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Sant Kabir Nagar News: असिस्टेंट बिलिंग प्रणाली से भी नहीं थम रही बिजली बिल की गड़बड़ी

Mon, 16 Sep 2024 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Mon, 16 Sep 2024 12:12 AM IST
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Even with the Assistant Billing System, electricity bill irregularities are not stopping.
- मीटर रीडरों की मनमानी का खामियाजा उठा रहे उपभोक्ता
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- गलत रीडिंग के आधार पर बने बिल को सही कराने के लिए लगा रहे चक्कर

संवाद न्यूज एजेंसी



संतकबीरनगर। जिले में बिजली बिल की गडबड़ी के मामलों में सुधार नहीं हो पा रहा है। मीटर रीडरों की मनमानी का खामियाजा लोग उठा रहे हैं। गलत रीडिंग के आधार पर बने बिल को सही कराने के लिए विभागीय अधिकारियों का चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। इसके बाद भी समस्या का समय से निराकरण नहीं हो पा रहा है।

जनपद में विद्युत वितरण के दो खंड हैं। इन खंडों में विभिन्न भार के लगभग दो लाख 75 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इन लोगों को समय से बिजली बिल उपलब्ध कराने के लिए निजी कंपनी के मीटर रीडर रखे गए हैं। शहरी क्षेत्र में उपभोक्ताओं को समय से बिल मिल जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को समय से बिजली का बिल नहीं मिल पाता है। गलत रीडिंग के कारण अधिक बिल आता है। लोगों के घर गए बिना ही रीडर मीटर रीडिंग फीड कर दे रहे हैं। इसे देखते हुए निगम न असिस्टेंट बिलिंग की शुरुआत की। इसमें मीटर रीडर के साथ संविदा लाइनमैन की भी ड्यूटी लगाई गई है। इसके बाद भी बिजली बिल का गड़बड़ी नही सहीं हो रहा है।
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केस एक



416 रुपये बकाया...बिल भेजा 17 हजार

दुबौली निवासी ब्रम्हदेव यादव ने बताया कि अगस्त माह में बिजली का बिल 416 रुपये बकाया था। सितंबर में गलत रीडिंग होने से मोबाइल फोन पर 17 हजार रुपये बिल आ गया। जिसे सही कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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केस दो

दो माह का मिला 46 हजार 516 रुपये बिल



कैलाश नगर की रहने वाली मंजू देवी ने बताया कि मार्च, अप्रैल, मई, जून माह की मीटर रीडिंग के हिसाब से बिल जमा है। जुलाई व अगस्त माह में 46 हजार 516 रुपये बकाया बिल का मैसेज मोबाइल पर मिला। कई बार दौड़ने पर भी बिल सही नहीं हो सका है।








उपभोक्ताओं की समस्या को देखते हुए निगम की तरफ से असिस्टेंट बिलिंग की शुरुआत की गई है। इनमें मीटर रीडर के साथ लाइनमैन को लगाया गया है। जिस उपभोक्ता का बिजली बिल गड़बड़ है वह शिकायत करें, उसे सही किया जाएगा। साथ ही अगर मीटर रीडर दोषी होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।



- रमेश सिंह, अधीक्षण अभियंता
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