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Sant Kabir Nagar News: गैर इरादतन हत्या के मामले में 14 वर्ष बाद पिता-पुत्र दोषमुक्त
Sun, 05 Oct 2025 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 05 Oct 2025 11:58 PM IST
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संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपी लालजी व बबलू (पिता-पुत्र) को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिए।
थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम दुलमपुर निवासी संजय कुमार ने थाना धनघटा में तहरीर दी कि 4 जुलाई 2011 की शाम 6 बजे उसके पिता तथा गांव निवासी आरोपी लालजी से कह-सुनी विवाद हो गई। आरोप लगाया कि इसी विवाद के कारण एक घंटे बाद उसके पिता को नेतवापुर रोड के पास लालजी और उसके पुत्र बबलू मारने-पीटने लगे। इससे उसके पिता वहीं गिर पड़े और उनकी मृत्यु हो गई।
मामले में थाना धनघटा में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के उपरांत आरोपी पिता पुत्र के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की अदालत में आरोपियों ने आरोप से इन्कार करते हुए विचारण की मांग की। मामले में अभियोजन पक्ष ने वादी मुकदमा व अन्य गवाहों की गवाही कराई।
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सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की अदालत ने पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य तथा अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपियों पर आरोप साबित करने में असफल रहने पर साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ पाते हुए थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम दुलमपुर निवासी पिता-पुत्र को दोषमुक्त कर दिए।
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थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम दुलमपुर निवासी संजय कुमार ने थाना धनघटा में तहरीर दी कि 4 जुलाई 2011 की शाम 6 बजे उसके पिता तथा गांव निवासी आरोपी लालजी से कह-सुनी विवाद हो गई। आरोप लगाया कि इसी विवाद के कारण एक घंटे बाद उसके पिता को नेतवापुर रोड के पास लालजी और उसके पुत्र बबलू मारने-पीटने लगे। इससे उसके पिता वहीं गिर पड़े और उनकी मृत्यु हो गई।
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मामले में थाना धनघटा में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के उपरांत आरोपी पिता पुत्र के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की अदालत में आरोपियों ने आरोप से इन्कार करते हुए विचारण की मांग की। मामले में अभियोजन पक्ष ने वादी मुकदमा व अन्य गवाहों की गवाही कराई।
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सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की अदालत ने पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य तथा अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपियों पर आरोप साबित करने में असफल रहने पर साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ पाते हुए थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम दुलमपुर निवासी पिता-पुत्र को दोषमुक्त कर दिए।