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Sant Kabir Nagar News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने दिया धरना
Tue, 12 Aug 2025 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 12 Aug 2025 12:00 AM IST
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अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण और कर्मचारियों के उत्पीड़न के विरोध में सोमवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इसके साथ ही विधायकों को पत्र भेजकर मांग किया कि निजीकरण का विफल हो चुका प्रयोग, इसे जनता पर न थोपा जाए। इसके लिए शासन स्तर पर पहल करें।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि बिजली के निजीकरण का प्रयोग उड़ीसा और अन्य स्थानों पर पूरी तरह विफल हो चुका है। उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा और आगरा में बिजली के निजीकरण से पावर कारपोरेशन को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। ऐसे में विकसित भारत और विकसित उप्र के विजन में सबसे बड़ी प्राथमिकता पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त करना होना चाहिए।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा कि निजीकरण का फैसला उपभोक्ताओं के कर्मचारियों के हित में नहीं है। इसकी आड़ में निजी घरानों को लाभ पहुंचाने की साजिश की जा रही है। अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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धरना में इंजीनियर राजेश कुमार, अमित सिंह, मुकेश गुप्ता, शैलेंद्र यादव, पुष्पेन्द्र भारती, सूरज प्रजापति नारायण चंद्र, रंजन राज, रमेश प्रजापति अशोक कुमार, दिलीप मौर्य, दिनेश शर्मा, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि बिजली के निजीकरण का प्रयोग उड़ीसा और अन्य स्थानों पर पूरी तरह विफल हो चुका है। उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा और आगरा में बिजली के निजीकरण से पावर कारपोरेशन को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। ऐसे में विकसित भारत और विकसित उप्र के विजन में सबसे बड़ी प्राथमिकता पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त करना होना चाहिए।
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संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा कि निजीकरण का फैसला उपभोक्ताओं के कर्मचारियों के हित में नहीं है। इसकी आड़ में निजी घरानों को लाभ पहुंचाने की साजिश की जा रही है। अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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धरना में इंजीनियर राजेश कुमार, अमित सिंह, मुकेश गुप्ता, शैलेंद्र यादव, पुष्पेन्द्र भारती, सूरज प्रजापति नारायण चंद्र, रंजन राज, रमेश प्रजापति अशोक कुमार, दिलीप मौर्य, दिनेश शर्मा, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।