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निजी दुकानों से खाद गायब, साधन सहकारी समितियों पर लग रही कतार
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निजी दुकानों से खाद गायब, साधन सहकारी समितियों पर लग रही कतार
मेंहदावल। डीएपी खाद की कमी से रबी की बुआई प्रभावित हो रही है। लाइसेंसी व प्राइवेट दुकानों से खाद गायब है तो सहकारी समितियों पर किसानों की लंबी कतार लग रही है। खाद की कमी से किसान जूझ रहे हैं। ऊपर से एक आधार व इंतखाब पर दो बोरी खाद के नियम ने बड़े काश्तकारों की परेशानी बढ़ा दी है।
मेंहदावल क्षेत्र में डीएपी की भारी कमी से गेहूं की फसल पर संकट मंडरा रहा है। लाइसेंसी दुकानदारों व प्राइवेट खाद विक्रेताओं के यहां भी डीएपी नहीं मिल पा रही है। साधन सहकारी समितियों पर खाद आते ही किसानों की लंबी लाइन लग जा रही है। पुलिस प्रशासन को भीड़ संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। साधन सहकारी समिति के सचिवों का कहना है कि खाद समितियों पर दो सौ बोरी डीएपी मिली है। किसानों की भीड़ पांच सौ की हो रही है। ऐसे में खाद का वितरण बड़ी समस्या है। जबकि शासन ने व्यवस्था बना रखी है कि एक व्यक्ति को आधार व इंतखाब प्रस्तुत करने पर केवल दो बोरी खाद दी जाए। ऐसे में बडे़ काश्तकारों को दिक्कत हो रही है। किसान रमेश निषाद ने कहा कि किसानों की मांग के अनुसार बाजार में डीएपी की व्यवस्था न होने से किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। इससे गेहूं की बुआई प्रभावित हो रही है। रामबेलास निषाद ने कहा कि जिन किसानों के पास डेढ़ से दो एकड़ खेत है वे दो बोरी खाद में गेहूं की बुआई कैसे करें, इस समस्या का निदान जिम्मेदार नहीं कर रहे हैं। किसान रामआशीष ने कहा कि वर्तमान समय में खेती महंगी हो गई है। शासन व प्रशासन हर किसान को केवल दो बोरी खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था खेती पर भारी पड़ रही है। बाजार में किसानों के बीच जिस खाद की मांग है, उसे आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध कराने में जिम्मेदार फेल हैं। साधन सहकारी समिति पश्चिमटोला पर चल रहे साधन सहकारी समिति विसौवा में डीएपी के लिए सुबह चार बजे से ही किसानों ने लाइन लगा रखी थी। यही हाल साधन सहकारी समिति बढ़या ठाठर का रहा, जहां किसानों की लंबी कतार को संभालने के लिए नौलखा चौकी की पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालत यह है कि डीएपी के लिए किसान मारे-मारे फिर रहा है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि समितियों पर खाद भेजी गई है। जल्द ही समस्या का निदान हो जाएगा।
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मेंहदावल। डीएपी खाद की कमी से रबी की बुआई प्रभावित हो रही है। लाइसेंसी व प्राइवेट दुकानों से खाद गायब है तो सहकारी समितियों पर किसानों की लंबी कतार लग रही है। खाद की कमी से किसान जूझ रहे हैं। ऊपर से एक आधार व इंतखाब पर दो बोरी खाद के नियम ने बड़े काश्तकारों की परेशानी बढ़ा दी है।
मेंहदावल क्षेत्र में डीएपी की भारी कमी से गेहूं की फसल पर संकट मंडरा रहा है। लाइसेंसी दुकानदारों व प्राइवेट खाद विक्रेताओं के यहां भी डीएपी नहीं मिल पा रही है। साधन सहकारी समितियों पर खाद आते ही किसानों की लंबी लाइन लग जा रही है। पुलिस प्रशासन को भीड़ संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। साधन सहकारी समिति के सचिवों का कहना है कि खाद समितियों पर दो सौ बोरी डीएपी मिली है। किसानों की भीड़ पांच सौ की हो रही है। ऐसे में खाद का वितरण बड़ी समस्या है। जबकि शासन ने व्यवस्था बना रखी है कि एक व्यक्ति को आधार व इंतखाब प्रस्तुत करने पर केवल दो बोरी खाद दी जाए। ऐसे में बडे़ काश्तकारों को दिक्कत हो रही है। किसान रमेश निषाद ने कहा कि किसानों की मांग के अनुसार बाजार में डीएपी की व्यवस्था न होने से किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। इससे गेहूं की बुआई प्रभावित हो रही है। रामबेलास निषाद ने कहा कि जिन किसानों के पास डेढ़ से दो एकड़ खेत है वे दो बोरी खाद में गेहूं की बुआई कैसे करें, इस समस्या का निदान जिम्मेदार नहीं कर रहे हैं। किसान रामआशीष ने कहा कि वर्तमान समय में खेती महंगी हो गई है। शासन व प्रशासन हर किसान को केवल दो बोरी खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था खेती पर भारी पड़ रही है। बाजार में किसानों के बीच जिस खाद की मांग है, उसे आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध कराने में जिम्मेदार फेल हैं। साधन सहकारी समिति पश्चिमटोला पर चल रहे साधन सहकारी समिति विसौवा में डीएपी के लिए सुबह चार बजे से ही किसानों ने लाइन लगा रखी थी। यही हाल साधन सहकारी समिति बढ़या ठाठर का रहा, जहां किसानों की लंबी कतार को संभालने के लिए नौलखा चौकी की पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालत यह है कि डीएपी के लिए किसान मारे-मारे फिर रहा है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि समितियों पर खाद भेजी गई है। जल्द ही समस्या का निदान हो जाएगा।
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