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Sant Kabir Nagar News: कटोरी या चम्मच से पिलाएं दूध, बच्चा रहेगा स्वस्थ
Mon, 30 Dec 2024 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 30 Dec 2024 11:40 PM IST
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जिला अस्पताल के ओपीडी में बच्चे का इलाज करते बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सुनील कुमार।
संतकबीरनगर। मौसम में बदलाव होते ही नौनिहालों के बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है। अभिभावकों की जरा सी लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ जाती है।
बच्चे कोल्ड डायरिया की चपेट में आ जाते है, ऐसे मौसम में बच्चों को बोतल से दूध नहीं पिलाना चाहिए, कटोरी चम्मच या गिलास के जरिये दूध पिलाएं, तो स्वास्थ्य दृष्टिकोण से बेहतर होगा।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार का कहना है कि बच्चों को बोतल से दूध नहीं पिलाना चाहिए।
उन्हें कटोरी, चम्मच या ग्लास के जरिये दूध पिलाएं, तो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बेहतर होंगे। बीते कुछ दिनों से मौसम में बदलाव हुआ है। इससे ठंड की आमद तेजी से बढ़ी है। इससे बच्चों में सर्दी, जुकाम, कोल्ड डायरिया, निमोनिया सहित अन्य बीमारी होने की आशंका बढ़ गई।
उन्होंने बताया कि ओपीडी में दो से तीन बच्चे कोल्ड डायरिया के आ रहे हैं। खासकर न्यूवार्न यानी तीन माह तक के बच्चों के प्रति ठंड के मौसम में विशेष सजगता रखने की जरूरत है। तापमान में जरा सा उतार चढ़ाव होने पर बच्चे तुरंत बीमार पड़ते हैं। चिकित्सकीय सलाह पर ही बच्चों का उपचार कराए। यदि बोतल से दूध पिला भी रही हैं, तो उसे गुनगुने पानी में अच्छे से घुलना चाहिए।
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बच्चे कोल्ड डायरिया की चपेट में आ जाते है, ऐसे मौसम में बच्चों को बोतल से दूध नहीं पिलाना चाहिए, कटोरी चम्मच या गिलास के जरिये दूध पिलाएं, तो स्वास्थ्य दृष्टिकोण से बेहतर होगा।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार का कहना है कि बच्चों को बोतल से दूध नहीं पिलाना चाहिए।
उन्हें कटोरी, चम्मच या ग्लास के जरिये दूध पिलाएं, तो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बेहतर होंगे। बीते कुछ दिनों से मौसम में बदलाव हुआ है। इससे ठंड की आमद तेजी से बढ़ी है। इससे बच्चों में सर्दी, जुकाम, कोल्ड डायरिया, निमोनिया सहित अन्य बीमारी होने की आशंका बढ़ गई।
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उन्होंने बताया कि ओपीडी में दो से तीन बच्चे कोल्ड डायरिया के आ रहे हैं। खासकर न्यूवार्न यानी तीन माह तक के बच्चों के प्रति ठंड के मौसम में विशेष सजगता रखने की जरूरत है। तापमान में जरा सा उतार चढ़ाव होने पर बच्चे तुरंत बीमार पड़ते हैं। चिकित्सकीय सलाह पर ही बच्चों का उपचार कराए। यदि बोतल से दूध पिला भी रही हैं, तो उसे गुनगुने पानी में अच्छे से घुलना चाहिए।
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