{"_id":"682e0caf7af91d7c300e376c","slug":"due-to-changing-lifestyle-youth-are-getting-affected-by-uric-acid-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-132927-2025-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: बदलती जीवनशैली सेे यूरिक एसिड की चपेट में आ रहे युवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: बदलती जीवनशैली सेे यूरिक एसिड की चपेट में आ रहे युवा
Wed, 21 May 2025 10:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 21 May 2025 10:56 PM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल में मरीज देखते चिकित्सक
संतकबीरनगर। बदलती जीवनशैली व भागदौड़ भरी जिंदगी में युवा भी यूरिक एसिड की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में आने वाले हर 10 मरीज में से चार इस बीमारी से जूझ रहे हैं। यूरिक एसिड बढ़ने के कारण मरीजों को जोड़ों का दर्द, शरीर में सूजन जैसी समस्या आ रही है। तनाव भरी जिंदगी में मानसिक दबाव को कम करने के लिए लोग मांस, शराब व बियर का सेवन कर रहे हैं। इस कारण यूरिक एसिड बढ़ रहा है।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रमाशंकर ने बताया कि यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से किडनी के कार्य करने की क्षमता घट रही है। किडनी यूरिक एसिड को बाहर नहीं निकाल पा रही है।
इस कारण युवाओं के शरीर में जोड़ों के दर्द, सूजन व हाथ पैरों में जलन व झनझनाहट जैसी समस्या देखी जा रही है। बताया कि ओपीडी में दस में से चार लोग इस समस्या से ग्रस्त हैं। यूरिक एसिड की जांच करने के लिए खून टेस्ट और यूरिन सैंपल लिया जाता है। खून टेस्ट के जरिये यह पता लगाया जा सकता है कि शरीर यूरिक एसिड का स्तर क्या है।
विज्ञापन
अगर किसी मरीज के शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है तो ऐसी स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे मरीजों को शराब, बियर, मांस व मीठा भोजन व पेय पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए। वहीं, ऐसे मरीजों को अपने भोजन में फल, हरी सब्जी, फाइबर युक्त भोजन व ग्रीन टी लेना चाहिए।
यूरिक एसिड को घरेलू नुस्खों से भी नियंत्रित किया जा सकता है। नींबू का पानी, अजवाइन का पानी, अदरख, आंवला व सेब के सिरका से कुछ हद तक यूरिक एसिड को नियंत्रित किया जा सकता है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रमाशंकर ने बताया कि यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से किडनी के कार्य करने की क्षमता घट रही है। किडनी यूरिक एसिड को बाहर नहीं निकाल पा रही है।
विज्ञापन
इस कारण युवाओं के शरीर में जोड़ों के दर्द, सूजन व हाथ पैरों में जलन व झनझनाहट जैसी समस्या देखी जा रही है। बताया कि ओपीडी में दस में से चार लोग इस समस्या से ग्रस्त हैं। यूरिक एसिड की जांच करने के लिए खून टेस्ट और यूरिन सैंपल लिया जाता है। खून टेस्ट के जरिये यह पता लगाया जा सकता है कि शरीर यूरिक एसिड का स्तर क्या है।
विज्ञापन
अगर किसी मरीज के शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है तो ऐसी स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे मरीजों को शराब, बियर, मांस व मीठा भोजन व पेय पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए। वहीं, ऐसे मरीजों को अपने भोजन में फल, हरी सब्जी, फाइबर युक्त भोजन व ग्रीन टी लेना चाहिए।
यूरिक एसिड को घरेलू नुस्खों से भी नियंत्रित किया जा सकता है। नींबू का पानी, अजवाइन का पानी, अदरख, आंवला व सेब के सिरका से कुछ हद तक यूरिक एसिड को नियंत्रित किया जा सकता है।