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Sant Kabir Nagar News: सरयू की कटान तेज... ढोलबजा गांव के 20 घर जद में
Mon, 30 Sep 2024 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 30 Sep 2024 11:15 PM IST
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- नदी का जलस्तर स्थिर, बिड़हरघाट पर सोमवार की शाम जलस्तर 78.700 पर रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। हैंसर ब्लाॅक के ढोलबजा गांव पर सरयू नदी की कटान का खतरा मंडराने लगा है। नदी के जलस्तर में पिछले तीन दिनों से वृद्धि दर्ज की जा रही थी। लेकिन सोमवार को नदी का जलस्तर पर स्थिर हो हुआ तो कटान शुरू हो गई। बीस घरों के परिवारों की नींद गायब हो गई है। मांझा क्षेत्र में बाढ़ से तबाही का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। बिड़हरघाट पर सोमवार की शाम जलस्तर 78.700 पर स्थिर रहा। लेकिन हैंसर ब्लाॅक क्षेत्र के ढोलबजा गांव पर दूसरी बार नदी की कटान पहुंच गई है।
सरयू नदी का जलस्तर स्थिर होने के बाद ग्रामीणों की समस्याएं कम नही हो रही है। सोमवार को गायघाट दक्षिणी इलाके में नदी की कटान की जद में बीस घरों आने वाले हैं। गांवों की तरफ जैसे-जैसे कटान बढ़ रही है ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है। ढोलबजा में 20 घरों पर नदी की कटान ने आफत खड़ी कर दी है। कटान का पहला निशाना राम जीत का घर बना हुआ है। पिछली बार नदी की कटान में राम जीत का घर नदी में विलीन हो गया था। राम जीत ने एक नया आशियाना बनाया था।
अयोध्या, पूर्णवासी, संत प्रसाद, धर्मेंद्र, संतोष, राजेन्द्र, राम सजन, बालेन्द्र, रमाकांत, सुबास के पक्के मकान भी कटान की जद में पहुंच रहे हैं। ढोलबजा गांव निवासी राम जीत, संतोष, राजेन्द्र आदि ने बताया कि गांव में नदी की कटान दस से बीस मीटर की गहराई में चल रही है। कटान तेजी से गांव की तरफ पहुंच रही है। ग्रामीणों ने कहा कि कटान रोकने के लिए हल्का लेखपाल व अधिकारियों को बताया गया है। लेकिन मौके पर कोई बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ।
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इस संबंध में एसडीएम रमेश चंद्र ने बताया कि संबंधित कानूनगो और लेखपाल को स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है। जहां जिस तरह की जरूरत पड़ रही है उसे पूरा किया जा रहा है।
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धनघटा। हैंसर ब्लाॅक के ढोलबजा गांव पर सरयू नदी की कटान का खतरा मंडराने लगा है। नदी के जलस्तर में पिछले तीन दिनों से वृद्धि दर्ज की जा रही थी। लेकिन सोमवार को नदी का जलस्तर पर स्थिर हो हुआ तो कटान शुरू हो गई। बीस घरों के परिवारों की नींद गायब हो गई है। मांझा क्षेत्र में बाढ़ से तबाही का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। बिड़हरघाट पर सोमवार की शाम जलस्तर 78.700 पर स्थिर रहा। लेकिन हैंसर ब्लाॅक क्षेत्र के ढोलबजा गांव पर दूसरी बार नदी की कटान पहुंच गई है।
सरयू नदी का जलस्तर स्थिर होने के बाद ग्रामीणों की समस्याएं कम नही हो रही है। सोमवार को गायघाट दक्षिणी इलाके में नदी की कटान की जद में बीस घरों आने वाले हैं। गांवों की तरफ जैसे-जैसे कटान बढ़ रही है ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है। ढोलबजा में 20 घरों पर नदी की कटान ने आफत खड़ी कर दी है। कटान का पहला निशाना राम जीत का घर बना हुआ है। पिछली बार नदी की कटान में राम जीत का घर नदी में विलीन हो गया था। राम जीत ने एक नया आशियाना बनाया था।
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अयोध्या, पूर्णवासी, संत प्रसाद, धर्मेंद्र, संतोष, राजेन्द्र, राम सजन, बालेन्द्र, रमाकांत, सुबास के पक्के मकान भी कटान की जद में पहुंच रहे हैं। ढोलबजा गांव निवासी राम जीत, संतोष, राजेन्द्र आदि ने बताया कि गांव में नदी की कटान दस से बीस मीटर की गहराई में चल रही है। कटान तेजी से गांव की तरफ पहुंच रही है। ग्रामीणों ने कहा कि कटान रोकने के लिए हल्का लेखपाल व अधिकारियों को बताया गया है। लेकिन मौके पर कोई बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ।
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इस संबंध में एसडीएम रमेश चंद्र ने बताया कि संबंधित कानूनगो और लेखपाल को स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है। जहां जिस तरह की जरूरत पड़ रही है उसे पूरा किया जा रहा है।