{"_id":"6620301d184e6fab3c0d9f44","slug":"fire-breaks-out-again-in-chaprapurvi-village-60-bigha-crop-ashes-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-112972-2024-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: चपरापूर्वी गांव में फिर लगी आग, 60 बीघा फसल राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: चपरापूर्वी गांव में फिर लगी आग, 60 बीघा फसल राख
Thu, 18 Apr 2024 01:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 18 Apr 2024 01:55 AM IST
विज्ञापन
धनघटा क्षेत्र के चपरा पूर्वी गांव के सिवान में लगी आग से जल रहा डंठल। संवाद
पांच घंटे की मशक्क्त के बाद दमकल की चार गाड़ियों ने आग पर काबू पाया
- तीन किलोमीटर के दायरे में फसल को जली
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। मंगलवार को आठ किलोमीटर के दायरे में फसल व डंठल को जलाकर राख करने वाली आग ने बुधवार की सुबह धनघटा-बिड़हरघाट मार्ग पार करके चपरा पूर्वी गांव में कहर बरपाया। गांव को बचाने में भले ही ग्रामीण व दमकलकर्मी सफल हो गए, लेकिन फसल और डंठल को बचाया नहीं जा सका। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की चार गाड़ियां पांच घंटे बाद आग पर काबू पा सकीं।
गांववालों का कहना है कि मंगलवार को नारायणपुर गांव से लगी आग चपरा पूर्वी गांव के खाले पूरवा टोला के पास धनघटा-बिड़हर घाट मार्ग के बगल में आकर बुझाई गई थी। आग की राख में कहीं चिंगारी रह गई, जिसने पूरी रात धीरे-धीरे सुलगते हुए सड़क को पार कर चपरा पूर्वी गांव में विकराल रूप धारण कर लिया। सुबह सात बजे से लगी आग दोपहर 12 बजे बुझाई गई। पांच घंटे में आग फैलती हुई तीन किलोमीटर के दायरे को अपनी चपेट में ले लिया।
इसमें राधेश्याम, घनश्याम, सजन लाल, रामप्रसाद, जनक, झिनक, सीताराम, मनोहर, रामकृपाल, जनार्दन, मधुबन, सूरज समेत 25 किसानों की 60 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख में तब्दील हो गई। दमकलकर्मी व ग्रामीणों के प्रयास से आग पर किसी तरह से काबू पाया जा सका।
विज्ञापन
पशुपालकों के सामने चारे का संकट
धनघटा। क्षेत्र में दो दिनों से आग ने कहर बरपाया है। इसी के साथ सैकड़ों एकड़ डंठल जल गई। पशुपालक राम ललित, महादेव, विश्वनाथ, घर भरन, जय श्याम, रामकिशुन आदि का कहना है कि पशुओं को खिलाने के लिए जबरदस्त चारा का संकट खड़ा हो गया है। बरसात के समय बाढ़ के कारण पुआल नष्ट हो गया था। तो अब आग ने कहर बरपाया है। पशुओं को खिलाने के लिए चारे की व्यवस्था कहां से कैसे करें ये समझ में नहीं आ रही आ रही है। चारे के संकट के कारण अब पशुओं को औने-पौने दाम पर बेचना पड़ सकता है।
ग्राम प्रधान हरिराम यादव ने बताया कि दो दिनों में अगलगी की घटना से बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई लोग नहीं कर पाएंगे। प्रशासन को किसानों को मुआवजा तो देना ही चाहिए। साथ ही डंठल जलने के कारण जो किसान भूसा नहीं बनवा पा रहे हैं उनके लिए भी कोई प्रबंध करना चाहिए।
अज्ञात कारणों से लगी आग 40 बीघा डंठल जली
धर्मसिंहवा। क्षेत्र के सुकरौली व पटना खास गांव में बुधवार को अज्ञात कारणों से लगी आग में करीब 40 बीघा डंठल जल गई। तेज हवा से आग रिहायशी क्षेत्र की तरफ बढ़ता देख क्षेत्र के ग्रामीण तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने में जुट गए। इसी बीच किसी ने फायर ब्रिगेड व पुलिस को भी सूचना दे दी। सूचना पर फायर ब्रिगेड टीम पहुंची लेकिन इससे पहले ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया था। ग्रामीणों का कहना था कि खेतों में पड़े डंठल पशुओं के लिए भूसा बनाने के लिए छोड़ा गया था। अचानक आग लग जाने से सब जल गया।
विज्ञापन
- तीन किलोमीटर के दायरे में फसल को जली
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। मंगलवार को आठ किलोमीटर के दायरे में फसल व डंठल को जलाकर राख करने वाली आग ने बुधवार की सुबह धनघटा-बिड़हरघाट मार्ग पार करके चपरा पूर्वी गांव में कहर बरपाया। गांव को बचाने में भले ही ग्रामीण व दमकलकर्मी सफल हो गए, लेकिन फसल और डंठल को बचाया नहीं जा सका। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की चार गाड़ियां पांच घंटे बाद आग पर काबू पा सकीं।
गांववालों का कहना है कि मंगलवार को नारायणपुर गांव से लगी आग चपरा पूर्वी गांव के खाले पूरवा टोला के पास धनघटा-बिड़हर घाट मार्ग के बगल में आकर बुझाई गई थी। आग की राख में कहीं चिंगारी रह गई, जिसने पूरी रात धीरे-धीरे सुलगते हुए सड़क को पार कर चपरा पूर्वी गांव में विकराल रूप धारण कर लिया। सुबह सात बजे से लगी आग दोपहर 12 बजे बुझाई गई। पांच घंटे में आग फैलती हुई तीन किलोमीटर के दायरे को अपनी चपेट में ले लिया।
विज्ञापन
इसमें राधेश्याम, घनश्याम, सजन लाल, रामप्रसाद, जनक, झिनक, सीताराम, मनोहर, रामकृपाल, जनार्दन, मधुबन, सूरज समेत 25 किसानों की 60 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख में तब्दील हो गई। दमकलकर्मी व ग्रामीणों के प्रयास से आग पर किसी तरह से काबू पाया जा सका।
विज्ञापन
पशुपालकों के सामने चारे का संकट
धनघटा। क्षेत्र में दो दिनों से आग ने कहर बरपाया है। इसी के साथ सैकड़ों एकड़ डंठल जल गई। पशुपालक राम ललित, महादेव, विश्वनाथ, घर भरन, जय श्याम, रामकिशुन आदि का कहना है कि पशुओं को खिलाने के लिए जबरदस्त चारा का संकट खड़ा हो गया है। बरसात के समय बाढ़ के कारण पुआल नष्ट हो गया था। तो अब आग ने कहर बरपाया है। पशुओं को खिलाने के लिए चारे की व्यवस्था कहां से कैसे करें ये समझ में नहीं आ रही आ रही है। चारे के संकट के कारण अब पशुओं को औने-पौने दाम पर बेचना पड़ सकता है।
ग्राम प्रधान हरिराम यादव ने बताया कि दो दिनों में अगलगी की घटना से बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई लोग नहीं कर पाएंगे। प्रशासन को किसानों को मुआवजा तो देना ही चाहिए। साथ ही डंठल जलने के कारण जो किसान भूसा नहीं बनवा पा रहे हैं उनके लिए भी कोई प्रबंध करना चाहिए।
अज्ञात कारणों से लगी आग 40 बीघा डंठल जली
धर्मसिंहवा। क्षेत्र के सुकरौली व पटना खास गांव में बुधवार को अज्ञात कारणों से लगी आग में करीब 40 बीघा डंठल जल गई। तेज हवा से आग रिहायशी क्षेत्र की तरफ बढ़ता देख क्षेत्र के ग्रामीण तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने में जुट गए। इसी बीच किसी ने फायर ब्रिगेड व पुलिस को भी सूचना दे दी। सूचना पर फायर ब्रिगेड टीम पहुंची लेकिन इससे पहले ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया था। ग्रामीणों का कहना था कि खेतों में पड़े डंठल पशुओं के लिए भूसा बनाने के लिए छोड़ा गया था। अचानक आग लग जाने से सब जल गया।