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बेटे के हत्यारे पिता को आजीवन कारावास
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बेटे की हत्या में पिता को आजीवन कारावास
संतकबीरनगर। तीन साल पूर्व धर्मसिंहवा क्षेत्र के हरैया गांव में बेटे की हत्या करने के आरोपी पिता को जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयशंकर मिश्रा ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की रकम अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
हरैया निवासी राम अधीन तिवारी ने 15 मई 2016 को तहरीर दी कि वह प्रधान पति हैं। रात में गांव की हरिजन बस्ती में रामजीत के बेटे विनोद से पत्नी की विदाई को लेकर तकरार हुई। बाद में बेटे की पिता रामजीत से कहासुनी के साथ काफी नोकझोंक हुई थी। उसी विवाद को लेकर सोते समय धारदार हथियार से मारकर रामजीत ने अपने बेटे विनोद की हत्या कर दी और रात में ही फरार हो गया। भागते समय गांव के तमाम लोगों ने देखा। मामले में पुलिस ने आरोपी पिता पर हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया। विवेचना एसआई दद्दन सिंह ने प्रारंभ की तथा शेष विवेचना प्रभारी निरीक्षक रमाशंकर रावत ने पूर्ण की। विवेचक की ओर से न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया तथा अभियोजन द्वारा 11 गवाहों को प्रस्तुत किया गया। अभियोजन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद राय ने बहस की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयशंकर मिश्र ने अभियुक्त पिता रामजीत को हत्या का दोषी मानते हुए कठोर आजीवन कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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संतकबीरनगर। तीन साल पूर्व धर्मसिंहवा क्षेत्र के हरैया गांव में बेटे की हत्या करने के आरोपी पिता को जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयशंकर मिश्रा ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की रकम अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
हरैया निवासी राम अधीन तिवारी ने 15 मई 2016 को तहरीर दी कि वह प्रधान पति हैं। रात में गांव की हरिजन बस्ती में रामजीत के बेटे विनोद से पत्नी की विदाई को लेकर तकरार हुई। बाद में बेटे की पिता रामजीत से कहासुनी के साथ काफी नोकझोंक हुई थी। उसी विवाद को लेकर सोते समय धारदार हथियार से मारकर रामजीत ने अपने बेटे विनोद की हत्या कर दी और रात में ही फरार हो गया। भागते समय गांव के तमाम लोगों ने देखा। मामले में पुलिस ने आरोपी पिता पर हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया। विवेचना एसआई दद्दन सिंह ने प्रारंभ की तथा शेष विवेचना प्रभारी निरीक्षक रमाशंकर रावत ने पूर्ण की। विवेचक की ओर से न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया तथा अभियोजन द्वारा 11 गवाहों को प्रस्तुत किया गया। अभियोजन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद राय ने बहस की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयशंकर मिश्र ने अभियुक्त पिता रामजीत को हत्या का दोषी मानते हुए कठोर आजीवन कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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