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Sant Kabir Nagar News: धन धन बाबा नानक, तेरी जय हो...की रही गूंज
Fri, 15 Nov 2024 11:19 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 15 Nov 2024 11:19 PM IST
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श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया प्रकाश पर्व, शहर में निकाली गई प्रभातफेरी
संतकबीरनगर। सिख धर्म के संस्थापक एवं प्रथम गुरु नानक देव का 555वां प्रकाश पर्व गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा खलीलाबाद में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इससे पूर्व सुबह छह बजे प्रभात फेरी गुरुद्वारा से निकाली गई। इसमें ‘धन धन बाबा नानक, तेरी जय हो...’ के जयकारे लगे।
प्रभातफेरी गोला बाजार, समय माता मंदिर होते हुए राम जानकी मंदिर पहुंची। उसके बाद उसी रास्ते से होते हुए बैंक चौराहा से गुरुद्वारा पहुंची। रास्ते में श्रद्धालुओं द्वारा ‘धन धन बाबा नानक, बाबा नानक तेरी जय हो’ एवं शबद का रसपान करते हुए वातावरण भक्ति मय कर दिया। अरदास के बाद प्रभात फेरी का समापन हुआ।
शाम के दीवान में बच्चों का प्रोग्राम उनके द्वारा सुनाए गए शबद और गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथि सोहन सिंह द्वारा गुरु के शबद ‘सतगुरु नानक प्रगटया मिटी धुंध जग चानन होया...’ सुनाकर मन मोह लिया। अरदास के बाद गुरु का अटूट लंगर चलता रहा।
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गुरुद्वारा के अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह ने बताया कि वर्ष 1469 ई में तलवंडी नामक ग्राम में ननकाना साहिब में जो अब पाकिस्तान में स्थित है गुरु नानक देव का जन्म हुआ। जन्म से ही उन्होंने तपस्या और भक्ति के कारण सच्चाई का उपदेश देते हुए कई देशों की यात्रा की। उन्होंने अपने दो साथी बाला और मर्दाना के साथ मिलकर समाज से कुरीतियों को दूर किया। हमें गुरु नानक देव के बताए मार्ग पर चलते हुए अपनी कर्तव्य निष्ठा का पालन करना चाहिए।
इस अवसर पर जसवीर सिंह, प्रीतपाल सिंह, सतविंदर पाल सिंह, धर्म सिंह, परविंदर सिंह, मनजीत सिंह, रवनीत सिंह, रविंद्र पाल सिंह, आशु सिंह आदि मौजूद रहे।
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संतकबीरनगर। सिख धर्म के संस्थापक एवं प्रथम गुरु नानक देव का 555वां प्रकाश पर्व गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा खलीलाबाद में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इससे पूर्व सुबह छह बजे प्रभात फेरी गुरुद्वारा से निकाली गई। इसमें ‘धन धन बाबा नानक, तेरी जय हो...’ के जयकारे लगे।
प्रभातफेरी गोला बाजार, समय माता मंदिर होते हुए राम जानकी मंदिर पहुंची। उसके बाद उसी रास्ते से होते हुए बैंक चौराहा से गुरुद्वारा पहुंची। रास्ते में श्रद्धालुओं द्वारा ‘धन धन बाबा नानक, बाबा नानक तेरी जय हो’ एवं शबद का रसपान करते हुए वातावरण भक्ति मय कर दिया। अरदास के बाद प्रभात फेरी का समापन हुआ।
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शाम के दीवान में बच्चों का प्रोग्राम उनके द्वारा सुनाए गए शबद और गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथि सोहन सिंह द्वारा गुरु के शबद ‘सतगुरु नानक प्रगटया मिटी धुंध जग चानन होया...’ सुनाकर मन मोह लिया। अरदास के बाद गुरु का अटूट लंगर चलता रहा।
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गुरुद्वारा के अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह ने बताया कि वर्ष 1469 ई में तलवंडी नामक ग्राम में ननकाना साहिब में जो अब पाकिस्तान में स्थित है गुरु नानक देव का जन्म हुआ। जन्म से ही उन्होंने तपस्या और भक्ति के कारण सच्चाई का उपदेश देते हुए कई देशों की यात्रा की। उन्होंने अपने दो साथी बाला और मर्दाना के साथ मिलकर समाज से कुरीतियों को दूर किया। हमें गुरु नानक देव के बताए मार्ग पर चलते हुए अपनी कर्तव्य निष्ठा का पालन करना चाहिए।
इस अवसर पर जसवीर सिंह, प्रीतपाल सिंह, सतविंदर पाल सिंह, धर्म सिंह, परविंदर सिंह, मनजीत सिंह, रवनीत सिंह, रविंद्र पाल सिंह, आशु सिंह आदि मौजूद रहे।