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Sant Kabir Nagar News: तीन साल से विकास कार्य ठप... केस के बाद प्रस्तावित बैठक पर भी संकट
Sat, 28 Sep 2024 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 28 Sep 2024 01:07 AM IST
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- सेमरियावां : मौजूदा प्रमुख और पूर्व प्रमुख की खींचतान से ब्लॉक के विकास की नहीं बन सकी कार्ययोजना, 30 को फिर प्रस्तावित है बैठक
- अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष-विपक्ष के शपथ पत्र में फर्जीवाड़े पर केस से हड़कंप
113 ग्राम और 121 क्षेत्र पंचायत हैं सेमरियावां ब्लॉक में
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मौजूदा प्रमुख और पूर्व प्रमुख की आपसी खींचतान के कारण तीन साल से सेमरियावां ब्लॉक के विकास की कार्ययोजना नहीं बन पाई। ऐसे में जनपद के सबसे बड़े ब्लाॅक का विकास ठप पड़ा है। अब अविश्वास प्रस्ताव के विरोध और समर्थन में दिए गए शपथ पत्र के फर्जीवाड़े में मौजूदा प्रमुख और पूर्व प्रमुख की पत्नी समेत 55 सदस्यों पर केस दर्ज होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में आगामी 30 सितंबर को प्रस्तावित बैठक पर भी संकट के बादल नजर आने लगे हैं।
सेमरियावां ब्लॉक में 113 ग्राम पंचायतें और 121 क्षेत्र पंचायतें हैं। ब्लॉक क्षेत्र के दो लाख 42 हजार मतदाताओं ने 20 जुलाई 2021 को बीडीसी और ग्राम प्रधान का चुनाव किया। प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और प्रधानों के शपथ ग्रहण के बाद से अब तक क्षेत्र पंचायत की बैठक नहीं हो सकी। नतीजा यह रहा कि तीन साल से विकास के लिए एक भी कार्ययोजना नहीं बन पाई।
प्रमुख के शपथ ग्रहण के बाद 14 अक्तूबर 2022 और 14 फरवरी 2023 को भी क्षेत्र पंचायत की बैठक बुलाई गई थी। दोनों बार कोरम के अभाव में बैठक पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद कई बार कवायद हुई लेकिन विभिन्न वजहों से बैठक टलती रही। बीते 28 अगस्त को एक बार फिर क्षेत्र पंचायत की बैठक बुलाई गई थी। पुलिस भर्ती परीक्षा की वजह से प्रमुख की संस्तुति पर 11 सितंबर की तिथि तय हुई लेकिन हंगामे और विवाद के बाद कोरम के अभाव में यह बैठक भी स्थगित करनी पड़ी। अब 30 सितंबर को प्रस्तावित बैठक पर भी ग्रहण लगता दिख रहा है।
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वित्तीय वर्ष में एक बैठक जरूरीजानकारों का कहना है कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों को लेकर क्षेत्र पंचायत की कम से कम एक बैठक होनी चाहिए। अगर कोरम पूरा नहीं होता है तो बैठक स्थगित कर दी जाती है। इसके बाद अगली बैठक में कोरम की जरूरत नहीं होती है। सेमरियावां ब्लॉक में तीन साल में एक भी बैठक नहीं हो सकी है।
11 सितंबर को कोरम के अभाव में स्थगित करनी पड़ी थी बैठक
11 सितंबर को क्षेत्र पंचायत की बैठक बुलाई गई थी। बैठक से पहले ब्लाॅक कार्यालय के बाहर काफी हंगामा हुआ था। इसमें ब्लॉक प्रमुख ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों को जबरन उठा ले जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे। पुलिस ने किसी तरह विवाद शांत कराया था। इस मामले में 50 से अधिक लोगों को पाबंद किया गया था। नियम के मुताबिक एक तिहाई सदस्यों के उपस्थित न होने के कारण कोरम के अभाव में बैठक स्थगित करनी पड़ी थी।
इन क्षेत्र पंचायत सदस्यों पर दर्ज हुआ केस
हाजरा खातून, संगीता देवी, मनीष कुमार, बदरून्निशा, मजहरून्निशा, रीता, रोहित कुमार, सनी देवल, अमृत लाल, पंचराम, राहुल कुमार, शकीना खातून, रंगीलाल, साधना, अजय प्रकाश, धर्मात्मा प्रसाद, शांति देवी, मिथिलेश, फखरूल इस्लाम, धर्मेंद्र कुमार, मोहम्मद सलीम, सुभावती, गुलाम हुसेन, नौसाद अली, जितेंद्र कुमार, इबारत हुसैन, मीरा, प्रभावती, बबिता, रूकसाना खातून, बदरून्निशा, इजहार अहमद, नजरूल हसन, नीतू, बबिता, रविंद्र कुमार, पौनारी देवी, साधना, फिरोज अहमद, अलीमुन्निशा, पंकज कुमार, बदरे आलम, इम्तियाज अहमद, बहादुर प्रसाद, आतिफा खातून, एबाद अहमद, राधिका देवी, मीना देवी, मोहम्मद महमूद, रमेश प्रसाद, खुशनुमा खातून, शमा अदनान, अर्चना, रामदास, राम कुमार शामिल है।
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हाजरा खातून ने 91 बीडीसी का शपथ पत्र दिया था। इसके बाद प्रमुख मजरून्निशा ने अपने पक्ष में 75 सदस्यों का शपथ पत्र दिया था। ब्लॉक में 121 बीडीसी ही हैं जबकि दोनों पक्ष को मिलाकर कुल 166 शपथ पत्र मिले थे। जांच में 50 सदस्यों के शपथ पत्र कूटरचित पाए गए। इसी के आधार पर केस दर्ज कराया गया है।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
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- अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष-विपक्ष के शपथ पत्र में फर्जीवाड़े पर केस से हड़कंप
113 ग्राम और 121 क्षेत्र पंचायत हैं सेमरियावां ब्लॉक में
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मौजूदा प्रमुख और पूर्व प्रमुख की आपसी खींचतान के कारण तीन साल से सेमरियावां ब्लॉक के विकास की कार्ययोजना नहीं बन पाई। ऐसे में जनपद के सबसे बड़े ब्लाॅक का विकास ठप पड़ा है। अब अविश्वास प्रस्ताव के विरोध और समर्थन में दिए गए शपथ पत्र के फर्जीवाड़े में मौजूदा प्रमुख और पूर्व प्रमुख की पत्नी समेत 55 सदस्यों पर केस दर्ज होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में आगामी 30 सितंबर को प्रस्तावित बैठक पर भी संकट के बादल नजर आने लगे हैं।
सेमरियावां ब्लॉक में 113 ग्राम पंचायतें और 121 क्षेत्र पंचायतें हैं। ब्लॉक क्षेत्र के दो लाख 42 हजार मतदाताओं ने 20 जुलाई 2021 को बीडीसी और ग्राम प्रधान का चुनाव किया। प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और प्रधानों के शपथ ग्रहण के बाद से अब तक क्षेत्र पंचायत की बैठक नहीं हो सकी। नतीजा यह रहा कि तीन साल से विकास के लिए एक भी कार्ययोजना नहीं बन पाई।
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प्रमुख के शपथ ग्रहण के बाद 14 अक्तूबर 2022 और 14 फरवरी 2023 को भी क्षेत्र पंचायत की बैठक बुलाई गई थी। दोनों बार कोरम के अभाव में बैठक पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद कई बार कवायद हुई लेकिन विभिन्न वजहों से बैठक टलती रही। बीते 28 अगस्त को एक बार फिर क्षेत्र पंचायत की बैठक बुलाई गई थी। पुलिस भर्ती परीक्षा की वजह से प्रमुख की संस्तुति पर 11 सितंबर की तिथि तय हुई लेकिन हंगामे और विवाद के बाद कोरम के अभाव में यह बैठक भी स्थगित करनी पड़ी। अब 30 सितंबर को प्रस्तावित बैठक पर भी ग्रहण लगता दिख रहा है।
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वित्तीय वर्ष में एक बैठक जरूरीजानकारों का कहना है कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों को लेकर क्षेत्र पंचायत की कम से कम एक बैठक होनी चाहिए। अगर कोरम पूरा नहीं होता है तो बैठक स्थगित कर दी जाती है। इसके बाद अगली बैठक में कोरम की जरूरत नहीं होती है। सेमरियावां ब्लॉक में तीन साल में एक भी बैठक नहीं हो सकी है।
11 सितंबर को कोरम के अभाव में स्थगित करनी पड़ी थी बैठक
11 सितंबर को क्षेत्र पंचायत की बैठक बुलाई गई थी। बैठक से पहले ब्लाॅक कार्यालय के बाहर काफी हंगामा हुआ था। इसमें ब्लॉक प्रमुख ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों को जबरन उठा ले जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे। पुलिस ने किसी तरह विवाद शांत कराया था। इस मामले में 50 से अधिक लोगों को पाबंद किया गया था। नियम के मुताबिक एक तिहाई सदस्यों के उपस्थित न होने के कारण कोरम के अभाव में बैठक स्थगित करनी पड़ी थी।
इन क्षेत्र पंचायत सदस्यों पर दर्ज हुआ केस
हाजरा खातून, संगीता देवी, मनीष कुमार, बदरून्निशा, मजहरून्निशा, रीता, रोहित कुमार, सनी देवल, अमृत लाल, पंचराम, राहुल कुमार, शकीना खातून, रंगीलाल, साधना, अजय प्रकाश, धर्मात्मा प्रसाद, शांति देवी, मिथिलेश, फखरूल इस्लाम, धर्मेंद्र कुमार, मोहम्मद सलीम, सुभावती, गुलाम हुसेन, नौसाद अली, जितेंद्र कुमार, इबारत हुसैन, मीरा, प्रभावती, बबिता, रूकसाना खातून, बदरून्निशा, इजहार अहमद, नजरूल हसन, नीतू, बबिता, रविंद्र कुमार, पौनारी देवी, साधना, फिरोज अहमद, अलीमुन्निशा, पंकज कुमार, बदरे आलम, इम्तियाज अहमद, बहादुर प्रसाद, आतिफा खातून, एबाद अहमद, राधिका देवी, मीना देवी, मोहम्मद महमूद, रमेश प्रसाद, खुशनुमा खातून, शमा अदनान, अर्चना, रामदास, राम कुमार शामिल है।
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हाजरा खातून ने 91 बीडीसी का शपथ पत्र दिया था। इसके बाद प्रमुख मजरून्निशा ने अपने पक्ष में 75 सदस्यों का शपथ पत्र दिया था। ब्लॉक में 121 बीडीसी ही हैं जबकि दोनों पक्ष को मिलाकर कुल 166 शपथ पत्र मिले थे। जांच में 50 सदस्यों के शपथ पत्र कूटरचित पाए गए। इसी के आधार पर केस दर्ज कराया गया है।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम