपियों को भगोड़ा घोषित कर चुकी है। कोर्ट ने इन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाने और न ही कोर्ट में हाजिर होने पर इनके खिलाफ 82 सीआरपीसी की कार्रवाई का आदेश दिया। उसी कड़ी में यहां पहुंच कर कोतवाल से मदद मांगी गई।
सीआईडी इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी तो नहीं मिले, लेकिन उनके घरों पर कोतवाली पुलिस की मदद से 82 सीआरपीसी की नोटिस चस्पा करा दी गई। नियत समय के भीतर यदि आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं होते हैं, अथवा पकड़ में नहीं आते हैं, तो कोर्ट में आवेदन देकर इनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी। संवाद
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महाराष्ट्र की सीआईडी इंस्पेक्टर डीएस काडे और हवलदार गभाले कोतवाली आए। महाराष्ट्र के नागपुर में दर्ज मुकदमे का हवाला देकर आरोपी डीघाबाईपास निवासी संजीव कुमार, दुर्गा मंदिर बरदहिया निवासी प्रमोद कुमार, अंजान शहीद निवासी मफतुल खान, कोल्हुआ लकड़ा निवासी वीरेंद्र नाथ पांडेय और बरदहिया निवासी केदार खत्री की गिरफ्तारी में मदद मांगी। कोर्ट के जरिये इन आरोपियों को भगोड़ा घोषित होने की जानकारी दी। आरोपियों के घरों पर 82 सीआरपीसी की नोटिस चस्पा करने में सहयोग मांगा। टीम के सहयोग के लिए पुलिस कर्मियों को लगा दिया गया।
-सर्वेश राय, कोतवाल, खलीलाबाद
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संतकबीरनगर। महाराष्ट्र के नागपुर में एक फाइनेंस कंपनी के खिलाफ वर्ष 1999 में करोड़ों रुपये के घोटाले में मुकदमा दर्ज है। इसी मुकदमे में संतकबीरनगर कोतवाली क्षेत्र के अलग- अलग जगहों के रहने वाले पांच लोग आरोपी हैं। मामला हाई प्रोफाइल होने की वजह से इसकी जांच महाराष्ट्र की सीआईडी टीम कर रही है। सीआईडी की टीम इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिले में आई और कोतवाली पुलिस से मदद मांगी। पुलिस टीम के हाथ आरोपी तो नहीं लगे, लेकिन कोर्ट के आदेश पर इनके घरों पर 82 सीआरपीसी की नोटिस चस्पा की गई।
महाराष्ट्र की सीआईडी की इंस्पेक्टर डीएस काडे और हवलदार गभाले के मुताबिक फाइनेंस कंपनी ने नागपुर में वर्ष 1999 में बड़ी संख्या में लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए। कंपनी में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों को लालच दिया कि उनकी जमा धनराशि का एक साल में चार गुना भुगतान किया जाएगा। अवधि पूरा होने के बाद जमाकर्ता भुगतान के लिए कंपनी के जिम्मेदारों पर दबाव बनाने लगे। उसी दौरान कंपनी के कार्यालय में ताला लगाकर जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी फरार हो गए।
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कंपनी में पैसा जमा करने वाले लोगों ने कंपनी के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत संतकबीरनगर जिले के कोतवाली क्षेत्र के डीघाबाईपास निवासी संजीव कुमार, दुर्गानगर बरदहिया निवासी प्रमोद कुमार, अंजान शहीद निवासी मफतुल खान, कोल्हुआ लकड़ा निवासरी वीरेंद्र नाथ पांडेय और बरदहिया निवासी केदार खत्री के खिलाफ करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप में केस दर्ज कराया।
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नागरपुर पुलिस की जांच के बाद मामला सीआईडी को स्थानांतरित हुआ। महाराष्ट्र पुलिस आरोपियों की तलाश में कई चक्कर यहां के लगा चुकी है। सीआईडी इंस्पेक्टर के मुताबिक महाराष्ट्र की स्थानीय अदालत ने आरोपियों को भगोड़ा घोषित कर चुकी है। कोर्ट ने इन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाने और न ही कोर्ट में हाजिर होने पर इनके खिलाफ 82 सीआरपीसी की कार्रवाई का आदेश दिया। उसी कड़ी में यहां पहुंच कर कोतवाल से मदद मांगी गई।
सीआईडी इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी तो नहीं मिले, लेकिन उनके घरों पर कोतवाली पुलिस की मदद से 82 सीआरपीसी की नोटिस चस्पा करा दी गई। नियत समय के भीतर यदि आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं होते हैं, अथवा पकड़ में नहीं आते हैं, तो कोर्ट में आवेदन देकर इनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी। संवाद
महाराष्ट्र की सीआईडी इंस्पेक्टर डीएस काडे और हवलदार गभाले कोतवाली आए। महाराष्ट्र के नागपुर में दर्ज मुकदमे का हवाला देकर आरोपी डीघाबाईपास निवासी संजीव कुमार, दुर्गा मंदिर बरदहिया निवासी प्रमोद कुमार, अंजान शहीद निवासी मफतुल खान, कोल्हुआ लकड़ा निवासी वीरेंद्र नाथ पांडेय और बरदहिया निवासी केदार खत्री की गिरफ्तारी में मदद मांगी। कोर्ट के जरिये इन आरोपियों को भगोड़ा घोषित होने की जानकारी दी। आरोपियों के घरों पर 82 सीआरपीसी की नोटिस चस्पा करने में सहयोग मांगा। टीम के सहयोग के लिए पुलिस कर्मियों को लगा दिया गया।
-सर्वेश राय, कोतवाल, खलीलाबाद