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Sant Kabir Nagar News: अनुसूचित जाति के व्यक्ति की भूमि करा लिया बैनामा, निरस्त
Tue, 22 Oct 2024 11:07 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 22 Oct 2024 11:07 PM IST
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मेंहदावल। डीएम से बिना अनुमति लिए ही अनुसूचित जाति के व्यक्ति की भूमि बैनामा करा लिए जाने के मामले में तहसीलदार मेंहदावल ने कार्रवाई की है। भूमि के नामांतरण को निरस्त करते हुए रिपोर्ट एसडीएम मेंहदावल को भेजी है। जल्द यह भूमि राज्य सरकार के अधीन होगी।
तहसीलदार आनंद कुमार ओझा ने बताया कि भूमि की क्रेता उषा पत्नी निर्मल गांव बढ़या की निवासी हैं। यह केवट हैं जो कि अन्य पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आता है। विक्रेता गोली पुत्र मक्खन और राधिका पत्नी मक्खन ग्राम बढ़या वर्तमान निवास रुद्रपुर तहसील बांसी की निवासी है।
यह अनुसूचित जाति से आती हैं। लेखपाल की आख्या व जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि विक्रेता द्वारा बिना जिलाधिकारी से अनुमति लिए तथ्य छिपाकर अनुसूचित जाति के व्यक्ति की भूमि का बैनामा करा लिया।
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जांच में इस बात की पुष्टि होने पर भूमि के नामांतरण को निरस्त कर दिया। संबंधित आदेश व पूरी रिपोर्ट एसडीएम मेंहदावल को भेजी जा रही है। यह भूमि अब राज्य सरकार के अधीन की जाएगी। इस पर क्रेता व विक्रेता दोनों का हक पूरी तरह से समाप्त होगा।
बताया कि नामांतरण के लिए फाइल आई थी। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर जांच हुई। लेखपाल की आख्या से बिना अनुमति बैनामा कराने की पुष्टि हुई। जिसके बाद नामांतरण को निरस्त कर दिया गया है।
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तहसीलदार आनंद कुमार ओझा ने बताया कि भूमि की क्रेता उषा पत्नी निर्मल गांव बढ़या की निवासी हैं। यह केवट हैं जो कि अन्य पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आता है। विक्रेता गोली पुत्र मक्खन और राधिका पत्नी मक्खन ग्राम बढ़या वर्तमान निवास रुद्रपुर तहसील बांसी की निवासी है।
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यह अनुसूचित जाति से आती हैं। लेखपाल की आख्या व जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि विक्रेता द्वारा बिना जिलाधिकारी से अनुमति लिए तथ्य छिपाकर अनुसूचित जाति के व्यक्ति की भूमि का बैनामा करा लिया।
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जांच में इस बात की पुष्टि होने पर भूमि के नामांतरण को निरस्त कर दिया। संबंधित आदेश व पूरी रिपोर्ट एसडीएम मेंहदावल को भेजी जा रही है। यह भूमि अब राज्य सरकार के अधीन की जाएगी। इस पर क्रेता व विक्रेता दोनों का हक पूरी तरह से समाप्त होगा।
बताया कि नामांतरण के लिए फाइल आई थी। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर जांच हुई। लेखपाल की आख्या से बिना अनुमति बैनामा कराने की पुष्टि हुई। जिसके बाद नामांतरण को निरस्त कर दिया गया है।