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Sant Kabir Nagar News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने प्रदर्शन किया
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अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
संतकबीरनगर। बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में सोमवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि इससे पहले विद्युत मंत्रालय ने इस बिल पर हितधारकों से सुझाव मांगे थे। देश भर के पॉवर सेक्टर से जुड़े सभी फेडरेशनों, ट्रेड यूनियनों और संगठनों ने सर्वसम्मति से कहा था कि यह बिल जनविरोधी है और इसे वापस लिया जाना चाहिए, लेकिन हितधारकों की टिप्पणियों को न तो सार्वजनिक किया गया और न ही परामर्श बैठकों की कार्रवाई (मिनट्स) जारी की गई।
इसके विपरीत, 30 जनवरी 2026 को विद्युत मंत्रालय ने एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया, जिसमें ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन को भी शामिल किया गया, जो खुले तौर पर बिजली क्षेत्र के निजीकरण का समर्थन करता रहा है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी प्रदुम कुमार ने कहा कि जिस संगठन ने पहले ही इस बिल का समर्थन कर दिया है, उसे ही कानून को अंतिम रूप देने वाले वर्किंग ग्रुप में शामिल करना पूरी प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण और असंवैधानिक बनाता है।
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उन्होंने कहा कि देशभर के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर विद्युत मंत्रालय के इस एकतरफा कदम के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं और इसका पुरजोर विरोध करने के लिए तैयार हैं। इस दौरान नारायण चंद्र चौरसिया, दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, दुर्गा प्रसाद, सहायक लेखाकार संतोष गुप्ता, नारायण चंद्र चौरसरिया, भास्कर पांडेय, विजय कुमार, प्रदुम्न कुमार, श्रवण प्रजापति, संजय यादव, मनीष मिश्रा, राजकुमार, वीरेंद्र मौर्य आदि मौजूद रहे।
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संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि इससे पहले विद्युत मंत्रालय ने इस बिल पर हितधारकों से सुझाव मांगे थे। देश भर के पॉवर सेक्टर से जुड़े सभी फेडरेशनों, ट्रेड यूनियनों और संगठनों ने सर्वसम्मति से कहा था कि यह बिल जनविरोधी है और इसे वापस लिया जाना चाहिए, लेकिन हितधारकों की टिप्पणियों को न तो सार्वजनिक किया गया और न ही परामर्श बैठकों की कार्रवाई (मिनट्स) जारी की गई।
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इसके विपरीत, 30 जनवरी 2026 को विद्युत मंत्रालय ने एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया, जिसमें ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन को भी शामिल किया गया, जो खुले तौर पर बिजली क्षेत्र के निजीकरण का समर्थन करता रहा है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी प्रदुम कुमार ने कहा कि जिस संगठन ने पहले ही इस बिल का समर्थन कर दिया है, उसे ही कानून को अंतिम रूप देने वाले वर्किंग ग्रुप में शामिल करना पूरी प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण और असंवैधानिक बनाता है।
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उन्होंने कहा कि देशभर के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर विद्युत मंत्रालय के इस एकतरफा कदम के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं और इसका पुरजोर विरोध करने के लिए तैयार हैं। इस दौरान नारायण चंद्र चौरसिया, दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, दुर्गा प्रसाद, सहायक लेखाकार संतोष गुप्ता, नारायण चंद्र चौरसरिया, भास्कर पांडेय, विजय कुमार, प्रदुम्न कुमार, श्रवण प्रजापति, संजय यादव, मनीष मिश्रा, राजकुमार, वीरेंद्र मौर्य आदि मौजूद रहे।