{"_id":"6a907cfab94c338b0e019ab9","slug":"ecce-educators-will-equip-anganwadi-children-with-skills-khalilabad-news-c-209-1-kld1010-156230-2026-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: आंगनबाड़ी के बच्चों को हुनरमंद बनाएंगे ईसीसीई एजुकेटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: आंगनबाड़ी के बच्चों को हुनरमंद बनाएंगे ईसीसीई एजुकेटर
विज्ञापन
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी (को-लोकेटेड) केंद्रों की शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने के लिए अब अर्ली चाइल्डहुड केयर एजुकेशन (ईसीसीई) एजुकेटर्स बच्चों को शिक्षा के प्रति हुनरमंद बनाने का काम करेंगे। जनपद में स्थित 492 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में सर्वाधिक बच्चों की संख्या वाले आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब दो चरणों की चयन प्रक्रिया में 182 एजुकेटरों की तैनाती की जा चुकी है।
पहले चरण में 97 स्कूलों में इस व्यवस्था के तहत काम शुरू किया गया। बाद के क्रम में 85 पर ईसीसीई एजुकेटर्स चयनित हुए हैं। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा रजनीश वैद्यनाथ ने बताया कि इनको लोकेटेड के सर्वाधिक बच्चों की संख्या वाले 182 केंद्रों पर तीन से पांच वर्ष तक बच्चों को बेसिक शिक्षा के लिए तैयार करने के मकसद से ईसीसीई एजुकेटर प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा की नियुक्ति हो चुकी है।
11 महीने के कार्यकाल पर इनकी भर्ती आउटसोर्सिंग एजेंसी संविदा के तौर पर की है। स्नातक, गृह विज्ञान में 50 प्रतिशत अंकों से पास होने वाले आवेदकों को वरीयता दी गई है। उन्होंने कहा कि ईसीसीई एजुकेटर की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य स्कूल परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए पूरी तरह तैयार करना है।
विज्ञापन
ईसीसीई एजुकेटर परिषदीय विद्यालयों में नामांकन से पहले ही प्री-प्राइमरी के बच्चों को पूरी तरह से शिक्षित करेंगे। ताकि प्राथमिक स्तर से ही बच्चों को बेहतर व व्यावहारिक शिक्षा प्रदान कर उनके व्यावसायिक कौशल में दक्ष किया जा सके।
न्यू एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी)-2020 के अंतर्गत बेसिक शिक्षा को नया आयाम देने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। वाटिका में पंजीकृत पांच से छह वर्ष तक के बच्चों को ईसीसीई एजुकेटर से कक्षा-एक के स्तर के ककहरा, गणित के अंक, शब्द आदि का ज्ञान कराया जाएगा, ताकि कक्षा एक में पहुंचने से पहले बच्चा एक के सक्षम बच्चों में शामिल हो और कक्षा एक से ही मौलिक जानकारी हो सके।
विज्ञापन
पहले चरण में 97 स्कूलों में इस व्यवस्था के तहत काम शुरू किया गया। बाद के क्रम में 85 पर ईसीसीई एजुकेटर्स चयनित हुए हैं। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा रजनीश वैद्यनाथ ने बताया कि इनको लोकेटेड के सर्वाधिक बच्चों की संख्या वाले 182 केंद्रों पर तीन से पांच वर्ष तक बच्चों को बेसिक शिक्षा के लिए तैयार करने के मकसद से ईसीसीई एजुकेटर प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा की नियुक्ति हो चुकी है।
विज्ञापन
11 महीने के कार्यकाल पर इनकी भर्ती आउटसोर्सिंग एजेंसी संविदा के तौर पर की है। स्नातक, गृह विज्ञान में 50 प्रतिशत अंकों से पास होने वाले आवेदकों को वरीयता दी गई है। उन्होंने कहा कि ईसीसीई एजुकेटर की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य स्कूल परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए पूरी तरह तैयार करना है।
विज्ञापन
ईसीसीई एजुकेटर परिषदीय विद्यालयों में नामांकन से पहले ही प्री-प्राइमरी के बच्चों को पूरी तरह से शिक्षित करेंगे। ताकि प्राथमिक स्तर से ही बच्चों को बेहतर व व्यावहारिक शिक्षा प्रदान कर उनके व्यावसायिक कौशल में दक्ष किया जा सके।
न्यू एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी)-2020 के अंतर्गत बेसिक शिक्षा को नया आयाम देने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। वाटिका में पंजीकृत पांच से छह वर्ष तक के बच्चों को ईसीसीई एजुकेटर से कक्षा-एक के स्तर के ककहरा, गणित के अंक, शब्द आदि का ज्ञान कराया जाएगा, ताकि कक्षा एक में पहुंचने से पहले बच्चा एक के सक्षम बच्चों में शामिल हो और कक्षा एक से ही मौलिक जानकारी हो सके।