{"_id":"690a49d3fbc680b8eb095604","slug":"extra-classes-will-be-conducted-for-weak-students-khalilabad-news-c-209-1-kld1004-140713-2025-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: कमजोर विद्यार्थियों के लिए चलेंगी अतिरिक्त कक्षाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: कमजोर विद्यार्थियों के लिए चलेंगी अतिरिक्त कक्षाएं
Wed, 05 Nov 2025 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 05 Nov 2025 12:15 AM IST
विज्ञापन
संतकबीरनगर। पढ़ाई में कमजोर छात्रों के लिए सीखो और आगे बढ़ो योजना चलाई जाएगी। इसके तहत राजकीय स्कूलों की नौवीं से 12 वीं तक के छात्रों का मूल्यांकन करके उन्हें उपचारात्मक शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएंगी।
डीआईओएस हरिश्चंद्र नाथ ने बताया कि जिले में कुल 20 राजकीय माध्यमिक स्कूल हैं। इन स्कूलों के नौवीं से लेकर 12वीं तक के कमजोर छात्रों का मूल्यांकन करके उनको उपचारात्मक शिक्षा दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य गणित, विज्ञान व अंग्रेजी जैसे कठिन विषयों में विद्यार्थियों की समझ को मजबूत बनाना है। इसके तहत कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर अलग-अलग विषयों की कक्षाएं चलाई जाएंगी।
योजना के तहत 25 प्रतिशत विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इनमें वह छात्र शामिल होंगे जो बीमारी, अनुपस्थिति या आत्मविश्वास की कमी के कारण पढ़ाई में पीछे रह जाते हैं। कक्षा नौ और 10 के लिए विज्ञान, गणित, हिंदी व अंग्रेजी विषयों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएंगी। वहीं इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को गणित, अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान व जीव विज्ञान विषयों की अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएंगी।
विज्ञापन
पढ़ाई पूरी होने के बाद विद्यार्थियों का मूल्यांकन परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा और प्रत्येक छात्र की प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाएगी। ताकि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
शासन स्तर से होगी इन कक्षाओं की निगरानी
इन विशेष कक्षाओं की शासन स्तर से निगरानी भी की जाएगी। जिला स्तर पर जिला विद्यालय निरीक्षक, मंडल स्तर पर संयुक्त शिक्षा निदेशक इसकी समीक्षा करेंगे। साथ साथ जिले स्तर पर उत्कृष्ट विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की टीम बनाकर विशेष कक्षाओं का निरीक्षण किया जाएगा। कमजोर छात्र छात्राओं की प्रोफाइल संबंधित विषय के शिक्षकों के माध्यम से बनानी होगी।
विज्ञापन
डीआईओएस हरिश्चंद्र नाथ ने बताया कि जिले में कुल 20 राजकीय माध्यमिक स्कूल हैं। इन स्कूलों के नौवीं से लेकर 12वीं तक के कमजोर छात्रों का मूल्यांकन करके उनको उपचारात्मक शिक्षा दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य गणित, विज्ञान व अंग्रेजी जैसे कठिन विषयों में विद्यार्थियों की समझ को मजबूत बनाना है। इसके तहत कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर अलग-अलग विषयों की कक्षाएं चलाई जाएंगी।
विज्ञापन
योजना के तहत 25 प्रतिशत विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इनमें वह छात्र शामिल होंगे जो बीमारी, अनुपस्थिति या आत्मविश्वास की कमी के कारण पढ़ाई में पीछे रह जाते हैं। कक्षा नौ और 10 के लिए विज्ञान, गणित, हिंदी व अंग्रेजी विषयों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएंगी। वहीं इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को गणित, अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान व जीव विज्ञान विषयों की अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएंगी।
विज्ञापन
पढ़ाई पूरी होने के बाद विद्यार्थियों का मूल्यांकन परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा और प्रत्येक छात्र की प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाएगी। ताकि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
शासन स्तर से होगी इन कक्षाओं की निगरानी
इन विशेष कक्षाओं की शासन स्तर से निगरानी भी की जाएगी। जिला स्तर पर जिला विद्यालय निरीक्षक, मंडल स्तर पर संयुक्त शिक्षा निदेशक इसकी समीक्षा करेंगे। साथ साथ जिले स्तर पर उत्कृष्ट विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की टीम बनाकर विशेष कक्षाओं का निरीक्षण किया जाएगा। कमजोर छात्र छात्राओं की प्रोफाइल संबंधित विषय के शिक्षकों के माध्यम से बनानी होगी।