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Sant Kabir Nagar News: रोक के बाद भी तेजपुर में हो रहा बालू का खनन
Tue, 06 Jan 2026 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 06 Jan 2026 01:00 AM IST
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तेजपुर के पास किया जा रहा बालू खनन-संवाद
धनघटा। तहसील क्षेत्र के तेजपुर में सरयू नदी के तलहटी में सीमा विवाद हल होने का नाम नहीं ले रहा है। एसडीएम धनघटा के जरिए संतकबीरनगर की सीमा में बालू खनन किए जाने से रोके जाने के बाद भी अंबेडकरनगर के ठेकेदार अपनी जमीन बता कर बालू खनन करा रहे हैं। इससे संतकबीरनगर के किसानों में रोष है।
माझा तेजपुर और अंबेडकरनगर के टांडा तहसील की सीमा को सरयू नदी विभाजित करती है। अंबेडकरनगर जिले के बालू ठेकेदार टांडा तहसील में बालू का पट्टा कराने के बाद नदी के इस पार आकर बालू का खनन कराने का प्रयास जब पहली बार किए तो तेजपुर के किसान बालू खनन करने से रोक दिए। उसके बाद टांडा और धनघटा तहसील के राजस्व कर्मी पैमाइश किए लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। उसके बाद दो-दो बार पैमाइश हुई समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
तेजपुर के प्रधान समस्या का समाधान कराए जाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी से फरियाद किए तो डीएम के आदेश पर एक बार फिर पैमाइश हुई। लेकिन मामला उसी तरह विवादित बना रहा। इस बीच एसडीएम धनघटा ने बालू खनन करने पर रोक लगा दिया। किसान रामचंद्र, परदेसी, राम बुझारत, रघुवंश, राधेश्याम, रामहित आदि का कहना है कि एसडीएम के रोक के बाद भी अंबेडकरनगर के बालू ठेकेदार संतकबीरनगर की सीमा में जबरन बालू खनन कर रहे हैं।
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किसानों का कहना है कि अवैध रूप से बालू खनन किए जाने से उनकी कृषि योग्य भूमि बर्बाद हो रही है। उधर बालू के ठेकेदार हर हाल में बालू खनन कराने पर आमादा है। जिससे तेजपुर के किसानों और बालू खनन के ठेकेदारों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया है। इस संबंध में एसडीएम धनघटा डॉ. सुनील कुमार का कहना है कि संतकबीरनगर की सीमा में बालू खनन पर रोक लगाई गई है। साथ ही साथ पैमाइश के लिए एसडीएम टांडा को पत्र लिखा गया है। दो दिन इंतजार के बाद जिलाधिकारी संतकबीरनगर को मामले से अवगत कराया जाएगा। आगे उनका जो दिशा निर्देश होगा उसी के तहत कार्य किया जाएगा।
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माझा तेजपुर और अंबेडकरनगर के टांडा तहसील की सीमा को सरयू नदी विभाजित करती है। अंबेडकरनगर जिले के बालू ठेकेदार टांडा तहसील में बालू का पट्टा कराने के बाद नदी के इस पार आकर बालू का खनन कराने का प्रयास जब पहली बार किए तो तेजपुर के किसान बालू खनन करने से रोक दिए। उसके बाद टांडा और धनघटा तहसील के राजस्व कर्मी पैमाइश किए लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। उसके बाद दो-दो बार पैमाइश हुई समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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तेजपुर के प्रधान समस्या का समाधान कराए जाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी से फरियाद किए तो डीएम के आदेश पर एक बार फिर पैमाइश हुई। लेकिन मामला उसी तरह विवादित बना रहा। इस बीच एसडीएम धनघटा ने बालू खनन करने पर रोक लगा दिया। किसान रामचंद्र, परदेसी, राम बुझारत, रघुवंश, राधेश्याम, रामहित आदि का कहना है कि एसडीएम के रोक के बाद भी अंबेडकरनगर के बालू ठेकेदार संतकबीरनगर की सीमा में जबरन बालू खनन कर रहे हैं।
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किसानों का कहना है कि अवैध रूप से बालू खनन किए जाने से उनकी कृषि योग्य भूमि बर्बाद हो रही है। उधर बालू के ठेकेदार हर हाल में बालू खनन कराने पर आमादा है। जिससे तेजपुर के किसानों और बालू खनन के ठेकेदारों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया है। इस संबंध में एसडीएम धनघटा डॉ. सुनील कुमार का कहना है कि संतकबीरनगर की सीमा में बालू खनन पर रोक लगाई गई है। साथ ही साथ पैमाइश के लिए एसडीएम टांडा को पत्र लिखा गया है। दो दिन इंतजार के बाद जिलाधिकारी संतकबीरनगर को मामले से अवगत कराया जाएगा। आगे उनका जो दिशा निर्देश होगा उसी के तहत कार्य किया जाएगा।