{"_id":"5828a8094f1c1bf77eb3c66c","slug":"doctor-arrested-for-suspected-black-money-35-million","type":"story","status":"publish","title_hn":"कालेधन के संदेह में डॉक्टर से 35 लाख पकड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कालेधन के संदेह में डॉक्टर से 35 लाख पकड़े
Sant Kabir Nagar
Updated Sun, 13 Nov 2016 11:21 PM IST
विज्ञापन
कालेधन के संदेह में संतकबीरनगर पुलिस ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में सर्जरी के प्रवक्ता एवं चिकित्सक ओमप्रकाश सिंह के पास से 35 लाख रुपये की नकदी जब्त की है।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कालेधन के संदेह में पुलिस ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में सर्जरी के प्रवक्ता एवं चिकित्सक ओमप्रकाश सिंह के पास से 35 लाख रुपये की नकदी जब्त की है। आयकर विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने उनसे पूछताछ के बाद नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
पुलिस ने यह कार्रवाई शनिवार देर रात बिना नंबर की कार रोककर चेकिंग के दौरान की। लखनऊ दिशा से गोरखपुर की तरफ जा रही कार में तलाशी के दौरान झोले में मिले 35 लाख रुपये एक हजार और 500 के नोटों की शक्ल में थे। कोतवाल कमला यादव की सूचना पर रविवार सुबह आयकर के सहायक निदेशक अजय शुक्ला के नेतृत्व में खलीलाबाद कोतवाली पहुंची तीन सदस्यीय टीम ने उनसे नकदी के बारे में शाम तक पूछताछ की। पता चला है कि पूछताछ में डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने खजनी में संचालित होने वाले परिजनों के नर्सिंग होम के लिए सर्जरी उपकरण खरीदने के इरादे से रकम लेकर निकलने की बात कही। उनका कहना था कि इलाहाबाद से लेप्रोस्कोपिक उपकरण खरीदने के लिए वह 35 लाख लेकर गए थे। डील फाइनल न होने के कारण पूरी रकम के साथ वापस आ रहे थे।
इस तर्क के समर्थन में कागजात हासिल न होने पर आयकर विभाग ने रकम पुलिस की सुपुर्दगी में देते हुए शाम को चिकित्सक को जाने की छूट दे दी। आयकर के सहायक निदेशक के मुताबिक नोटिस जारी करके चिकित्सक का स्पष्टीकरण लिया जाएगा। जवाब देखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
हथियारों के संदेह में एसपी ने रोकी थी बिन नंबर की गाड़ी ः बस्ती। काले धन को ठिकाने लगाने वालों की घेराबंदी में पुलिस की सक्रियता के दौरान शनिवार रात डॉ. ओमप्रकाश सिंह की कार पहले एसपी शैलेश पांडेय के रडार पर आई थी। खुद राउंड पर निकले एसपी को बिना नंबर की कार तेज रफ्तार से निकलने पर शक हुआ तो पीछे अपनी गाड़ी दौड़ा दी। उस दौरान कार की रफ्तार बढ़ने पर हथियारों की ढुलाई का संदेह गहराया तो स्पीड बढ़ाकर मुंडेरवा में कार को रुकवाने में कामयाबी हासिल कर ली। कार में मौजूद शख्स का परिचय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर के तौर पर होने व उनके द्वारा 10-15 लाख की रकम पास होने की बात कहने पर उन्हें जाने दिया। बाद में किसी ने बड़ी रकम और की जानकारी देते हुए काले धन की शंका जताई। इसके बाद जारी अलर्ट के तहत मगहर चौकी के पास खलीलाबाद पुलिस ने रोककर हजार और पांच सौ के नोटों की शक्ल में 35 लाख होने का रहस्य खोला।
विज्ञापन
पुलिस ने यह कार्रवाई शनिवार देर रात बिना नंबर की कार रोककर चेकिंग के दौरान की। लखनऊ दिशा से गोरखपुर की तरफ जा रही कार में तलाशी के दौरान झोले में मिले 35 लाख रुपये एक हजार और 500 के नोटों की शक्ल में थे। कोतवाल कमला यादव की सूचना पर रविवार सुबह आयकर के सहायक निदेशक अजय शुक्ला के नेतृत्व में खलीलाबाद कोतवाली पहुंची तीन सदस्यीय टीम ने उनसे नकदी के बारे में शाम तक पूछताछ की। पता चला है कि पूछताछ में डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने खजनी में संचालित होने वाले परिजनों के नर्सिंग होम के लिए सर्जरी उपकरण खरीदने के इरादे से रकम लेकर निकलने की बात कही। उनका कहना था कि इलाहाबाद से लेप्रोस्कोपिक उपकरण खरीदने के लिए वह 35 लाख लेकर गए थे। डील फाइनल न होने के कारण पूरी रकम के साथ वापस आ रहे थे।
विज्ञापन
इस तर्क के समर्थन में कागजात हासिल न होने पर आयकर विभाग ने रकम पुलिस की सुपुर्दगी में देते हुए शाम को चिकित्सक को जाने की छूट दे दी। आयकर के सहायक निदेशक के मुताबिक नोटिस जारी करके चिकित्सक का स्पष्टीकरण लिया जाएगा। जवाब देखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
हथियारों के संदेह में एसपी ने रोकी थी बिन नंबर की गाड़ी ः बस्ती। काले धन को ठिकाने लगाने वालों की घेराबंदी में पुलिस की सक्रियता के दौरान शनिवार रात डॉ. ओमप्रकाश सिंह की कार पहले एसपी शैलेश पांडेय के रडार पर आई थी। खुद राउंड पर निकले एसपी को बिना नंबर की कार तेज रफ्तार से निकलने पर शक हुआ तो पीछे अपनी गाड़ी दौड़ा दी। उस दौरान कार की रफ्तार बढ़ने पर हथियारों की ढुलाई का संदेह गहराया तो स्पीड बढ़ाकर मुंडेरवा में कार को रुकवाने में कामयाबी हासिल कर ली। कार में मौजूद शख्स का परिचय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर के तौर पर होने व उनके द्वारा 10-15 लाख की रकम पास होने की बात कहने पर उन्हें जाने दिया। बाद में किसी ने बड़ी रकम और की जानकारी देते हुए काले धन की शंका जताई। इसके बाद जारी अलर्ट के तहत मगहर चौकी के पास खलीलाबाद पुलिस ने रोककर हजार और पांच सौ के नोटों की शक्ल में 35 लाख होने का रहस्य खोला।