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Sant Kabir Nagar News: नेपाल में ओवरलोड बताकर 16 घंटे में चार भारतीय ट्रक रोका
Sun, 24 Mar 2024 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 24 Mar 2024 12:58 AM IST
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-पश्चिम क्षेत्र परिवहन व्यवसायी समिति ने नेपाल भंसार कार्यालय पर धरने की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/सोनौली। नेपाल रुपनदेही जिले के भंसार कार्यालय के बाहर बाईपास काठमांडो-पोखरा मार्ग पर ट्रक समिति के विरोध के बाद ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने भारतीय माल वाहक ट्रकों को ओवरलोड बताकर रोक दिया है। जबकि भारतीय ट्रांसपोर्टर और चालकों का कहना है कि माल अंडरलोड है। इस पेच में करीब चार भारतीय मालवाहक ट्रकों को 16 घंटे से रोक रखा है। उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं मिल रही है।
रूपनदेही के ट्रक व्यवसायियों ने भारत से मार्बल और अन्य सामान लेकर सोनौली बेलहिया सीमा के रास्ते काठमांडो और पोखरा जाने वाले चार ट्रकों को भैरहवा भंसार कार्यालय के बाहर शुक्रवार रात से रोक दिया है।
पश्चिम क्षेत्र परिवहन व्यवसायी समिति के अध्यक्ष टीकाराम गौतम ने कहा कि 12 दिसंबर को जिला प्रशासन कार्यालय रूपनदेही में लोड रेगुलेशन 2074 से संबंधित दिशा-निर्देशों को पूर्ण रूप से लागू करने पर सहमति बनी थी, लेकिन प्रशासन ने नहीं सुनी। इसके कारण उन्हें सड़क पर आकर विरोध करने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा, अगर भारतीय ट्रकों को 1,500 के जुर्माने पर देश भर में ओवरलोड ले जाने की अनुमति दी गई तो नेपाल में 45,000 ट्रक ड्राइवरों का निवेश डूब जाएगा और हजारों कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। इसलिए हमने भारतीय ट्रक को रोक दिया है और इस नियम का विरोध करेंगे।
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उन्होंने कहा कि सीमा शुल्क और जिला प्रशासन कार्यालय के दिशा निर्देशों को लागू करने तक ओवरलोड भारतीय ट्रकों को रोका जाएगा। अगर प्रशासन हम लोगों की मांग नहीं माना है तो भंसार कार्यालय पर धरना देंगे को मजबूर होंगे।
नेपाली ट्रांसपोर्टर का कहना है कि 150 ट्रक भैरहवा से काठमांडों और पोखरा सहित जिलों में माल परिवहन करते हैं। करीब 100 भारतीय ट्रक और 50 नेपाली ट्रक हैं। गाइडलाइन के मुताबिक क्षमता से अधिक सामान ले जाने वाले वाहनों के वजन की सीमा शुल्क चौकी पर जांच करने और अधिक वजन वाले सामान को उतारने का प्रावधान है। दिशा-निर्देशों के बिंदु संख्या 10 में कहा गया है कि निर्धारित क्षमता से अधिक माल ले जाने वाले वाहनों पर प्रचलित कानूनों के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा और अतिरिक्त माल के मालिक को ऐसे माल के भंडारण की व्यवस्था करनी होगी।
नेपाल में नहीं ले जा सकते 30 टन से अधिक सामान
ट्रक ट्रेडर्स एसोसिएशन के लुंबिनी प्रदेश अध्यक्ष यम प्रसाद पांडे ने कहा कि ओवरलोड भारतीय ट्रकों से भारी रकम लेकर वित्तीय प्रलोभन के कारण वेट पुल गाइडलाइन के कार्यान्वयन की उपेक्षा की गई। नेपाल में 30 टन से अधिक सामान नहीं ले जाया जा सकता। भले ही यह मानक नेपाल की सड़कों और पुलों की क्षमता के अनुसार निर्धारित किया जाता है, लेकिन जब भारतीय मालवाहक वाहनों में क्षमता से दोगुना माल ढोया जाता है, तो सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। लुंबिनी ट्रक कमेटी के महासचिव रुमखार गौतम ने कहा कि जब 96 टन तक सामान ले जाने वाले भारतीय ट्रकों पर ट्रैफिक पुलिस ने 1500 का जुर्माना लगाया और उन्हें नेपाल में प्रवेश करने की अनुमति दी, तो व्यवसायी संकट में पड़ गए क्योंकि उन्हें परिवहन कार्य नहीं मिलेगा।
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लुंबिनी राज्य के गृह मंत्री को सुनाई समस्या
व्यवसायियों लुंबिनी राज्य के गृह मंत्री संतोष पांडे से मुलाकात की और उनसे परिवहन के विनियमन के लिए दिशा निर्देशों के कार्यान्वयन में सहायता करने का अनुरोध किया। व्यवसायियों की समस्याएं सुनने के बाद गृह मंत्री ने संघीय मंत्रालय को समस्या से अवगत कराने और जिला प्रशासन व सीमा शुल्क कार्यालय को दिशा-निर्देश दिया।
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नेपाल और भारत ने मानक में फर्क
नेपाल परिवहन से संबंधित मौजूदा कानूनों के अनुसार, 6-पहिया ट्रक 9.6 टन, 10-पहिया ट्रक 16.2 टन, 12-पहिया ट्रक 21 टन, 14-पहिया ट्रक 25 टन और 18-पहिया ट्रक 25 टन से अधिक वजन नहीं ले जा सकते हैं। जबकि भारत में 16, 21, 28, 34 और 42 टन अंडर लोड माना जाता है। जिसके कारण जो गड़िया भारत में अंडर लोड चलती है वह नेपाल पहुंच कर ओवरलोड हो जाती है। ट्रक चालक कल्याण समिति नौतनवा अध्यक्ष पप्पू खान ने बताया कि भारतीय ट्रकों को रोकना गलत है। ट्रक चालक जुर्माना जमा करने के बाद जाते हैं फिर नेपाल एसोसिएशन जबरिया गाड़ियां रोक रहा है।
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/सोनौली। नेपाल रुपनदेही जिले के भंसार कार्यालय के बाहर बाईपास काठमांडो-पोखरा मार्ग पर ट्रक समिति के विरोध के बाद ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने भारतीय माल वाहक ट्रकों को ओवरलोड बताकर रोक दिया है। जबकि भारतीय ट्रांसपोर्टर और चालकों का कहना है कि माल अंडरलोड है। इस पेच में करीब चार भारतीय मालवाहक ट्रकों को 16 घंटे से रोक रखा है। उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं मिल रही है।
रूपनदेही के ट्रक व्यवसायियों ने भारत से मार्बल और अन्य सामान लेकर सोनौली बेलहिया सीमा के रास्ते काठमांडो और पोखरा जाने वाले चार ट्रकों को भैरहवा भंसार कार्यालय के बाहर शुक्रवार रात से रोक दिया है।
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पश्चिम क्षेत्र परिवहन व्यवसायी समिति के अध्यक्ष टीकाराम गौतम ने कहा कि 12 दिसंबर को जिला प्रशासन कार्यालय रूपनदेही में लोड रेगुलेशन 2074 से संबंधित दिशा-निर्देशों को पूर्ण रूप से लागू करने पर सहमति बनी थी, लेकिन प्रशासन ने नहीं सुनी। इसके कारण उन्हें सड़क पर आकर विरोध करने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा, अगर भारतीय ट्रकों को 1,500 के जुर्माने पर देश भर में ओवरलोड ले जाने की अनुमति दी गई तो नेपाल में 45,000 ट्रक ड्राइवरों का निवेश डूब जाएगा और हजारों कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। इसलिए हमने भारतीय ट्रक को रोक दिया है और इस नियम का विरोध करेंगे।
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उन्होंने कहा कि सीमा शुल्क और जिला प्रशासन कार्यालय के दिशा निर्देशों को लागू करने तक ओवरलोड भारतीय ट्रकों को रोका जाएगा। अगर प्रशासन हम लोगों की मांग नहीं माना है तो भंसार कार्यालय पर धरना देंगे को मजबूर होंगे।
नेपाली ट्रांसपोर्टर का कहना है कि 150 ट्रक भैरहवा से काठमांडों और पोखरा सहित जिलों में माल परिवहन करते हैं। करीब 100 भारतीय ट्रक और 50 नेपाली ट्रक हैं। गाइडलाइन के मुताबिक क्षमता से अधिक सामान ले जाने वाले वाहनों के वजन की सीमा शुल्क चौकी पर जांच करने और अधिक वजन वाले सामान को उतारने का प्रावधान है। दिशा-निर्देशों के बिंदु संख्या 10 में कहा गया है कि निर्धारित क्षमता से अधिक माल ले जाने वाले वाहनों पर प्रचलित कानूनों के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा और अतिरिक्त माल के मालिक को ऐसे माल के भंडारण की व्यवस्था करनी होगी।
नेपाल में नहीं ले जा सकते 30 टन से अधिक सामान
ट्रक ट्रेडर्स एसोसिएशन के लुंबिनी प्रदेश अध्यक्ष यम प्रसाद पांडे ने कहा कि ओवरलोड भारतीय ट्रकों से भारी रकम लेकर वित्तीय प्रलोभन के कारण वेट पुल गाइडलाइन के कार्यान्वयन की उपेक्षा की गई। नेपाल में 30 टन से अधिक सामान नहीं ले जाया जा सकता। भले ही यह मानक नेपाल की सड़कों और पुलों की क्षमता के अनुसार निर्धारित किया जाता है, लेकिन जब भारतीय मालवाहक वाहनों में क्षमता से दोगुना माल ढोया जाता है, तो सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। लुंबिनी ट्रक कमेटी के महासचिव रुमखार गौतम ने कहा कि जब 96 टन तक सामान ले जाने वाले भारतीय ट्रकों पर ट्रैफिक पुलिस ने 1500 का जुर्माना लगाया और उन्हें नेपाल में प्रवेश करने की अनुमति दी, तो व्यवसायी संकट में पड़ गए क्योंकि उन्हें परिवहन कार्य नहीं मिलेगा।
लुंबिनी राज्य के गृह मंत्री को सुनाई समस्या
व्यवसायियों लुंबिनी राज्य के गृह मंत्री संतोष पांडे से मुलाकात की और उनसे परिवहन के विनियमन के लिए दिशा निर्देशों के कार्यान्वयन में सहायता करने का अनुरोध किया। व्यवसायियों की समस्याएं सुनने के बाद गृह मंत्री ने संघीय मंत्रालय को समस्या से अवगत कराने और जिला प्रशासन व सीमा शुल्क कार्यालय को दिशा-निर्देश दिया।
नेपाल और भारत ने मानक में फर्क
नेपाल परिवहन से संबंधित मौजूदा कानूनों के अनुसार, 6-पहिया ट्रक 9.6 टन, 10-पहिया ट्रक 16.2 टन, 12-पहिया ट्रक 21 टन, 14-पहिया ट्रक 25 टन और 18-पहिया ट्रक 25 टन से अधिक वजन नहीं ले जा सकते हैं। जबकि भारत में 16, 21, 28, 34 और 42 टन अंडर लोड माना जाता है। जिसके कारण जो गड़िया भारत में अंडर लोड चलती है वह नेपाल पहुंच कर ओवरलोड हो जाती है। ट्रक चालक कल्याण समिति नौतनवा अध्यक्ष पप्पू खान ने बताया कि भारतीय ट्रकों को रोकना गलत है। ट्रक चालक जुर्माना जमा करने के बाद जाते हैं फिर नेपाल एसोसिएशन जबरिया गाड़ियां रोक रहा है।