{"_id":"2915b68bea4c0d2cc20e2ce7be518719","slug":"doctor-deid-in-road-accident-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसे में प्राइवेट चिकित्सक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हादसे में प्राइवेट चिकित्सक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो संतकबीरनगर
Updated Mon, 19 Oct 2015 07:00 PM IST
विज्ञापन
सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर सेमरा गांव के पास एक ट्रक की चपेट में आने से साइकिल सवार एक प्राइवेट चिकित्सक की मौत हो गई। घटना के बाद आस-पास के लोगों की भीड़ जुट गई और सूचना पर पहुंची मगहर चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लिया।
मगहर कस्बे के रानी बाजार मोहल्ला निवासी 58 वर्षीय गिरीशचंद्र गुप्त रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिसनर थे। वह गांव- गांव घूम कर लोगों का उपचार करते थे।
सोमवार की सुबह वह साइकिल से खलीलाबाद की तरफ जा रहे थे। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सेमरा गांव के निकट पहुंचे ही थे कि उसी दौरान पीछे से एक ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद चालक ट्रक को लेकर भागने में सफल रहा।
विज्ञापन
मौके पर भारी भीड़ जुट गई। सूचना पाकर चौकी इंचार्ज मगहर भगवान सिंह मय फोर्स मौके पर पहुंच गए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इधर प्राइवेट चिकित्सक गिरीशचंद्र गुप्त की मौत की खबर जैसे ही मगहर कस्बे में पहुंची,वैसे ही लोग अवाक रह गए।
हर कोई गिरीशचंद गुप्त के अच्छे व्यवहार की तारीफ कर रहा था। हर कोई यही कह रहा था वह लोगों की सेवा घूम- घूम कर करते थे। यदि कोई पैसा भी नहीं देता था तो वह उपचार करने से मना नहीं करते थे। उनकी पत्नी आशा कार्यकर्ता है और दो बेटियां और दो बेटे है।
दोनों बेटी और एक बेटे की शादी कर चुके है। मगहर के चेयरमैन अश्वनी कुमार गुप्त , सभासद अवधेश सिंह, लालचंद यादव, बबलू खान, गौरव गुप्त, साहिद परवेज, अबरार अहमद,मुख्तार अहमद,मेंहदी हसन,जगत निषाद आदि ने कहा कि बीमार लोगों का उपचार करने के लिए मात्र सूचना पाकर ही गिरीशचंद गुप्त पहुंच जाते थे। उनमें समाज सेवा का जो जज्बा था,उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
वह मेडिकल प्रेक्टिसनरों की डिग्री को बहाल कराने और उन्हें सरकारी अस्पतालों में नियुक्त किए जाने की लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे थे। उनकी मौत से मगहर कस्बा ही नहीं आस-पास के गांवों के लोग दुखी थे। पीड़ित परिजनों का रो- रो कर बुरा हाल था।
विज्ञापन
मगहर कस्बे के रानी बाजार मोहल्ला निवासी 58 वर्षीय गिरीशचंद्र गुप्त रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिसनर थे। वह गांव- गांव घूम कर लोगों का उपचार करते थे।
विज्ञापन
सोमवार की सुबह वह साइकिल से खलीलाबाद की तरफ जा रहे थे। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सेमरा गांव के निकट पहुंचे ही थे कि उसी दौरान पीछे से एक ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद चालक ट्रक को लेकर भागने में सफल रहा।
विज्ञापन
मौके पर भारी भीड़ जुट गई। सूचना पाकर चौकी इंचार्ज मगहर भगवान सिंह मय फोर्स मौके पर पहुंच गए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इधर प्राइवेट चिकित्सक गिरीशचंद्र गुप्त की मौत की खबर जैसे ही मगहर कस्बे में पहुंची,वैसे ही लोग अवाक रह गए।
हर कोई गिरीशचंद गुप्त के अच्छे व्यवहार की तारीफ कर रहा था। हर कोई यही कह रहा था वह लोगों की सेवा घूम- घूम कर करते थे। यदि कोई पैसा भी नहीं देता था तो वह उपचार करने से मना नहीं करते थे। उनकी पत्नी आशा कार्यकर्ता है और दो बेटियां और दो बेटे है।
दोनों बेटी और एक बेटे की शादी कर चुके है। मगहर के चेयरमैन अश्वनी कुमार गुप्त , सभासद अवधेश सिंह, लालचंद यादव, बबलू खान, गौरव गुप्त, साहिद परवेज, अबरार अहमद,मुख्तार अहमद,मेंहदी हसन,जगत निषाद आदि ने कहा कि बीमार लोगों का उपचार करने के लिए मात्र सूचना पाकर ही गिरीशचंद गुप्त पहुंच जाते थे। उनमें समाज सेवा का जो जज्बा था,उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
वह मेडिकल प्रेक्टिसनरों की डिग्री को बहाल कराने और उन्हें सरकारी अस्पतालों में नियुक्त किए जाने की लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे थे। उनकी मौत से मगहर कस्बा ही नहीं आस-पास के गांवों के लोग दुखी थे। पीड़ित परिजनों का रो- रो कर बुरा हाल था।