फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Due to lack of advocacy, Rs 68 crore of GPF is stuck in Basti for 27 years.

Sant Kabir Nagar News: पैरवी के अभाव में 27 साल से बस्ती में फंसे हैं जीपीएफ के 68 करोड़ रुपये

Sun, 29 Dec 2024 11:32 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Dec 2024 11:32 PM IST
विज्ञापन
Due to lack of advocacy, Rs 68 crore of GPF is stuck in Basti for 27 years.
संतकबीरनगर। जिले के 45 स्कूलों के 350 शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के जीपीएफ मद के 68 करोड़ रुपये बस्ती के कोषागार में 27 साल से फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि पैरवी के अभाव में यह रकम बस्ती से अलग होकर नया जिला बनने के बाद ट्रांसफर नहीं हो पाई।
विज्ञापन

ऐसे में अब मार्च-2025 में सेवानिवृत्त होने जा रहे जिले के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का जीपीएफ का भुगतान नहीं हो पाएगा। डीआईओएस ने बस्ती के डीआईओएस को पत्र भेजकर रकम ट्रांसफर कराने की मांग की है।
विज्ञापन

वर्ष 1997 में बस्ती का कुछ हिस्सा अलग करके नया जिला संतकबीरनगर बनाया गया। इसमें सिद्धार्थनगर का कुछ क्षेत्र भी शामिल किया गया। इससे पहले माध्यमिक शिक्षकों का वेतन भुगतान, जीपीएफ से संबंधित खाते का संचालन बस्ती और सिद्धार्थनगर से होता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

जीपीएफ मद के करीब 68 करोड़ रुपये बस्ती डीआईओएस कार्यालय के खाते में डंप पड़े हैं। विभाजन से पूर्व मौजूदा संतकबीरनगर के 34 सहायता प्राप्त और 11 संस्कृत स्कूलों के 350 शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के जीपीएफ की रकम बस्ती में ही जमा होती थी।
विभाजन के बाद जीपीएफ की धनराशि संतकबीरनगर के कोषागार में हस्तांतरित हो जानी थी लेकिन गंभीरता से पैरवी न किए जाने के कारण 27 वर्ष बाद भी रकम ट्रांसफर नहीं हो पाई।

अगर यह रकम नहीं आई तो मार्च-2025 में सेवानिवृत्त होने जा रहे लगभग 20 शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का भुगतान फंस जाएगा। इसको लेकर शिक्षक संघ ने भी नाराजगी जताई है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बस्ती के डीआईओएस को पत्र लिखकर जीपीएफ की रकम ट्रांसफर कराने की सिफारिश की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed