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करंट से मासूम की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Wed, 25 May 2016 12:14 AM IST
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करंट से मासूम की मौत।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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क्षेत्र के कुसौना खुर्द में मंगलवार को करंट की चपेट में आने से एक मासूम की मौत हो गई। मां के साथ खेत में वह सब्जी तोड़ रही थी। इसी दौरान मासूम के ऊपर बिजली का तार टूट कर गिर जाने से हादसा हुआ। घटना से गांव में कोहराम मच गया। बिजली विभाग की लापरवाही से नाराज गांव के लोगों ने शव को रखकर गांव में ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पाकर मौके पर मेंहदावल और बखिरा थाने की पुलिस पहुंच गई। बाद में उपजिलाधिकारी और सीओ भी मौके पर पहुंचे और गांव वालों को समझा बुझा कर शांत कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
मेंहदावल क्षेत्र के टड़वरियां- सांथा मार्ग पर स्थिति ग्राम पंचायत कुसौना खुर्द निवासी झीनक निषाद की पत्नी रेखा अपनी छह वर्षीय बेटी कुमकुम के साथ घर के पश्चिम स्थिति खेत में भिंडी तोड़ रही थी। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजरा बिजली का तार टूट कर कुमकुम के शरीर पर गिर गया । इससे वह करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गई। गांव के लोग झुलसी मासूम को लेकर सीएचसी मेंहदावल गए,जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन शव को लेकर गांव पर पहुंचे तो काफी भीड़ जुट गई। बिजली विभाग की लावरवाही की वजह से तार टूट कर गिरने से हादसा होने का आरोप लगाते हुए गांव के लोग उग्र हो गए। खबर पर जिला पंचायत सदस्य गयासुद्दीन चौधरी, ग्राम प्रधान अब्दुल कलाम, महेंद्र निषाद पहुंच गए। उसी दौरान उग्र गांव वाले लामबंद होकर बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि करीब 45 वर्ष पूर्व गांव में खींचा गया विद्युत तार काफी जर्जर हालत में है। सीमेंटेड पोल की जगह लकड़ी के पोल के सहारे तार खींचे गए हैं । कई बार विभागीय अधिकारियों से जर्जर तार व पोल को बदलने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन अब तक विभाग ने कोई रुचि नहीं दिखाई । जिसका परिणाम रहा कि मासूम की जान चली गई। लोगों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए और बिजली विभाग के जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो। सूचना पर प्रभारी थानाध्यक्ष मोतीचंद एवं नायब तहसीलदार बलराम त्रिपाठी, लेखपाल दयाराम तिवारी, केशरी तिवारी आदि मौके पर पहुंच गए और समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण उपजिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे । सूचना पाकर उपजिलाधिकारी रामजीवन, प्रभारी क्षेत्राधिकारी विरेंन्द्र श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा बुझाकर शव का पंचनामा कराते हुए पीएम के लिए भेजवाया, तब जाकर मामला शांत हुआ । मौके पर थानाध्यक्ष बखिरा दिनेश कुमार यादव मय फोर्स पहुंचे हुए थे । इस दौरान प्रदर्शन करने वालों में विजय यादव, राजीव राय, रामप्रकाश राय, सोनू साहनी, विरेंन्द्र यादव, बुद्धिराम, जोगी शर्मा, आशीष राय, सुदामा राय, राजाराम शर्मा, अमित राय आदि मौजूद रहे।
सूनी रहेगी भाइयों की कलाई
कुसौनां खुर्द गांव निवासी मासूम कुमकुम उर्फ सोनी की करंट से हुई मौत के सदमे में परिवार के लोग डूबे हुए थे। तीन भाइयों में इकलौती बहन होने की वजह से परिवार की दुलारी थी। तीनों को इस बात का गम सता रहा था कि अब उनकी कलाई में कौन राखी बांधेगा, करंट ने ऐसा झटका दिया कि उसकी बहन की सांस की डोर टूट गई। मां- बाप के करूण कंद्रन को सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखों से आंसू छलक उठा।
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कुसौना खुर्द निवासी झीनक पुत्र महाजन के चार बच्चे थे। इसमें सबसे बड़े दो बेटे अमन 10 वर्ष, प्रेम आठ वर्ष , कुमकुम ऊर्फ रानी छह वर्ष और छोटा बेटा आनंद तीन वर्ष का है। तीनों भाइयों में रानी इकलौती बहन थी। मां रेखा की आंखों के सामने ही सब्जी तोड़ते समय बिजली का तार टूट कर बेटी के ऊपर गिरा और मौत हो गई। घटना का दृश्य याद कर मां रोते- रोते बेहोश हो जा रही थी। होश में आने पर रोते-रोते कह रही थी कि यदि पता होता को शायद बेटी को भिंडी तोड़कर लाने के लिए साथ नहीं ले जाती। बिटिया रानी की मौत को कभी नहीं भुला पाएंगी। मासूम भाईयों की आंखों से आंसू टपक रहा था। गांव के लोगों ने बताया कि रानी हर दिन ही गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने के लिए अपने बड़े दोनों भाइयों के साथ जाया करती थी। वह अपने भाईयों को बहुत प्यार भी करती थी। बहन की मौत पर दोनों बड़े भाई गमगीन। लोग हादसे के पीछे बिजली विभाग की लापरवाही को कोस रहे थे और ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो,इसके लिए जर्जर तार व पोल को बदले की मांग कर रहे थे।
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क्षेत्र के कुसौना खुर्द में मंगलवार को करंट की चपेट में आने से एक मासूम की मौत हो गई। मां के साथ खेत में वह सब्जी तोड़ रही थी। इसी दौरान मासूम के ऊपर बिजली का तार टूट कर गिर जाने से हादसा हुआ। घटना से गांव में कोहराम मच गया। बिजली विभाग की लापरवाही से नाराज गांव के लोगों ने शव को रखकर गांव में ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पाकर मौके पर मेंहदावल और बखिरा थाने की पुलिस पहुंच गई। बाद में उपजिलाधिकारी और सीओ भी मौके पर पहुंचे और गांव वालों को समझा बुझा कर शांत कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
मेंहदावल क्षेत्र के टड़वरियां- सांथा मार्ग पर स्थिति ग्राम पंचायत कुसौना खुर्द निवासी झीनक निषाद की पत्नी रेखा अपनी छह वर्षीय बेटी कुमकुम के साथ घर के पश्चिम स्थिति खेत में भिंडी तोड़ रही थी। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजरा बिजली का तार टूट कर कुमकुम के शरीर पर गिर गया । इससे वह करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गई। गांव के लोग झुलसी मासूम को लेकर सीएचसी मेंहदावल गए,जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन शव को लेकर गांव पर पहुंचे तो काफी भीड़ जुट गई। बिजली विभाग की लावरवाही की वजह से तार टूट कर गिरने से हादसा होने का आरोप लगाते हुए गांव के लोग उग्र हो गए। खबर पर जिला पंचायत सदस्य गयासुद्दीन चौधरी, ग्राम प्रधान अब्दुल कलाम, महेंद्र निषाद पहुंच गए। उसी दौरान उग्र गांव वाले लामबंद होकर बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि करीब 45 वर्ष पूर्व गांव में खींचा गया विद्युत तार काफी जर्जर हालत में है। सीमेंटेड पोल की जगह लकड़ी के पोल के सहारे तार खींचे गए हैं । कई बार विभागीय अधिकारियों से जर्जर तार व पोल को बदलने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन अब तक विभाग ने कोई रुचि नहीं दिखाई । जिसका परिणाम रहा कि मासूम की जान चली गई। लोगों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए और बिजली विभाग के जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो। सूचना पर प्रभारी थानाध्यक्ष मोतीचंद एवं नायब तहसीलदार बलराम त्रिपाठी, लेखपाल दयाराम तिवारी, केशरी तिवारी आदि मौके पर पहुंच गए और समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण उपजिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे । सूचना पाकर उपजिलाधिकारी रामजीवन, प्रभारी क्षेत्राधिकारी विरेंन्द्र श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा बुझाकर शव का पंचनामा कराते हुए पीएम के लिए भेजवाया, तब जाकर मामला शांत हुआ । मौके पर थानाध्यक्ष बखिरा दिनेश कुमार यादव मय फोर्स पहुंचे हुए थे । इस दौरान प्रदर्शन करने वालों में विजय यादव, राजीव राय, रामप्रकाश राय, सोनू साहनी, विरेंन्द्र यादव, बुद्धिराम, जोगी शर्मा, आशीष राय, सुदामा राय, राजाराम शर्मा, अमित राय आदि मौजूद रहे।
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सूनी रहेगी भाइयों की कलाई
कुसौनां खुर्द गांव निवासी मासूम कुमकुम उर्फ सोनी की करंट से हुई मौत के सदमे में परिवार के लोग डूबे हुए थे। तीन भाइयों में इकलौती बहन होने की वजह से परिवार की दुलारी थी। तीनों को इस बात का गम सता रहा था कि अब उनकी कलाई में कौन राखी बांधेगा, करंट ने ऐसा झटका दिया कि उसकी बहन की सांस की डोर टूट गई। मां- बाप के करूण कंद्रन को सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखों से आंसू छलक उठा।
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कुसौना खुर्द निवासी झीनक पुत्र महाजन के चार बच्चे थे। इसमें सबसे बड़े दो बेटे अमन 10 वर्ष, प्रेम आठ वर्ष , कुमकुम ऊर्फ रानी छह वर्ष और छोटा बेटा आनंद तीन वर्ष का है। तीनों भाइयों में रानी इकलौती बहन थी। मां रेखा की आंखों के सामने ही सब्जी तोड़ते समय बिजली का तार टूट कर बेटी के ऊपर गिरा और मौत हो गई। घटना का दृश्य याद कर मां रोते- रोते बेहोश हो जा रही थी। होश में आने पर रोते-रोते कह रही थी कि यदि पता होता को शायद बेटी को भिंडी तोड़कर लाने के लिए साथ नहीं ले जाती। बिटिया रानी की मौत को कभी नहीं भुला पाएंगी। मासूम भाईयों की आंखों से आंसू टपक रहा था। गांव के लोगों ने बताया कि रानी हर दिन ही गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने के लिए अपने बड़े दोनों भाइयों के साथ जाया करती थी। वह अपने भाईयों को बहुत प्यार भी करती थी। बहन की मौत पर दोनों बड़े भाई गमगीन। लोग हादसे के पीछे बिजली विभाग की लापरवाही को कोस रहे थे और ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो,इसके लिए जर्जर तार व पोल को बदले की मांग कर रहे थे।