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श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
Mon, 04 Feb 2019 11:25 PM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 04 Feb 2019 11:25 PM IST
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श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। मौनी अमावस्या के अवसर पर सोमवार की सुबह हजारों श्रद्धालुओं ने सरयू नदी के बिड़हरघाट सहित राप्ती व आमी नदियां में डुबकी लगाई। साथ ही दान-पुण्य भी किया। इस दौरान घाटों पर मेला लगा। मेले में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की टीम मुस्तैद रहीं।
मौनी अमावस्या पर्व पर स्नान-दान के महत्व को देखते हुए लोग कई दिन से तैयारियों में जुटे थे। तमाम लोग प्रयागराज में संगम स्नान के लिए दो दिन पहले ही यहां से जा चुके थे। जिन्हें किसी कारणवश दूर जाने का अवसर नहीं मिला उन्होंने आसपास के जलाशयों में स्नान किया। जो लोग जलाशयों तक भी नहीं पहुंचे उन्होंने घर में ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान किया और मंदिरों में जाकर दान-दक्षिणा दी। हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार मौनी अमावस्या पर्व पर हर साल सरयू नदी के बिड़हरघाट पर भीड़ जुटती है। इसको देखते हुए प्रशासन व दुकानदार कई दिन से अपनी तैयारियों में जुटे हुए थे। रविवार की रात से ही श्रद्घालु बिड़हरघाट पहुंचना शुरू हो गए थे। सोमवार की भोर में लोगों ने पवित्र सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर स्नान-दान शुरू कर दिया। सुबह पैदल, साइकिल, बाइक और चार पहिया वाहनों से बिड़हर घाट की ओर जा रहे श्रद्घालुओं के चलते खलीलाबाद-धनघटा मार्ग पर भीड़ नजर आ रही थी। बिड़हरघाट के अलावा लोगों ने रामबाग, चहोड़ा, मंयदी, चाड़ीपुर समेत अन्य घाटों पर भी स्नान दान किया। बिड़हर घाट पर लगे मेले में बड़ी संख्या में महिलाओं व बच्चों ने अपनी जरूरत के सामान खरीदे। दोपहर बाद तक भीड़ लगी रही। बखिरा प्रतिनिधि के अनुसार पवित्र पर्व मौनी अमावस्या के अवसर पर बखिरा समेत आसपास के ग्रामीणों ने राप्ती तथा आमी नदी में स्नान किया।
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मौनी अमावस्या पर्व पर स्नान-दान के महत्व को देखते हुए लोग कई दिन से तैयारियों में जुटे थे। तमाम लोग प्रयागराज में संगम स्नान के लिए दो दिन पहले ही यहां से जा चुके थे। जिन्हें किसी कारणवश दूर जाने का अवसर नहीं मिला उन्होंने आसपास के जलाशयों में स्नान किया। जो लोग जलाशयों तक भी नहीं पहुंचे उन्होंने घर में ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान किया और मंदिरों में जाकर दान-दक्षिणा दी। हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार मौनी अमावस्या पर्व पर हर साल सरयू नदी के बिड़हरघाट पर भीड़ जुटती है। इसको देखते हुए प्रशासन व दुकानदार कई दिन से अपनी तैयारियों में जुटे हुए थे। रविवार की रात से ही श्रद्घालु बिड़हरघाट पहुंचना शुरू हो गए थे। सोमवार की भोर में लोगों ने पवित्र सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर स्नान-दान शुरू कर दिया। सुबह पैदल, साइकिल, बाइक और चार पहिया वाहनों से बिड़हर घाट की ओर जा रहे श्रद्घालुओं के चलते खलीलाबाद-धनघटा मार्ग पर भीड़ नजर आ रही थी। बिड़हरघाट के अलावा लोगों ने रामबाग, चहोड़ा, मंयदी, चाड़ीपुर समेत अन्य घाटों पर भी स्नान दान किया। बिड़हर घाट पर लगे मेले में बड़ी संख्या में महिलाओं व बच्चों ने अपनी जरूरत के सामान खरीदे। दोपहर बाद तक भीड़ लगी रही। बखिरा प्रतिनिधि के अनुसार पवित्र पर्व मौनी अमावस्या के अवसर पर बखिरा समेत आसपास के ग्रामीणों ने राप्ती तथा आमी नदी में स्नान किया।
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