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डेढ़ माह में एक ही सड़क पर दो बार हुआ काम
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डेढ़ माह में एक ही सड़क पर दो बार हुआ काम
पहले खड़ंजा मरम्मत, 45 दिन बाद बनवाया सीसीरोड
एडीपीआरओ की जांच में प्रधान और सचिव मिले दोषी
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। विकास खंड सेमरियावां के नौवाडीह द्वितीय में कराए गए विकास कार्यों के सत्यापन में वित्तीय अनियमितता उजागर हुई है। 45 दिनों के अंतराल में एक बार खड़ंजा मरम्मत के कार्य पर रकम का खर्च दर्शाया गया। फिर दोबारा उसी सड़क पर सीसीरोड निर्माण करा दिया गया। धन के दुरुपयोग के लिए प्रधान और सचिव दोषी पाए गए हैं।
एडीपीआरओ अरुण कुमार ने बताया कि सेमरियावां विकास खंड के ग्राम पंचायत नौवाडीह द्वितीय का निरीक्षण किया गया। गांव के पिचरोड से खबर (नाली) तक खंड़जा मरम्मत कार्य पर सामग्री मद में 66787 रुपये और श्रमांश मद में 44100 रुपये खर्च किया गया। दोबारा उसी स्थान पर 45 दिनों के बाद सीसी रोड का निर्माण कराया गया। सीसी रोड निर्माण में सामग्री मद में 2,15,138 रुपये और श्रमांश मद में 23,366 रुपये खर्च किया गया। दोनों कार्य एक ही वित्तीय वर्ष में 45 दिन के अंतर पर कराया गया। जांच में पता चला कि खंड़जा मरम्मत का कार्य फर्जी तरीके से कैशबुक में दर्शाकर 1,10,887 रुपये कूटरचित अभिलेख तैयार करके प्रधान और सचिव ने गबन कर लिया।
इसी तरह खबर से अरबिया मदरसा तक खड़ंजा मरम्मत कार्य पर सामग्री मद में 63149 रुपये और श्रमांश मद में 12250 रुपये खर्च किया गया। पुन: उसी स्थान पर 45 दिनों के बाद सीसी रोड निर्माण कराया गया। सीसी रोड निर्माण में सामग्री मद में 216326 रुपये और श्रमांश मद में 28742 रुपये खर्च किया गया। यह कार्य भी 45 दिनों के अंतराल में कराया गया। इसमें भी कूटरचित अभिलेख तैयार करके प्रधान और सचिव ने मिलकर 75399 रुपये का गबन कर लिया। कैशबुक के निरीक्षण में पाया गया कि निर्वाचन के समय मतदेय स्थल पर 18200 और 12000 रुपये खर्च किया गया है। जबकि उस समय में लोक सभा निर्वाचन कराया जा रहा था। मतदेय स्थल एवं मतदेय कर्मियों के लिए शासकीय बजट का प्रावधान होता है जिसका भुगतान जिला निर्वाचन अधिकारी के जरिए किया जाता है। प्रधान और सचिव ने मिलकर अनाधिकृत तरीके से अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 30200 रुपये शासकीय धनराशि का व्यय राज्य वित्त एवं 14वां वित्त के दिशा निर्देश के प्रतिकूल किया गया। जिसकी वसूली प्रधान और सचिव से किया जाना उचित होगा। इस संबंध में डीपीआरओ ने बताया कि सत्यापन रिपोर्ट डीएम, सीडीओ को प्रेषित कर दी गई है। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बताया कि सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पहले खड़ंजा मरम्मत, 45 दिन बाद बनवाया सीसीरोड
एडीपीआरओ की जांच में प्रधान और सचिव मिले दोषी
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। विकास खंड सेमरियावां के नौवाडीह द्वितीय में कराए गए विकास कार्यों के सत्यापन में वित्तीय अनियमितता उजागर हुई है। 45 दिनों के अंतराल में एक बार खड़ंजा मरम्मत के कार्य पर रकम का खर्च दर्शाया गया। फिर दोबारा उसी सड़क पर सीसीरोड निर्माण करा दिया गया। धन के दुरुपयोग के लिए प्रधान और सचिव दोषी पाए गए हैं।
एडीपीआरओ अरुण कुमार ने बताया कि सेमरियावां विकास खंड के ग्राम पंचायत नौवाडीह द्वितीय का निरीक्षण किया गया। गांव के पिचरोड से खबर (नाली) तक खंड़जा मरम्मत कार्य पर सामग्री मद में 66787 रुपये और श्रमांश मद में 44100 रुपये खर्च किया गया। दोबारा उसी स्थान पर 45 दिनों के बाद सीसी रोड का निर्माण कराया गया। सीसी रोड निर्माण में सामग्री मद में 2,15,138 रुपये और श्रमांश मद में 23,366 रुपये खर्च किया गया। दोनों कार्य एक ही वित्तीय वर्ष में 45 दिन के अंतर पर कराया गया। जांच में पता चला कि खंड़जा मरम्मत का कार्य फर्जी तरीके से कैशबुक में दर्शाकर 1,10,887 रुपये कूटरचित अभिलेख तैयार करके प्रधान और सचिव ने गबन कर लिया।
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इसी तरह खबर से अरबिया मदरसा तक खड़ंजा मरम्मत कार्य पर सामग्री मद में 63149 रुपये और श्रमांश मद में 12250 रुपये खर्च किया गया। पुन: उसी स्थान पर 45 दिनों के बाद सीसी रोड निर्माण कराया गया। सीसी रोड निर्माण में सामग्री मद में 216326 रुपये और श्रमांश मद में 28742 रुपये खर्च किया गया। यह कार्य भी 45 दिनों के अंतराल में कराया गया। इसमें भी कूटरचित अभिलेख तैयार करके प्रधान और सचिव ने मिलकर 75399 रुपये का गबन कर लिया। कैशबुक के निरीक्षण में पाया गया कि निर्वाचन के समय मतदेय स्थल पर 18200 और 12000 रुपये खर्च किया गया है। जबकि उस समय में लोक सभा निर्वाचन कराया जा रहा था। मतदेय स्थल एवं मतदेय कर्मियों के लिए शासकीय बजट का प्रावधान होता है जिसका भुगतान जिला निर्वाचन अधिकारी के जरिए किया जाता है। प्रधान और सचिव ने मिलकर अनाधिकृत तरीके से अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 30200 रुपये शासकीय धनराशि का व्यय राज्य वित्त एवं 14वां वित्त के दिशा निर्देश के प्रतिकूल किया गया। जिसकी वसूली प्रधान और सचिव से किया जाना उचित होगा। इस संबंध में डीपीआरओ ने बताया कि सत्यापन रिपोर्ट डीएम, सीडीओ को प्रेषित कर दी गई है। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बताया कि सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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