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संतकबीरनगर में हादसा: एसएनसीयू के जार में लगी आग, नवजात झुलसा
Fri, 04 Nov 2022 02:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Nov 2022 02:38 PM IST
सार
जार में शार्ट सर्किट से आग लग गई। तौलिये में आग पकड़ने से धुआं उठने लगा। यह देख आस-पास के लोग दौड़े और किसी तरह बच्चे को तौलिये से अलग किया। इस दौरान बच्चे का चेहरा पूरी तरह से झुलस गया।
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जले हुए बच्चे की सूचना पर पहुंचे सीएमएस डॉ. ओपी चतुर्वेदी।
- फोटो : KHALILABAD
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विस्तार
संतकबीरनगर जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती नवजात के जार में शार्ट सर्किट से आग लग गई। जब तक लोग आग पर काबू पाते नवजात झुलस गया। बृहस्पतिवार को हुई इस घटना से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले को दबाने की भी कोशिश हुई।
बघौली ब्लॉक के छाछापार की रहने वाली लालती को बीते सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो उन्हें क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। नवजात को कुछ दिक्कत होने से पीएचसी के चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल के एसएनसीयू में रखने की सलाह दी। इसपर परिजन सोमवार शाम नवजात को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और उसे एसएनसीयू में भर्ती कराया। जहां बच्चे को तौलिये में लपेट कर जार में रखा गया।
बृहस्पतिवार को जार में शार्ट सर्किट से आग लग गई। तौलिये में आग पकड़ने से धुआं उठने लगा। यह देख आस-पास के लोग दौड़े और किसी तरह बच्चे को तौलिये से अलग किया। इस दौरान बच्चे का चेहरा पूरी तरह से झुलस गया। नवजात की दादी चंद्रावती ने बताया कि बच्चे का शरीर कई जगह झुलसा हुआ है। डॉक्टर दबाव बना रहे हैं कि मेडिकल कॉलेज ले जाओ, इलाज नहीं हो पाएगा।
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किसी भी नवजात के जलने की सूचना नहीं है। जिसकी बात की जा रही है, उसे कुछ दिक्कत थी तो उसे भर्ती किया गया था। उसका इलाज चल रहा है। नवजात के जलने की सूचना पूरी तरह से गलत है।- डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस
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बघौली ब्लॉक के छाछापार की रहने वाली लालती को बीते सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो उन्हें क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। नवजात को कुछ दिक्कत होने से पीएचसी के चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल के एसएनसीयू में रखने की सलाह दी। इसपर परिजन सोमवार शाम नवजात को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और उसे एसएनसीयू में भर्ती कराया। जहां बच्चे को तौलिये में लपेट कर जार में रखा गया।
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बृहस्पतिवार को जार में शार्ट सर्किट से आग लग गई। तौलिये में आग पकड़ने से धुआं उठने लगा। यह देख आस-पास के लोग दौड़े और किसी तरह बच्चे को तौलिये से अलग किया। इस दौरान बच्चे का चेहरा पूरी तरह से झुलस गया। नवजात की दादी चंद्रावती ने बताया कि बच्चे का शरीर कई जगह झुलसा हुआ है। डॉक्टर दबाव बना रहे हैं कि मेडिकल कॉलेज ले जाओ, इलाज नहीं हो पाएगा।
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किसी भी नवजात के जलने की सूचना नहीं है। जिसकी बात की जा रही है, उसे कुछ दिक्कत थी तो उसे भर्ती किया गया था। उसका इलाज चल रहा है। नवजात के जलने की सूचना पूरी तरह से गलत है।- डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस