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Sant Kabir Nagar News: फर्जी वसीयतनामा के मामले में पांच भाइयों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश
Mon, 01 Dec 2025 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 01 Dec 2025 12:57 AM IST
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संतकबीरनगर। न्यायिक मजिस्ट्रेट भारती तायल की अदालत ने मृतक का हस्ताक्षर बनाकर फर्जी वसीयतनामा तैयार करने के मामले में पांच भाइयों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोपी भाइयों ने उनकी संपत्ति हड़पने के लिए एसडीएम धनघटा कोर्ट में वाद दाखिल किया था। मामले में पांच भाइयों (सुमित्रा नंदन, कौशल्या नंदन, यशोदा नंदन, शत्रुघ्न, अनिल कुमार) के विरुद्ध थानाध्यक्ष धनघटा को केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
थाना महुली के कलान निवासी सुनील कुमार पांडेय ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से 20 नवंबर 2025 को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। आरोप लगाया कि कमला प्रसाद की मृत्यु के उपरांत सुमित्रानंदन, कौशल्यानंदन, यशोदा नंदन, शत्रुघ्न, अनिल कुमार ने 4 सितंबर 1997 की तिथि में कमला प्रसाद की संपत्ति हड़पने की बदनीयत से कूटरचित वसीयतनामा तैयार कराया। उसके आधार पर 17 जून 2025 को एसडीएम धनघटा कोर्ट में वाद दाखिल किया कि कमला प्रसाद की संपूर्ण संपत्ति पांचों भाइयों को मिलनी चाहिए। जबकि मृतक कमला प्रसाद की संपत्ति 5 मई 1998 को ही उसके पिता दयाशंकर व आरोपी पांचों भाइयों के पिता मुरलीधर को मिल चुकी है।
फोरेंसिक एक्सपर्ट से जांच कराने पर अपंजीकृत वसीयत पर मृतक कमला प्रसाद के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। पीड़ित ने इसकी शिकायत 15 नवंबर 2025 को एसपी से की। कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत का दरवाजा खटखटाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट भारती तायल की अदालत ने धनघटा थाना क्षेत्र के पांचों भाइयों सुमित्रानंदन, कौशल्या नंदन, यशोदा नंदन, शत्रुघ्न, अनिल कुमार के विरुद्ध सुसंगत अधिनियम व धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।
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थाना महुली के कलान निवासी सुनील कुमार पांडेय ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से 20 नवंबर 2025 को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। आरोप लगाया कि कमला प्रसाद की मृत्यु के उपरांत सुमित्रानंदन, कौशल्यानंदन, यशोदा नंदन, शत्रुघ्न, अनिल कुमार ने 4 सितंबर 1997 की तिथि में कमला प्रसाद की संपत्ति हड़पने की बदनीयत से कूटरचित वसीयतनामा तैयार कराया। उसके आधार पर 17 जून 2025 को एसडीएम धनघटा कोर्ट में वाद दाखिल किया कि कमला प्रसाद की संपूर्ण संपत्ति पांचों भाइयों को मिलनी चाहिए। जबकि मृतक कमला प्रसाद की संपत्ति 5 मई 1998 को ही उसके पिता दयाशंकर व आरोपी पांचों भाइयों के पिता मुरलीधर को मिल चुकी है।
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फोरेंसिक एक्सपर्ट से जांच कराने पर अपंजीकृत वसीयत पर मृतक कमला प्रसाद के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। पीड़ित ने इसकी शिकायत 15 नवंबर 2025 को एसपी से की। कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत का दरवाजा खटखटाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट भारती तायल की अदालत ने धनघटा थाना क्षेत्र के पांचों भाइयों सुमित्रानंदन, कौशल्या नंदन, यशोदा नंदन, शत्रुघ्न, अनिल कुमार के विरुद्ध सुसंगत अधिनियम व धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।
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