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संकट : सिर्फ दो चिकित्सकों के भरोसे खलीलाबाद सीएचसी
Thu, 31 Jul 2025 11:12 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 31 Jul 2025 11:12 PM IST
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सीएचसी खलीलाबाद में चिकित्सकों के अभाव के चलते एक ही चिकित्सक के पास लगी मरीजों की भीड़।
संतकबीरनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद इस समय चिकित्सकों की कमी झेल रहा है। रोजाना करीब 400 ओपीडी होने के बावजूद सीएचसी पर सिर्फ दो चिकित्सकों की तैनाती है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद पर तैनात रहे डॉ. गौरव यादव का स्थानांतरण कुशीनगर हो गया है, जबकि डॉ. इश्तियाक भी ट्रेनिंग पर चले गए है। ऐसे में सीएचसी पर चिकित्सकों की कमी हो गई है। वर्तमान में मात्र दो चिकित्सकों की तैनाती है, इसमें एक सीएचसी अधीक्षक डॉ. वरूणेश दूबे और दूसरे डॉ. शीला शामिल है, जबकि यहां पर कम से कम चार चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए।
हालांकि नेत्र चिकित्सक के रूप में डॉ. केपी सिंह तैनात है, वह भी इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे हैं। यहां आने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना सीएचसी पर करीब 400 ओपीडी होती है, लेकिन चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों की लंबी लाइन लग जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञ न होने से छोटे बच्चों के इलाज में दिक्कत आ रही है।
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इलाज कराने आईं सुनीता देवी ने बताया कि बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, दिखाने के लिए सुबह नौ बजे आ गई। चिकित्सक कक्ष के बाहर भीड़ देखकर इंतजार करने को मजबूर होना पड़ा। खलीलाबाद निवासी उमेश कुमार ने बताया कि लंबी लाइन लगाकर चिकित्सक को दिखाना पड़ा।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद पर तैनात रहे डॉ. गौरव यादव का स्थानांतरण कुशीनगर हो गया है, जबकि डॉ. इश्तियाक भी ट्रेनिंग पर चले गए है। ऐसे में सीएचसी पर चिकित्सकों की कमी हो गई है। वर्तमान में मात्र दो चिकित्सकों की तैनाती है, इसमें एक सीएचसी अधीक्षक डॉ. वरूणेश दूबे और दूसरे डॉ. शीला शामिल है, जबकि यहां पर कम से कम चार चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए।
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हालांकि नेत्र चिकित्सक के रूप में डॉ. केपी सिंह तैनात है, वह भी इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे हैं। यहां आने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना सीएचसी पर करीब 400 ओपीडी होती है, लेकिन चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों की लंबी लाइन लग जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञ न होने से छोटे बच्चों के इलाज में दिक्कत आ रही है।
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इलाज कराने आईं सुनीता देवी ने बताया कि बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, दिखाने के लिए सुबह नौ बजे आ गई। चिकित्सक कक्ष के बाहर भीड़ देखकर इंतजार करने को मजबूर होना पड़ा। खलीलाबाद निवासी उमेश कुमार ने बताया कि लंबी लाइन लगाकर चिकित्सक को दिखाना पड़ा।