छह महीने में ही वंदना का उजड़ गया सुहाग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिसरापार गांव निवासी 22 वर्षीय गौतम पुत्र रामधनी चार भाईयों और दो बहनों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई गुड्डू की भी तीन साल पहले हादसे में मौत हो गई थी। जबकि रविवार को देवरियां गंगा चौराहे पर परिवार में छोटे गौतम भी हादसे के शिकार हो गए।
गांव के लोगों ने बताया कि गौतम की 28 मई को धनघटा क्षेत्र के डुहिया कला गांव में वंदना के साथ शादी हुई थी और दो दिन बाद वंदना विदा होकर ससुराल आई थी। हादसे में पति की मौत की खबर सुनकर वंदना सदमे में आ गई।
भाई जितेंद्र, धर्मेद्र और मां मेवाती देव का रो-रो कर बुरा हाल था। पिता रामधनी रोजगार के सिलसिले में दिल्ली में है। उन्हें बेटे की मौत की सूचना लोगों ने फोन पर दी तो वह घर के लिए रवाना हो गए। दोनों विवाहित बहनों का भी रो-रो कर बुरा हाल था।
पोस्टमार्टम हाउस पर मां और बेवा भाभी का करुण क्रंदन सुनकर वहां मौजूद लोग गमगीन हो गए। लोग बताए कि गौतम की पत्नी शादी की पहली साल गिरह भी नहीं मना पाई कि उसका सुहाग उजड़ गया। तीन साल के अंतराल में हादसे में दो भाइयों की मौत लोगों को अखर गई।