{"_id":"6702dcd1980850aaa8061584","slug":"farmers-wait-for-compensation-for-crops-destroyed-by-floods-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-121864-2024-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: बाढ़ से नष्ट हुई फसल के मुआवजे का किसानों को इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: बाढ़ से नष्ट हुई फसल के मुआवजे का किसानों को इंतजार
Mon, 07 Oct 2024 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 07 Oct 2024 12:24 AM IST
विज्ञापन
- तहसीलदार ने कहा पानी की वजह से नहीं हो पा रहा सर्वे का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र में सरयू नदी की बाढ़ से नष्ट हुई फसलों के मुआवजे का इंतजार किसान बेसब्री के साथ कर रहे हैं। लेकिन अभी खेतों में पानी होने की वजह से तहसील प्रशासन सर्वे कार्य शुरू नहीं हो सका है। जिससे किसानों को मुआवजा पाने का इंतजार करना पड़ सकता है।
तहसील प्रशासन का कहना है कि सरयू नदी की बाढ़ से क्षेत्र के 20 गांव के 2100 परिवार प्रभावित हुए थे। जिनमें राहत सामग्री बांटा जा चुका है, लेकिन बाढ़ की वजह से कितना हेक्टेयर फसल नष्ट हुई है। इसकी जानकारी तहसील प्रशासन को अभी तक नहीं हो सकी है।
उधर आगापुर गुलरिहा गांव के प्रधान एवं किसान राम सुरेश, लाल बहादुर, राम फेर, विजय कुमार, उदयभान, आनंद स्वरूप, कृष्ण कुमार, अछैबर, राम अजोर आदि का कहना है कि बाढ़ की वजह से तहसील क्षेत्र के पश्चिमी छोर पर स्थित नारायणपुर गांव से लेकर पूर्वी छोर पर बसे गायघाट दक्षिणी तक करीब आठ किलोमीटर चौड़ाई में 32 किलोमीटर लंबाई में बोई गई फसल बाढ़ की वजह से पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
विज्ञापन
इस बार अभी तक लेखपाल नुकसान हुई फसलों का आकलन ही नहीं कर रहे हैं, जबकि किसानों की खेती का रिकॉर्ड हल्का लेखपालों के पास मौजूद रहता है। किसानों का कहना है कि अभी तक सर्वे कार्य शुरू नहीं कराए जाने के पीछे अधिकारियों की मंशा मुआवजा देने के प्रति ठीक नहीं दिखाई दे रही है। अब से सर्वे कार्य शुरू किया जाए तभी कार्य को पूर्ण होने और रिकॉर्ड बनाने में महीनों का समय लग सकता है।
00000000000
कोट
अभी बाढ़ प्रभावित खेतों में पानी भरा हुआ है। पानी में घुसकर सर्वे कार्य नहीं किया जा सकता है। पानी सूखने के बाद सर्वे कराकर किसानों के नुकसान हुए फसलों का आकलन किया जाएगा। उसके बाद मुआवजा राशि अवश्य दी जाएगी।
- योगेंद्र पांडेय, तहसीलदार, धनघटा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र में सरयू नदी की बाढ़ से नष्ट हुई फसलों के मुआवजे का इंतजार किसान बेसब्री के साथ कर रहे हैं। लेकिन अभी खेतों में पानी होने की वजह से तहसील प्रशासन सर्वे कार्य शुरू नहीं हो सका है। जिससे किसानों को मुआवजा पाने का इंतजार करना पड़ सकता है।
तहसील प्रशासन का कहना है कि सरयू नदी की बाढ़ से क्षेत्र के 20 गांव के 2100 परिवार प्रभावित हुए थे। जिनमें राहत सामग्री बांटा जा चुका है, लेकिन बाढ़ की वजह से कितना हेक्टेयर फसल नष्ट हुई है। इसकी जानकारी तहसील प्रशासन को अभी तक नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
उधर आगापुर गुलरिहा गांव के प्रधान एवं किसान राम सुरेश, लाल बहादुर, राम फेर, विजय कुमार, उदयभान, आनंद स्वरूप, कृष्ण कुमार, अछैबर, राम अजोर आदि का कहना है कि बाढ़ की वजह से तहसील क्षेत्र के पश्चिमी छोर पर स्थित नारायणपुर गांव से लेकर पूर्वी छोर पर बसे गायघाट दक्षिणी तक करीब आठ किलोमीटर चौड़ाई में 32 किलोमीटर लंबाई में बोई गई फसल बाढ़ की वजह से पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
विज्ञापन
इस बार अभी तक लेखपाल नुकसान हुई फसलों का आकलन ही नहीं कर रहे हैं, जबकि किसानों की खेती का रिकॉर्ड हल्का लेखपालों के पास मौजूद रहता है। किसानों का कहना है कि अभी तक सर्वे कार्य शुरू नहीं कराए जाने के पीछे अधिकारियों की मंशा मुआवजा देने के प्रति ठीक नहीं दिखाई दे रही है। अब से सर्वे कार्य शुरू किया जाए तभी कार्य को पूर्ण होने और रिकॉर्ड बनाने में महीनों का समय लग सकता है।
00000000000
कोट
अभी बाढ़ प्रभावित खेतों में पानी भरा हुआ है। पानी में घुसकर सर्वे कार्य नहीं किया जा सकता है। पानी सूखने के बाद सर्वे कराकर किसानों के नुकसान हुए फसलों का आकलन किया जाएगा। उसके बाद मुआवजा राशि अवश्य दी जाएगी।
- योगेंद्र पांडेय, तहसीलदार, धनघटा