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Sant Kabir Nagar News: गांवों के बुजुर्ग व सेवानिवृत्त शिक्षक बनाएं जाएंगे शिशुमित्र
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मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों में छात्रों के नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने के लिए एक नई पहल शुरू होगी। गांवों के बुजुर्गों व सेवानिवृत्त शिक्षकों को शिशु मित्र बनाकर विद्यालयों में शिक्षा का माहौल और नामांकन बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। यह लोग बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी शिक्षा के प्रति जागरूक करेंगे।
बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में भले अच्छे अध्यापक व आधुनिक संसाधन हों, लेकिन विद्यालयों का नामांकन नहीं बढ़ रहा है। जो बच्चे नामांकन करा लेते हैं, वे नियमित रूप से विद्यालय नहीं आते। इसे देखते हुए हर वर्ष स्कूल चलो अभियान चलाया जाता है, लेकिन इस बार एक नई पहल की गई है।
गांवों के बुजुर्गों, सेवानिवृत्त शिक्षकों को शिशु मित्र के रूप में जोड़ने का निर्णय लिया गया है। इस पहल के तहत, कक्षा एक के बच्चों के अभिभावकों के साथ-साथ ग्राम स्तर पर प्रभावशाली व्यक्ति, जागरूक वरिष्ठ नागरिक, सेवानिवृत्त अध्यापक और शिक्षित युवाओं को शिशु मित्र के रूप में जोड़ा जाएगा। इनसे अपेक्षा की जाएगी कि वे ग्राम स्तर पर समुदाय और अभिभावकों को जागरूक करें और बच्चों के नामांकन व उपस्थिति बढ़ाने में सहयोग दें।
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कक्षा एक के समस्त छात्रों के अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर बच्चों द्वारा सीखी गई गतिविधियों का प्रदर्शन कराया जाएगा। इसमें बच्चों द्वारा की गई कला, कविता पाठ, कहानी सुनाने, रोलप्ले आदि कौशलों का प्रदर्शन शामिल होगा, ताकि बच्चों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आत्मविश्वास विकसित हो सके।
इसके साथ ही अभिभावकों के साथ छोटे-छोटे खेल आयोजित कर उन्हें बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस पहल से विद्यालयों में बच्चों के नामांकन और उपस्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
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बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में भले अच्छे अध्यापक व आधुनिक संसाधन हों, लेकिन विद्यालयों का नामांकन नहीं बढ़ रहा है। जो बच्चे नामांकन करा लेते हैं, वे नियमित रूप से विद्यालय नहीं आते। इसे देखते हुए हर वर्ष स्कूल चलो अभियान चलाया जाता है, लेकिन इस बार एक नई पहल की गई है।
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गांवों के बुजुर्गों, सेवानिवृत्त शिक्षकों को शिशु मित्र के रूप में जोड़ने का निर्णय लिया गया है। इस पहल के तहत, कक्षा एक के बच्चों के अभिभावकों के साथ-साथ ग्राम स्तर पर प्रभावशाली व्यक्ति, जागरूक वरिष्ठ नागरिक, सेवानिवृत्त अध्यापक और शिक्षित युवाओं को शिशु मित्र के रूप में जोड़ा जाएगा। इनसे अपेक्षा की जाएगी कि वे ग्राम स्तर पर समुदाय और अभिभावकों को जागरूक करें और बच्चों के नामांकन व उपस्थिति बढ़ाने में सहयोग दें।
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कक्षा एक के समस्त छात्रों के अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर बच्चों द्वारा सीखी गई गतिविधियों का प्रदर्शन कराया जाएगा। इसमें बच्चों द्वारा की गई कला, कविता पाठ, कहानी सुनाने, रोलप्ले आदि कौशलों का प्रदर्शन शामिल होगा, ताकि बच्चों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आत्मविश्वास विकसित हो सके।
इसके साथ ही अभिभावकों के साथ छोटे-छोटे खेल आयोजित कर उन्हें बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस पहल से विद्यालयों में बच्चों के नामांकन और उपस्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।