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एसटीएफ, एडीएम और संयुक्त विकास आयुक्त की टीम कर रही जांच
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मोबाइल बंदकर फरार हैं पांच फर्जी शिक्षक
एसटीएफ कर रही तलाश, कई अन्य टीमें भी कर रहीं जांच
एसटीएफ ने बीएसए को 50 से अधिक शिक्षकों की सूची सौंपी
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। जिले में फर्जी शिक्षकों की जांच एसटीएफ समेत कई टीमें कर रही हैं। एसटीएफ की रडार पर आए पांच शिक्षक मोबाइल बंद कर फरार हैं। जांच की जद में आए फर्जी शिक्षकों में खलबली मची हुई है।
प्रदेश में 2011 के बाद हुए शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति का मामला प्रकाश में आने के बाद सरकार ने भर्ती प्रक्रिया की जांच एसटीएफ को सौंप दी। एसटीएफ हर जिले में फर्जी शिक्षकों की जांच कर रही है। सिद्धार्थनगर जिले मेें 150 फर्जी शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके है। इसी के साथ ही संतकबीरनगर जिले में अभी दो दिन पूर्व दूसरे शिक्षक के प्रमाण पत्र पर 11 साल से नौकरी कर रहे एक फर्जी शिक्षक रणजीत सिंह को बीएसए ने बर्खास्त किया है। फर्जी शिक्षकों के मामले की जांच एडीएम रणविजय सिंह और एएसपी असित श्रीवास्तव कर रहे हैं। एडीएम ने बीएसए से चिह्नित शिक्षकों का रिकॉर्ड भी लिया है। अभी जांच चल रही है। इधर, शासन के निर्देश पर संयुक्त विकास आयुक्त बस्ती मंडल और एडी बेसिक बस्ती मंडल भी जांच कर रहे हैं। एसटीएफ ने बीएसए को 50 से अधिक शिक्षकों की सूची सौंपी है और उनका रिकॉर्ड मांगा है। एसटीएफ नाथनगर के तीन और हैंसर ब्लॉक के दो शिक्षकों की पत्रावलियों की जांच कर रही है। इन शिक्षकों पर फर्जी तरीके से नौकरी करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि ये शिक्षक जांच शुरू होने के बाद से ही मोबाइल बंदकर फरार हैं। बीएसए ने इन शिक्षकों का वेतन भी रोका है। इन शिक्षकों पर जांच के बाद आगे की कार्रवाई होनी है। कई और शिक्षक, अधिकारी और लिपिक इस कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
दोषी मिलने पर शिक्षकों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी : बीएसए
बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एसटीएफ, एडीएम और बस्ती की टीमों ने जो भी रिकॉर्ड मांगा था, उन्हें दे दिया गया है। टीमों की जांच चल रही है। जांच में जितने भी शिक्षक दोषी मिलेंगे, उन्हें बर्खास्त कर केस दर्ज कराया जाएगा। फिलहाल, एसटीएफ ने जिन पांच शिक्षकों पर संदेह जताया है, उनका वेतन रोक दिया गया है।
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एसटीएफ कर रही तलाश, कई अन्य टीमें भी कर रहीं जांच
एसटीएफ ने बीएसए को 50 से अधिक शिक्षकों की सूची सौंपी
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। जिले में फर्जी शिक्षकों की जांच एसटीएफ समेत कई टीमें कर रही हैं। एसटीएफ की रडार पर आए पांच शिक्षक मोबाइल बंद कर फरार हैं। जांच की जद में आए फर्जी शिक्षकों में खलबली मची हुई है।
प्रदेश में 2011 के बाद हुए शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति का मामला प्रकाश में आने के बाद सरकार ने भर्ती प्रक्रिया की जांच एसटीएफ को सौंप दी। एसटीएफ हर जिले में फर्जी शिक्षकों की जांच कर रही है। सिद्धार्थनगर जिले मेें 150 फर्जी शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके है। इसी के साथ ही संतकबीरनगर जिले में अभी दो दिन पूर्व दूसरे शिक्षक के प्रमाण पत्र पर 11 साल से नौकरी कर रहे एक फर्जी शिक्षक रणजीत सिंह को बीएसए ने बर्खास्त किया है। फर्जी शिक्षकों के मामले की जांच एडीएम रणविजय सिंह और एएसपी असित श्रीवास्तव कर रहे हैं। एडीएम ने बीएसए से चिह्नित शिक्षकों का रिकॉर्ड भी लिया है। अभी जांच चल रही है। इधर, शासन के निर्देश पर संयुक्त विकास आयुक्त बस्ती मंडल और एडी बेसिक बस्ती मंडल भी जांच कर रहे हैं। एसटीएफ ने बीएसए को 50 से अधिक शिक्षकों की सूची सौंपी है और उनका रिकॉर्ड मांगा है। एसटीएफ नाथनगर के तीन और हैंसर ब्लॉक के दो शिक्षकों की पत्रावलियों की जांच कर रही है। इन शिक्षकों पर फर्जी तरीके से नौकरी करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि ये शिक्षक जांच शुरू होने के बाद से ही मोबाइल बंदकर फरार हैं। बीएसए ने इन शिक्षकों का वेतन भी रोका है। इन शिक्षकों पर जांच के बाद आगे की कार्रवाई होनी है। कई और शिक्षक, अधिकारी और लिपिक इस कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
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दोषी मिलने पर शिक्षकों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी : बीएसए
बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एसटीएफ, एडीएम और बस्ती की टीमों ने जो भी रिकॉर्ड मांगा था, उन्हें दे दिया गया है। टीमों की जांच चल रही है। जांच में जितने भी शिक्षक दोषी मिलेंगे, उन्हें बर्खास्त कर केस दर्ज कराया जाएगा। फिलहाल, एसटीएफ ने जिन पांच शिक्षकों पर संदेह जताया है, उनका वेतन रोक दिया गया है।
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