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तीर्थयात्रा पर गए दंपती की विशाखापट्टनम में हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:29 AM IST
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मेंहदावल थाना क्षेत्र के कांटी गांव में रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
मेंहदावल। तीर्थयात्रा पर गए कांटी गांव निवासी दंपति की विशाखापट्टनम में हत्या हो गई। विशाखापट्टनम के जंगल में पुलिस को उनकी लाश मिली। जेब में मिले मोबाइल नंबर और व्हाट्सऐप पर गुरुवार को वहां की पुलिस ने दंपती की फोटो भेजकर परिवार वालों से शिनाख्त कराई तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजन विशाखापट्टनम के लिए रवाना हो गए।
परिवहन विभाग में परिचालक पद से रिटायर्ड कांटी गांव निवासी 68 वर्षीय रामवृक्ष पांडेय पत्नी शांती देवी के साथ 31 जनवरी को क्षेत्रीय तीर्थ यात्रियों के साथ बस से निकले थे। उनके बेटे सूर्य नरायन पांडेय ने बताया कि गुरुवार की सुबह बस चालक व परिचालक के अलावा कुछ तीर्थयात्रियों ने माता-पिता के गुम होने की सूचना दी।
बस चालक ने मोबाइल पर बताया कि काफी ढूंढने के बाद भी वे लोग नहीं मिले। यहां कुछ दुकानदार बता रहे हैं कि यह क्षेत्र संवेदनशील है। आप लोग यहां से निकल जाएं। उस सूचना के बाद परिजन परेशान हो गए। दोपहर में पिता की जेब में मिले मोबाइल नंबर के आधार पर वहां की पुलिस ने बस चालक को सूचना दी।
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उसने घर का नंबर पुलिस को दिया। चालक ने बाद में मोबाइल पर यह जानकारी दी कि विशाखापट्टनम पुलिस ने उस क्षेत्र के जंगल में उनके माता-पिता की लाश बरामद होने की सूचना दी है। व्हाट्सऐप पर दोनों के फोटो शिनाख्त के लिए भेजा। फोटो देख कर पहचान होने के बाद वहां की पुलिस ने हत्या की सूचना दी।
माता-पिता की हत्या की सूचना से घर में कोहराम मच गया। पूर्व प्रधान प्रेम चंद्र मिश्रा ने बताया कि सूचना के बाद परिजन विशाखापट्टनम के लिए निकल गए हैं। सही जानकारी वहां पहुंचने और वापस आने के बाद ही मिलेगी। फिलहाल जिस बस से तीर्थ यात्रा के लिए निकले थे, उसमें कांटी गांव के छह लोग भी हैं।
उन्होंने बताया कि विशाखापट्टनम के समीप एक ढाबे पर चाय पानी के लिए बस रुकी थी। लोग दुकान पर बैठे थे पता नहीं कब वे लोग भटक कर आगे निकल गए। एसओ संतोष तिवारी ने ऐसी किसी सूचना से अनभिज्ञता जाहिर की।
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परिवहन विभाग में परिचालक पद से रिटायर्ड कांटी गांव निवासी 68 वर्षीय रामवृक्ष पांडेय पत्नी शांती देवी के साथ 31 जनवरी को क्षेत्रीय तीर्थ यात्रियों के साथ बस से निकले थे। उनके बेटे सूर्य नरायन पांडेय ने बताया कि गुरुवार की सुबह बस चालक व परिचालक के अलावा कुछ तीर्थयात्रियों ने माता-पिता के गुम होने की सूचना दी।
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बस चालक ने मोबाइल पर बताया कि काफी ढूंढने के बाद भी वे लोग नहीं मिले। यहां कुछ दुकानदार बता रहे हैं कि यह क्षेत्र संवेदनशील है। आप लोग यहां से निकल जाएं। उस सूचना के बाद परिजन परेशान हो गए। दोपहर में पिता की जेब में मिले मोबाइल नंबर के आधार पर वहां की पुलिस ने बस चालक को सूचना दी।
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उसने घर का नंबर पुलिस को दिया। चालक ने बाद में मोबाइल पर यह जानकारी दी कि विशाखापट्टनम पुलिस ने उस क्षेत्र के जंगल में उनके माता-पिता की लाश बरामद होने की सूचना दी है। व्हाट्सऐप पर दोनों के फोटो शिनाख्त के लिए भेजा। फोटो देख कर पहचान होने के बाद वहां की पुलिस ने हत्या की सूचना दी।
माता-पिता की हत्या की सूचना से घर में कोहराम मच गया। पूर्व प्रधान प्रेम चंद्र मिश्रा ने बताया कि सूचना के बाद परिजन विशाखापट्टनम के लिए निकल गए हैं। सही जानकारी वहां पहुंचने और वापस आने के बाद ही मिलेगी। फिलहाल जिस बस से तीर्थ यात्रा के लिए निकले थे, उसमें कांटी गांव के छह लोग भी हैं।
उन्होंने बताया कि विशाखापट्टनम के समीप एक ढाबे पर चाय पानी के लिए बस रुकी थी। लोग दुकान पर बैठे थे पता नहीं कब वे लोग भटक कर आगे निकल गए। एसओ संतोष तिवारी ने ऐसी किसी सूचना से अनभिज्ञता जाहिर की।