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जिला अस्पताल में एंडोस्कोपी और ईसीजी की सुविधा नहीं
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जिला अस्पताल का निरीक्षण करती केंद्रीय टीम की ऋतिका मुखर्जी
- फोटो : KHALILABAD
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जिला अस्पताल में एंडोस्कोपी और ईसीजी की सुविधा नहीं
- स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम की जांच में मिला मामला
- अस्पताल परिसर में ही ब्लड बैंक खुलवाने की पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की जनसंख्या शोध केंद्र नई दिल्ली की दो सदस्यीय टीम ने शनिवार को संयुक्त जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एंडोस्कोपी और ईसीजी की सुविधा न होने पर नाराजगी जताई। इसके साथ ही जिला अस्पताल परिसर में ही ब्लड बैंक खोले जाने की पहल की।
जनसंख्या शोध केंद्र नई दिल्ली की कोआर्डिनेटर ऋतिका मुखर्जी व आशिमा ने सबसे पहले ओपीडी का हाल देखा। इसके बाद वार्ड में गई। जहां पर मरीजों से स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की। टीम को बुजुर्ग मरीजों को एंडोस्कोपी और ईसीजी की सुविधा न मिलने पर नाराजगी जताई। टीम की कोआर्डिनेटर ने कहा कि वृद्ध मरीजों को हर सुविधा अस्पताल में मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि सिटी स्कैन की सुविधा अस्पताल में है। बताया कि सीएचसी और पीएचसी पर भी योजनाओं की जानकारी ली गई है। जिसमें जिले में पुरुष नसबंदी की स्थिति काफी खराब मिली है। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम सही तरीके से संचालित हो रहा है। फैमिली हेल्थ क्लीनिक भी काम कर रहा है। जिला अस्पताल में नार्मल डिलिवरी की प्रगति संतोषजनक है। बताया कि अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक नहीं है। अगर किसी को ब्लड की जरूरत है तो उसे सीएचसी खलीलाबाद जाना पडे़गा। जिला अस्पताल में ही ब्लड बैंक होना चाहिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जो भी योजनाएं चल रही है। उसकी प्रगति के बारे में जानकारी ली गई है। यह सारी रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को भेेजी जाएगी। जिससे अस्पताल में मिली कमियों को दूर किया जा सके। इस दौरान सीएमएस डॉ. वाईपी सिंह, डॉ. आरपी राय, डॉ. एके पाठक, शैलेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. मदन समेत अन्य मौजूद रहे।
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- स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम की जांच में मिला मामला
- अस्पताल परिसर में ही ब्लड बैंक खुलवाने की पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की जनसंख्या शोध केंद्र नई दिल्ली की दो सदस्यीय टीम ने शनिवार को संयुक्त जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एंडोस्कोपी और ईसीजी की सुविधा न होने पर नाराजगी जताई। इसके साथ ही जिला अस्पताल परिसर में ही ब्लड बैंक खोले जाने की पहल की।
जनसंख्या शोध केंद्र नई दिल्ली की कोआर्डिनेटर ऋतिका मुखर्जी व आशिमा ने सबसे पहले ओपीडी का हाल देखा। इसके बाद वार्ड में गई। जहां पर मरीजों से स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की। टीम को बुजुर्ग मरीजों को एंडोस्कोपी और ईसीजी की सुविधा न मिलने पर नाराजगी जताई। टीम की कोआर्डिनेटर ने कहा कि वृद्ध मरीजों को हर सुविधा अस्पताल में मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि सिटी स्कैन की सुविधा अस्पताल में है। बताया कि सीएचसी और पीएचसी पर भी योजनाओं की जानकारी ली गई है। जिसमें जिले में पुरुष नसबंदी की स्थिति काफी खराब मिली है। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम सही तरीके से संचालित हो रहा है। फैमिली हेल्थ क्लीनिक भी काम कर रहा है। जिला अस्पताल में नार्मल डिलिवरी की प्रगति संतोषजनक है। बताया कि अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक नहीं है। अगर किसी को ब्लड की जरूरत है तो उसे सीएचसी खलीलाबाद जाना पडे़गा। जिला अस्पताल में ही ब्लड बैंक होना चाहिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जो भी योजनाएं चल रही है। उसकी प्रगति के बारे में जानकारी ली गई है। यह सारी रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को भेेजी जाएगी। जिससे अस्पताल में मिली कमियों को दूर किया जा सके। इस दौरान सीएमएस डॉ. वाईपी सिंह, डॉ. आरपी राय, डॉ. एके पाठक, शैलेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. मदन समेत अन्य मौजूद रहे।
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