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पड़ोसन बनी शुभम के कत्ल की वजह 

Tue, 10 May 2016 11:53 PM IST
sant kabir nagar 
sant kabir nagar  Updated Tue, 10 May 2016 11:53 PM IST
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 Shubham's murder
एएसपी ने किया हत्या का पर्दाफाश। - फोटो : अमर उजाला
 पड़ोस की महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर शुुभम की हत्या को अंजाम दिया था। धनघटा पुलिस ने मंगलवार को आरोपी महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि शुभम के पिता महिला के प्रेम संबंधों में बाधक बने थे और प्रेमी को जेल भिजवाने में मदद की थी। आरोपी महिला के ससुर ने बहू की करतूतों को उजागर करते हुए वारदात के पर्दाफाश में पुलिस की मदद की। 
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एएसपी अशोक वर्मा ने बताया कि नावनजोत गांव निवासी रामसिधारे पुत्र लालमन का इकलौता बेटा शुभम(6) 15 अप्रैल 2016 की शाम को घर से बाहर गया और वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी कुछ पता नहीं चला। 17 अप्रैल को रामसिधारे ने इसकी सूचना पुलिस को दी। उसी दिन पीड़ित के घर के पीछे स्थित किशुनदेव यादव के घर के पास शुभम का शव पुआल और उपले के ढेर के नीचे मिला। तहरीर के आधार पर पुलिस ने शुभम के पड़ोस की निर्मला पत्नी रामप्रीत यादव और बबलू उर्फ रामाकांत पुत्र मनबोध निवासी छपरामगर्वी के खिलाफ हत्या कर शव छुपाने की कोशिश के आरोप में केस दर्ज किया। 
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जांच में एसओ आर डी मौर्या को आरोपियों की घटना में संलिप्तता मिली तो मंगलवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि निर्मला और बबलू उर्फ रामाकांत के बीच संबंध हैं। पूर्व में दोनों के संबंधों के बीच में शुभम के पिता राम सिधारे बाधक बने थे। इस दौरान जब महिला के घर में आरोपी प्रेमी को गांव वालों ने पकड़ा था तो पिटाई करने वालों में शुमम के पिता भी शामिल थे और बबलू को दुष्कर्म जैसी गंभीर धाराओं में जेल भिजवाने में मदद की थी। 
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चार माह पूर्व बबलू जेल से छूटा है। पूर्व की रंजिश में वह रामसिधारे को सबक सिखाने का मौका तलाश रहा था। इसी बीच 15 अप्रैल की शाम को शुभम जब खेलते हुए निर्मला के दरवाजे पर पहुंचा तो प्रेमी बबलू उसे लेकर छत पर चला गया और कुकर्म कर हत्या कर दी। बाद में उसने निर्मला के साथ मिलकर शव को कपड़े में लपेट कर हैंडपंप के पास बने टैंक में छिपा दिया। 16 अप्रैल की भोर में वे दोनों सीवान में शव को लेकर फेंकने जा रहे थे कि सड़क पर ट्रार्च की रोशनी दिखाई दी। पकड़े जाने के भय से वहीं किशुनदेव के घर के पास पुआल और उपले के ढेर में शव को दबा दिया। 


एएसपी के मुताबिक निर्मला के ससुर राममूरत ने बहू और उसके प्रेमी को मासूम के शव को छुपाते हुए देखने की जानकारी दी। साथ ही उसने दोनों की करतूतों का जिक्र करते हुए घटना के पर्दाफाश में पुलिस की काफी मदद की। राममूरत का बयान भी कोर्ट में दर्ज कराया जाएगा। जबकि निर्मला और बबलू को जेल भेज दिया गया।
 
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