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कबीर ने सर्वसमाज को एक धागे में पिरोने का कार्य किया-अखिलेंद्र
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मगहर कबीर समाधि पर दर्शन करने के बाद अभिनेता अखिलेंद्र मिश्र को पुस्तक भेंटकरते महंत विचार दास ।
- फोटो : KHALILABAD
कबीर ने सर्वसमाज को एक धागे में पिरोने का कार्य किया-अखिलेंद्र
- समाधि व मजार का दर्शन कर लिया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। कबीर ने जाति-पाति, भेदभाव व समाज में फैली कुरीतियों से जीवन भर संघर्ष किया। उन्होंने सर्व समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। उनके दोहे, चौपाइयों के एक-एक शब्द हमारे जीवन में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। उनकी कही हुई वाणी को आत्मसात कर जीवन को सफल बना सकते हैं।
यह बातें शनिवार को टीवी सीरियल चंद्रकांता में क्रूर सिंह की भूमिका निभाने वाले कलाकार व अभिनेता अखिलेंद्र मिश्र ने कबीर की समाधि व मजार का दर्शन करने के बाद कहीं। उन्होंने कहा कि यहां आकर काफी सुकून महसूस हो रहा है। यह सांप्रदायिक एकता की अनूठी मिसाल है। उन्होंने कहा कि समाधि व मजार के बीच बनी जाली को भी हटा देना चाहिए। कबीर सत्यवादी, मानवता के प्रतिमूर्ति थे। इससे पूर्व उन्होंने महंत विचारदास से कबीर स्थली व कबीर के बारे में विस्तार से चर्चा की। साथ ही महंत विचारदास ने कबीर साहेब से संबंधित एक पुस्तक भी भेंट की। इस मौके पर डॉक्टर हरिशरण शास्त्री, संत केशव दास, शांति दास पुजारी, संत अरविंद दास शास्त्री, विनोद दास, रामसरन दास, मजार के मोतवल्ली खादमि हुसैन मौजूद रहे।
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- समाधि व मजार का दर्शन कर लिया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। कबीर ने जाति-पाति, भेदभाव व समाज में फैली कुरीतियों से जीवन भर संघर्ष किया। उन्होंने सर्व समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। उनके दोहे, चौपाइयों के एक-एक शब्द हमारे जीवन में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। उनकी कही हुई वाणी को आत्मसात कर जीवन को सफल बना सकते हैं।
यह बातें शनिवार को टीवी सीरियल चंद्रकांता में क्रूर सिंह की भूमिका निभाने वाले कलाकार व अभिनेता अखिलेंद्र मिश्र ने कबीर की समाधि व मजार का दर्शन करने के बाद कहीं। उन्होंने कहा कि यहां आकर काफी सुकून महसूस हो रहा है। यह सांप्रदायिक एकता की अनूठी मिसाल है। उन्होंने कहा कि समाधि व मजार के बीच बनी जाली को भी हटा देना चाहिए। कबीर सत्यवादी, मानवता के प्रतिमूर्ति थे। इससे पूर्व उन्होंने महंत विचारदास से कबीर स्थली व कबीर के बारे में विस्तार से चर्चा की। साथ ही महंत विचारदास ने कबीर साहेब से संबंधित एक पुस्तक भी भेंट की। इस मौके पर डॉक्टर हरिशरण शास्त्री, संत केशव दास, शांति दास पुजारी, संत अरविंद दास शास्त्री, विनोद दास, रामसरन दास, मजार के मोतवल्ली खादमि हुसैन मौजूद रहे।
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