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Sant Kabir Nagar News: कबीर के बीजक के एक-एक दोहे एक ग्रंथ
Mon, 04 Sep 2023 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 04 Sep 2023 11:33 PM IST
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मगहर में कबीर की मजार का दर्शन करते शेखर सुमन।
फिल्म अभिनेता शेखर सुमन ने कबीर समाधि पर मत्था टेका
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। सद्गुरु कबीर के बीजक के एक-एक दोहे अपने आप में एक ग्रंथ है। कबीर ने समाज को सच्चे और सत्य के मार्ग पर चलते हुए ईश्वर से जुड़ने का रास्ता बताने का प्रयास किया था। उस समय जब देश में रूढ़वादिता पूरे चरम पर थी, तब कबीर ने उसका पुरजोर विरोध किया था। यह बातें फिल्म अभिनेता शेखर सुमन ने सोमवार को गोरखपुर से लखनऊ जाते समय कबीर समाधि व मजार का दर्शन करने के बाद पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि एक कार्यक्रम के सिलसिले में लखनऊ आया था। वहीं से गोरक्ष पीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने गोरखपुर आए। उन्होंने कबीर के दोहे धीरे-धीरे रे मना, धीरे-धीरे होय, माली सींचत सौ घड़ा, ऋतु आये फल होय के माध्यम से कहा कि मनुष्य को धैर्य रखना चाहिए, तभी उसे समय आने पर अच्छे परिणाम मिलते हैं। उन्होंने कहा कि लोग ताजमहल को देखने के लिए लंबी लाइनों में खड़े होकर इंतजार करते हैं, उससे बड़ा स्थान जहां कबीर समाधि स्थित है उनका दर्शन करने वालों की कोई भीड़ नहीं होना सबसे आश्चर्य की बात है। कबीर के जीवन पर अब तक फिल्म न बनने के सवाल पर कहा कि मेरा प्रयास होगा कि कबीर के जीवन पर एक अच्छी फिल्म बनाएंगे।
वृंदावन के तुलसी मठ के महंत पुरुषोत्तम दास ने कहा कि कबीर ने हमेशा भेदभाव, ऊंच-नीच, जाति-पाती से ऊपर उठकर सर्वसमाज के सूत्र में बांधने की वकालत की थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयास से कबीर समाधि स्थली का विकास कराया जा रहा है। कबीर चौरा मठ के महंत विचार दास के प्रतिनिधि केशव दास ने शेखर सुमन को माला पहना कर एवं शाल भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान रोहित दास, मुतववली अजहर अहमद, विजय तिवारी, कोतवाल रविंद्र कुमार, उप निरीक्षक जितेंद्र यादव, मिथिलेश कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। सद्गुरु कबीर के बीजक के एक-एक दोहे अपने आप में एक ग्रंथ है। कबीर ने समाज को सच्चे और सत्य के मार्ग पर चलते हुए ईश्वर से जुड़ने का रास्ता बताने का प्रयास किया था। उस समय जब देश में रूढ़वादिता पूरे चरम पर थी, तब कबीर ने उसका पुरजोर विरोध किया था। यह बातें फिल्म अभिनेता शेखर सुमन ने सोमवार को गोरखपुर से लखनऊ जाते समय कबीर समाधि व मजार का दर्शन करने के बाद पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि एक कार्यक्रम के सिलसिले में लखनऊ आया था। वहीं से गोरक्ष पीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने गोरखपुर आए। उन्होंने कबीर के दोहे धीरे-धीरे रे मना, धीरे-धीरे होय, माली सींचत सौ घड़ा, ऋतु आये फल होय के माध्यम से कहा कि मनुष्य को धैर्य रखना चाहिए, तभी उसे समय आने पर अच्छे परिणाम मिलते हैं। उन्होंने कहा कि लोग ताजमहल को देखने के लिए लंबी लाइनों में खड़े होकर इंतजार करते हैं, उससे बड़ा स्थान जहां कबीर समाधि स्थित है उनका दर्शन करने वालों की कोई भीड़ नहीं होना सबसे आश्चर्य की बात है। कबीर के जीवन पर अब तक फिल्म न बनने के सवाल पर कहा कि मेरा प्रयास होगा कि कबीर के जीवन पर एक अच्छी फिल्म बनाएंगे।
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वृंदावन के तुलसी मठ के महंत पुरुषोत्तम दास ने कहा कि कबीर ने हमेशा भेदभाव, ऊंच-नीच, जाति-पाती से ऊपर उठकर सर्वसमाज के सूत्र में बांधने की वकालत की थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयास से कबीर समाधि स्थली का विकास कराया जा रहा है। कबीर चौरा मठ के महंत विचार दास के प्रतिनिधि केशव दास ने शेखर सुमन को माला पहना कर एवं शाल भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान रोहित दास, मुतववली अजहर अहमद, विजय तिवारी, कोतवाल रविंद्र कुमार, उप निरीक्षक जितेंद्र यादव, मिथिलेश कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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