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Sant Kabir Nagar News: घरेलू बिजली कनेक्शन से चार्ज हो रहे ई-वाहन
Tue, 09 Sep 2025 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 09 Sep 2025 11:54 PM IST
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शहर में चल रहे ई रिक्शा
संतकबीरनगर। जिले में इस समय तीन हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। इसके बाद भी अब तक कहीं भी इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चार्जिंग स्टेशन नहीं बना हुआ है। घरेलू कनेक्शन से ही वाहन की बैटरी चार्ज कर लोग बिजली निगम को चूना लगा रह हैं। वहीं अभी तक जिले में चार्जिंग स्टेशन के लिए कोई आवेदन नहीं आया है। जबकि बिजली निगम के अनुसार पेट्रोल पंप पर चार्जिंग प्वाइंट के लिए चार आवेदन आए हुए हैं।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए उच्च अधिकारिक स्तर से इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर दिया जा रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़ों की मानें तो जनपद में तीन हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें सबसे ज्यादा ई-रिक्शा का पंजीकरण है। इसके अलावा अन्य दो पहिया व चार पहिया वाहन और स्कूटी का भी पंजीयन कार्यालय में हुआ है।
वर्तमान समय में इन वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। जिले में चार्जिंग की सुविधा न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। लोग इलेक्ट्रिक वाहन से ज्यादा दूरी नहीं कर पा रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि ई-रिक्शा चालक घरेलू बिजली कनेक्शन से ही चार्ज कर रहे हैं। इससे बिजली निगम को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
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बाहर से आने वाले लोगों को समस्या
जनपद में नेशनल हाईवे की लगभग 25 किलोमीटर की लंबाई है। इस पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। इस दौरान वाहन की बैटरी डाउन होने की स्थिति में राहगीरों को वाहन चार्ज करने की सुविधा नहीं मिल पाता है।
कोट
जनपद में अब तक चार्जिंग प्वाइंट के लिए एक भी आवेदन नहीं आए हैं। जबकि पेट्रोल पंप पर चार्जिंग प्वाइंट के चार आवेदन आए हुए हैं। चार्जिंग प्वाइंट के लिए अगर कोई आवेदन करता है तो उसका प्रस्ताव तैयार करके भेजा जाएगा।
-राजेश कुमार प्रजापति, एक्सईएन बिजली निगम
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बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए उच्च अधिकारिक स्तर से इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर दिया जा रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़ों की मानें तो जनपद में तीन हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें सबसे ज्यादा ई-रिक्शा का पंजीकरण है। इसके अलावा अन्य दो पहिया व चार पहिया वाहन और स्कूटी का भी पंजीयन कार्यालय में हुआ है।
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वर्तमान समय में इन वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। जिले में चार्जिंग की सुविधा न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। लोग इलेक्ट्रिक वाहन से ज्यादा दूरी नहीं कर पा रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि ई-रिक्शा चालक घरेलू बिजली कनेक्शन से ही चार्ज कर रहे हैं। इससे बिजली निगम को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
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बाहर से आने वाले लोगों को समस्या
जनपद में नेशनल हाईवे की लगभग 25 किलोमीटर की लंबाई है। इस पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। इस दौरान वाहन की बैटरी डाउन होने की स्थिति में राहगीरों को वाहन चार्ज करने की सुविधा नहीं मिल पाता है।
कोट
जनपद में अब तक चार्जिंग प्वाइंट के लिए एक भी आवेदन नहीं आए हैं। जबकि पेट्रोल पंप पर चार्जिंग प्वाइंट के चार आवेदन आए हुए हैं। चार्जिंग प्वाइंट के लिए अगर कोई आवेदन करता है तो उसका प्रस्ताव तैयार करके भेजा जाएगा।
-राजेश कुमार प्रजापति, एक्सईएन बिजली निगम