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कागज में चल रही थी फर्म, 284.53 लाख रुपये राजस्व की क्षति
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कागज में चल रही थी फर्म, 284.53 लाख रुपये राजस्व की क्षति
- फर्म के मालिक पर जालसाजी का केस दर्ज
- असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर ने की थी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। महुली क्षेत्र के हरिहरपुर में कागज में फर्म संचालित करके 284.53 लाख रुपये के राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है। असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य ने 24 नवंबर 2021 को इसकी जांच की तो मामले की जानकारी हुई। मंगलवार को असिस्टेंट कमिश्नर ने इस मामले में संबंधित फर्म के मालिक पर महुली थाने में जालसाजी का केस दर्ज कराया है।
असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्यकर रेंज-ए सूर्य प्रकाश ने तहरीर में बताया कि ज्वाइंट कमिश्नर के निर्देश पर 24 नवंबर 2021 को टीम के साथ महुली क्षेत्र में शशि इंटरप्राइजेज वार्ड नंबर सात मकान नंबर सोलह 16 धनघटा रोड हरिहरपुर की जांच करने पहुंचे। पता चला कि शशि इंटरप्राइजेज फर्म है ही नहीं। फर्म के मालिक की फोटो को लोगों से पहचान कराने की कोशिश की गई। लोगों ने फोटो को पहचानने से इनकार कर दिया।
जब टीम के साथ पंजीयन प्रोफाइल में घोषित आवासीय पता नखास चौक खूनीपुर गोरखपुर पहुंचे तो फर्म स्वामी के बड़े भाई रवि शर्मा से मुलाकात हुई। उन्होंने बताया कि वह मकान उनके पिता के नाम से है। वह केवल सपरिवार रहते हैं। उनका भाई शशि कांत शर्मा वार्ड नंबर 65 अशोक समोसा वाली गली (मुख्तार साहब का हाता) गोरखनाथ गोरखपुर में रहता है। उस पते पर जब टीम पहुंची तो शशिकांत शर्मा मिले। बताया कि उन्होंने कोई कंपनी नहीं बनाई है। उन्हें यह भी नहीं पता है कि कैसे जीएसटी में पंजीयन हो गया।
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असिस्टेंट कमिश्नर सूर्य प्रकाश ने बताया कि फर्जी शशि इंटर प्राइजेज फर्म से 1,070.42 लाख की खरीद और 535.19 लाख रुपये की बिक्री की गई है।
खरीद-बिक्री द्वारा 191.20 लाख व 93.33 लाख के साथ मिलाकर कुल 284.53 लाख राजकीय राजस्व क्षति पहुंचाई गई है। एसओ केडी सिंह ने बताया कि इस मामले में हरिहरपुर में स्थित शशि इंटरप्राइजेज वार्ड नंबर सात मकान नंबर 16 धनघटा रोड हरिहरपुर, खलीलाबाद के फर्म स्वामी शशिकांत शर्मा के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया गया। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा, आगे उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- फर्म के मालिक पर जालसाजी का केस दर्ज
- असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर ने की थी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। महुली क्षेत्र के हरिहरपुर में कागज में फर्म संचालित करके 284.53 लाख रुपये के राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है। असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य ने 24 नवंबर 2021 को इसकी जांच की तो मामले की जानकारी हुई। मंगलवार को असिस्टेंट कमिश्नर ने इस मामले में संबंधित फर्म के मालिक पर महुली थाने में जालसाजी का केस दर्ज कराया है।
असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्यकर रेंज-ए सूर्य प्रकाश ने तहरीर में बताया कि ज्वाइंट कमिश्नर के निर्देश पर 24 नवंबर 2021 को टीम के साथ महुली क्षेत्र में शशि इंटरप्राइजेज वार्ड नंबर सात मकान नंबर सोलह 16 धनघटा रोड हरिहरपुर की जांच करने पहुंचे। पता चला कि शशि इंटरप्राइजेज फर्म है ही नहीं। फर्म के मालिक की फोटो को लोगों से पहचान कराने की कोशिश की गई। लोगों ने फोटो को पहचानने से इनकार कर दिया।
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जब टीम के साथ पंजीयन प्रोफाइल में घोषित आवासीय पता नखास चौक खूनीपुर गोरखपुर पहुंचे तो फर्म स्वामी के बड़े भाई रवि शर्मा से मुलाकात हुई। उन्होंने बताया कि वह मकान उनके पिता के नाम से है। वह केवल सपरिवार रहते हैं। उनका भाई शशि कांत शर्मा वार्ड नंबर 65 अशोक समोसा वाली गली (मुख्तार साहब का हाता) गोरखनाथ गोरखपुर में रहता है। उस पते पर जब टीम पहुंची तो शशिकांत शर्मा मिले। बताया कि उन्होंने कोई कंपनी नहीं बनाई है। उन्हें यह भी नहीं पता है कि कैसे जीएसटी में पंजीयन हो गया।
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असिस्टेंट कमिश्नर सूर्य प्रकाश ने बताया कि फर्जी शशि इंटर प्राइजेज फर्म से 1,070.42 लाख की खरीद और 535.19 लाख रुपये की बिक्री की गई है।
खरीद-बिक्री द्वारा 191.20 लाख व 93.33 लाख के साथ मिलाकर कुल 284.53 लाख राजकीय राजस्व क्षति पहुंचाई गई है। एसओ केडी सिंह ने बताया कि इस मामले में हरिहरपुर में स्थित शशि इंटरप्राइजेज वार्ड नंबर सात मकान नंबर 16 धनघटा रोड हरिहरपुर, खलीलाबाद के फर्म स्वामी शशिकांत शर्मा के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया गया। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा, आगे उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।