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Sant Kabir Nagar News: जालसाजों ने सिपाही के खाते से सवा लाख रुपये उड़ाए
Wed, 28 Feb 2024 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 28 Feb 2024 11:29 PM IST
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-गोपनीय कार्यालय में तैनात है आरक्षी
-कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक गोपनीय कार्यालय में तैनात सिपाही को साइबर ठगों ने अपना निशाना बनाया। साइबर अपराधियों ने मोबाइल फोन से आरक्षी को झांसे में लेकर 120000 रूपये उड़ाए। कोतवाली पुलिस ने सिपाही की तहरीर पर केस दर्ज करके अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दिया।
कोतवाल ब्रजेंद्र प्रसाद पटेल ने बताया कि विकास यादव आरक्षी के पद पर गोपनीय कार्यालय में तैनात हैं। आरक्षी के मुताबिक उनका एक खाता एसबीआई खलीलाबाद और दूसरा एसबीआई शाखा हरगांव जनपद सीतापुर में है। विकास ने पिता महेश प्रसाद के खाते से चार लाख रुपये मकान निर्माण कार्य के लिए मंगवाना था। पिता का एटीएम, चेकबुक या यूपीआई खाता नहीं है।
कस्टमर केयर नंबर पर 27 फरवरी को दोपहर 2.42 बजे मोबाइल पर फोन आया। कॉल करने वाले ने अपने को एसबीआई काल सेंटर का कर्मी बताया। उनसे समस्या पूछी, जिस पर उन्होंने कहा कि मुझे पिता का खाते को यूपीआई से लिंक करने के लिए क्या करना पड़ेगा। फिर उसने प्ले स्टोर से एक एप्लीकेशन लोड कराया। मोबाइल नंबर, पिता का नाम और रिक्वेस्ट फाॅर ट्रांसफर एप्रूव लिखने को बोला। इसके बाद कहा कि आपकी आवेदन प्राप्त हो गया है। कुछ समय बाद स्वीकार हो जाएगा।
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थोड़ी देर बाद कॉल सेंटर कर्मी ने विकास के माता का नाम लिखने को बोला। जिस पर उन्होंने लिख दिया, फिर उसने बोला कि पिता के बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से फोन पे एप से यूपीआई खाता बना सकते हैं। इसके बाद उसने फोन काट दिया। फोन कटने पर जब वह खाते का बैलेंस चेक किए तो 1,60,000 रुपये के लोन होने की जानकारी मिली। फिर 100000 रुपये व 20000 रुपये कट गए। कोतवाल ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर सुसंगत धारा में अभियोग पंजीकृत करके अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रहा है।
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-कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक गोपनीय कार्यालय में तैनात सिपाही को साइबर ठगों ने अपना निशाना बनाया। साइबर अपराधियों ने मोबाइल फोन से आरक्षी को झांसे में लेकर 120000 रूपये उड़ाए। कोतवाली पुलिस ने सिपाही की तहरीर पर केस दर्ज करके अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दिया।
कोतवाल ब्रजेंद्र प्रसाद पटेल ने बताया कि विकास यादव आरक्षी के पद पर गोपनीय कार्यालय में तैनात हैं। आरक्षी के मुताबिक उनका एक खाता एसबीआई खलीलाबाद और दूसरा एसबीआई शाखा हरगांव जनपद सीतापुर में है। विकास ने पिता महेश प्रसाद के खाते से चार लाख रुपये मकान निर्माण कार्य के लिए मंगवाना था। पिता का एटीएम, चेकबुक या यूपीआई खाता नहीं है।
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कस्टमर केयर नंबर पर 27 फरवरी को दोपहर 2.42 बजे मोबाइल पर फोन आया। कॉल करने वाले ने अपने को एसबीआई काल सेंटर का कर्मी बताया। उनसे समस्या पूछी, जिस पर उन्होंने कहा कि मुझे पिता का खाते को यूपीआई से लिंक करने के लिए क्या करना पड़ेगा। फिर उसने प्ले स्टोर से एक एप्लीकेशन लोड कराया। मोबाइल नंबर, पिता का नाम और रिक्वेस्ट फाॅर ट्रांसफर एप्रूव लिखने को बोला। इसके बाद कहा कि आपकी आवेदन प्राप्त हो गया है। कुछ समय बाद स्वीकार हो जाएगा।
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थोड़ी देर बाद कॉल सेंटर कर्मी ने विकास के माता का नाम लिखने को बोला। जिस पर उन्होंने लिख दिया, फिर उसने बोला कि पिता के बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से फोन पे एप से यूपीआई खाता बना सकते हैं। इसके बाद उसने फोन काट दिया। फोन कटने पर जब वह खाते का बैलेंस चेक किए तो 1,60,000 रुपये के लोन होने की जानकारी मिली। फिर 100000 रुपये व 20000 रुपये कट गए। कोतवाल ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर सुसंगत धारा में अभियोग पंजीकृत करके अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रहा है।