डीएनए टेस्ट के लिए कब्र से निकाली बच्ची की लाश
एसओ संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले युवक और युवती के बीच अवैध संबंध था। जिससे युवती गर्भवती हो गई। उसके बाद युवती ने युवक पर 14 फरवरी 2017 को रेप का केस दर्ज कराई। रेप के आरोप में वाजिद अली नामक युवक जेल चला गया, जो अभी भी जेल में है। इधर युवती ने एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची दो माह तक जिंदा रही।
इसके बाद उसकी मौत हो गई। युवती ने बगैर पुलिस को सूचित किए शव को दफना दिया। अपनी जमानत के लिए युवक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए फरियाद किया कि वह निर्दोष है। कोर्ट को जब पता चला कि जिस आरोप में वाजिद अली जेल में बंद है। उस नवजात शिशु के शव को दफनाया गया है। हाईकोर्ट ने शव को कब्र से निकालकर उसका डीएनए टेस्ट करवाने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बच्ची की लाश कब्र से निकाल कर डीएनए करवाने की कार्रवाई की जा रही है।