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कहीं सूखी पड़ी हैं नहरें तो नलकूपों से अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना हुआ मुश्किल

Mon, 18 Jul 2022 12:39 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jul 2022 12:39 AM IST
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कहीं सूखी पड़ी हैं नहरें तो नलकूपों से अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना हुआ मुश्किल
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- महज 35 फीसदी हुई बारिश, सूूख रही खेती ने बढ़ाई किसानों की चिंता
- फसल बचाने के लिए महंगे डीजल खरीदने को मजबूर हैं अन्नदाता
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले के अन्नदाता एक बार फिर मुश्किल में हैं। खरीफ की फसल सूख रही है तो बदहाल सिंचाई व्यवस्था किसानों की चिंता बढ़ा रही है। 13 जुलाई तक के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में औसत से महज 35 फीसदी ही बारिश हुई है। ऐसे में नहरों व नलकूपों पर निर्भरता बढ़ गई है, लेकिन कहीं नहरें सूखी पड़ी हैं तो नलकूपों से भी अंमि छोर तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो रहा है।
सिंचाई संसाधन की बात करें तो जिले में सरयू नहर है। इस नहर का लोकार्पण छह माह पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बलरामपुर में किया था। लोगों को उम्मीद थी कि इस नहर से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी, लेकिन कई जगह नहर अब भी आधी-अधूरी है। इसमें खलीलाबाद विकास खंड के पखुआपार, धवरिया, निचौरा और गड़सरपार आदि क्षेत्र शामिल हैं। इस नहर की लिंक नहर अभी तक नहीं बनी है। कारण यह है कि इसके लिए जो जमीन अधिग्रहित की जानी है, वह किसानों से नि:शुल्क लिया जाना है। ऐसे में जमीन का अधिग्रहण मुश्किल हो गया है। यहीं नही खलीलाबाद के एकमा, केरमुआ, बनियाबारी होकर गुजरने वाली नहर में पानी नहीं है। ऐसा ही हाल खुदवा नाले का भी है। यहां पर पानी नहीं है। जहां तक नलकूपों की बात है तो नलकूपों की नालियां ध्वस्त हो गई हैं। साथ ही जगह-जगह झांड झंखाड़ उग गए हैं। जिससे अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो गया है। यहीं नहीं बिजली कटौती भी नलकूपों को चलाने में बाधा बनी हुई है। पूर्व में नलकूपों के रखरखाव की जिम्मेदारी नलकूप खंड के जिम्मे थी, लेकिन अब ग्राम पंचायतों को इसकी देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसे में किसानों को फसल बचाने के लिए महंगे डीजल खरीदने की मजबूरी बनी हुई है। इसमें भी किसानों को एक बीघा फसल की सिंचाई में सात से आठ घंटे लग जा रहे हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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इंसेट-
बारिश न होने से समस्या हो रही है। इसका आकलन किया जा रहा है। वैसे मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 18 से 22 जुलाई के बीच बारिश होने की संभावना है। इससे किसानों को राहत मिल सकती है।
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पीसी विश्वकर्मा- जिला कृषि अधिकारी
इंसेट-
नलकूपों की नालियों को ठीक कराने के लिए ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया गया है। पूरा प्रयास है कि नालियों के कारण सिंचाई में किसी प्रकार की बाधा खड़ी न हो।
राजेंद्र प्रसाद-डीपीआरओ
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