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डीएम ने पढ़ाया, पढ़ाने का ढंग भी सिखाया
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बखिरा के एक स्कूल में ब्लैक वोर्ड पर बच्चों को पढ़ाते डीएम।
- फोटो : KHALILABAD
पूछने पर बच्चे मौन, डीएम बने शिक्षक
पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेडरापार और हरदी में पहुंचे थे निरीक्षण करने
संतकबीरनगर। डीएम रवीश गुप्त बृहस्पतिवार को शिक्षक बन गए और परिषदीय विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने लगे। करीब आधा घंटे तक बच्चों को पढ़ाने के बाद शिक्षकों से अंग्रेजी और हिंदी विषय को सही तरीके से पढ़कर बच्चों को पढ़ाने का निर्देश दिया।
डीएम रवीश गुप्त, सीडीओ बब्बन उपाध्याय के साथ बघौली ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेड़रापार पहुंचे। वहां कक्षा छह के बच्चों से अंग्रेजी में सवाल किए तो बच्चे चुप रहे। कोई भी बच्चा अंग्रेजी में जवाब नहीं दे पाया। जिसके बाद डीएम ने पुस्तक में लिखे कुछ शब्दों को बच्चों को पढ़ने के लिए कहा, लेकिन बच्चे नहीं पढ़ पाए। वहा मौजूद शिक्षक से नाराजगी जाहिर की और खुद शिक्षक बन कर बच्चों को पढ़ाने लगे। उन्होंने ब्लैक बोर्ड पर कुछ शब्द लिखे और उसके बारे में बच्चों को समझाया। करीब आधे घंटे तक वह विद्यालय में मौजूद रहे। उसके बाद वे पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरदी पहुंचे तो वहां के शौचालय में ताला बंद मिला और विद्यालय परिसर में गदंगी थी। डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए सफाई का निर्देश दिया। यहां पर भी डीएम बच्चों से सवाल जवाब किए। डीएम ने शिक्षकों से कहा कि स्कूलों में बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन कराएं। इसके लिए घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करें।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेडरापार और हरदी में पहुंचे थे निरीक्षण करने
संतकबीरनगर। डीएम रवीश गुप्त बृहस्पतिवार को शिक्षक बन गए और परिषदीय विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने लगे। करीब आधा घंटे तक बच्चों को पढ़ाने के बाद शिक्षकों से अंग्रेजी और हिंदी विषय को सही तरीके से पढ़कर बच्चों को पढ़ाने का निर्देश दिया।
डीएम रवीश गुप्त, सीडीओ बब्बन उपाध्याय के साथ बघौली ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेड़रापार पहुंचे। वहां कक्षा छह के बच्चों से अंग्रेजी में सवाल किए तो बच्चे चुप रहे। कोई भी बच्चा अंग्रेजी में जवाब नहीं दे पाया। जिसके बाद डीएम ने पुस्तक में लिखे कुछ शब्दों को बच्चों को पढ़ने के लिए कहा, लेकिन बच्चे नहीं पढ़ पाए। वहा मौजूद शिक्षक से नाराजगी जाहिर की और खुद शिक्षक बन कर बच्चों को पढ़ाने लगे। उन्होंने ब्लैक बोर्ड पर कुछ शब्द लिखे और उसके बारे में बच्चों को समझाया। करीब आधे घंटे तक वह विद्यालय में मौजूद रहे। उसके बाद वे पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरदी पहुंचे तो वहां के शौचालय में ताला बंद मिला और विद्यालय परिसर में गदंगी थी। डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए सफाई का निर्देश दिया। यहां पर भी डीएम बच्चों से सवाल जवाब किए। डीएम ने शिक्षकों से कहा कि स्कूलों में बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन कराएं। इसके लिए घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करें।
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