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रजापुर सरैया में दिखा तेंदुआ,दहशत
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Thu, 12 May 2016 12:03 AM IST
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तेंदुअा
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एक सप्ताह पहले दुधारा क्षेत्र के बस्ती-बस्ता गांव में तेंदुआ के दिखने की खबर आई थी। दो दिनों तक वन विभाग और पुलिस के लोग तेंदुआ की तलाश में जुटे रहे, पिजरा भी लगाया गया था पर बाद में वन विभाग ने तेंदुआ के भाग जाने की बात कहीं थी। तब से लोग चैन की नींद सो रहे थे, लेकिन बुधवार की सुबह एक बार फिर तेंदुआ देखे जाने की बात प्रकाश में आई। इस बार भी दुधारा क्षेत्र के ही रजापुर सरैया गांव में ग्राम प्रधान के घर के सामने गड्ढे में तेंदुआ देखने का ग्रामीणों ने दावा किया। जिससे क्षेत्र में फिर दहशत का माहौल बन गया है।
ग्राम प्रधान पति हरिश्चंद्र पांडेय ने बताया कि सुबह में घर के सामने बने गड्ढे से होकर तेंदुआ जा रहा था, इसे गांव के कई लोगों ने देखा। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस के साथ ही वन विभाग के अधिकारियों को दी। मौके पर एसआई रणविजय सिंह अपने सहयोगी के साथ पहुंचे साथ ही वन विभाग के दीनानाथ दूबे भी पहुंच गए और छानबीन की। उनके मुताबिक गांव में देखा गया जानवर तेंदुआ न होकर फिसिंग कैट होने की बात सामने आई है। चार घंटे तक चले अभियान के दौरान राजेश, राम रक्षा, भरत पासवान, अरुण कुमार पांडेय, बृज कुमार, चंद्रमौल, राम निवास आदि ने टीम का सहयोग किया। वन विभाग की टीम ने कहा कि लोगों को दहशत में नहीं आना चाहिए।
जबकि क्षेत्र के लोगों का कहना था कि एक सप्ताह पहले जब बत्सी- बत्सा गांव में तेंदुआ घुसा तो गांव के एक वृद्घ समेत तीन लोगों को हमला करके घायल कर दिया था। लोग छतों पर भी डर बश रात में नहीं सोए। दरवाजे को बंद करके भीषण गर्मी में अपने- अपने घरों में सुरक्षा को लेकर रात गुजारे। वन विभाग की टीम तेंदुआ को तो पकड़ नहीं पाई,अलबत्ता यह कहते हुए पकड़ने का अभियान बंद कर दी कि तेदुआ कहीं चला गया। अब रजापुर सरैैया में तेंदुआ दिखा तो उसे वन विभाग की टीम फीडिंग कैट बता कर अपना गला बचा रही है। यदि कोई तेंदुए के हमले में घायल हुआ तो उसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा। डीएफओ के डी सिंह ने बताया कि जैसे ही रजापुर सरैया में तेेंदुआ के पहुंचने की सूचना मिली जो वहां वन विभाग की टीम भेजी गई। टीम ने काफी तलाश किया लेकिन कोई जानवर नहीं मिला। तेंदुआ होने की सिर्फ लोगों ने अंदेशा जाहिर की है, जो जानवर देखा गया है वह कितना बड़ा था कोई नहीं बताया। वैसे वन विभाग की टीम सतर्कता बरत रही है।
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ग्राम प्रधान पति हरिश्चंद्र पांडेय ने बताया कि सुबह में घर के सामने बने गड्ढे से होकर तेंदुआ जा रहा था, इसे गांव के कई लोगों ने देखा। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस के साथ ही वन विभाग के अधिकारियों को दी। मौके पर एसआई रणविजय सिंह अपने सहयोगी के साथ पहुंचे साथ ही वन विभाग के दीनानाथ दूबे भी पहुंच गए और छानबीन की। उनके मुताबिक गांव में देखा गया जानवर तेंदुआ न होकर फिसिंग कैट होने की बात सामने आई है। चार घंटे तक चले अभियान के दौरान राजेश, राम रक्षा, भरत पासवान, अरुण कुमार पांडेय, बृज कुमार, चंद्रमौल, राम निवास आदि ने टीम का सहयोग किया। वन विभाग की टीम ने कहा कि लोगों को दहशत में नहीं आना चाहिए।
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जबकि क्षेत्र के लोगों का कहना था कि एक सप्ताह पहले जब बत्सी- बत्सा गांव में तेंदुआ घुसा तो गांव के एक वृद्घ समेत तीन लोगों को हमला करके घायल कर दिया था। लोग छतों पर भी डर बश रात में नहीं सोए। दरवाजे को बंद करके भीषण गर्मी में अपने- अपने घरों में सुरक्षा को लेकर रात गुजारे। वन विभाग की टीम तेंदुआ को तो पकड़ नहीं पाई,अलबत्ता यह कहते हुए पकड़ने का अभियान बंद कर दी कि तेदुआ कहीं चला गया। अब रजापुर सरैैया में तेंदुआ दिखा तो उसे वन विभाग की टीम फीडिंग कैट बता कर अपना गला बचा रही है। यदि कोई तेंदुए के हमले में घायल हुआ तो उसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा। डीएफओ के डी सिंह ने बताया कि जैसे ही रजापुर सरैया में तेेंदुआ के पहुंचने की सूचना मिली जो वहां वन विभाग की टीम भेजी गई। टीम ने काफी तलाश किया लेकिन कोई जानवर नहीं मिला। तेंदुआ होने की सिर्फ लोगों ने अंदेशा जाहिर की है, जो जानवर देखा गया है वह कितना बड़ा था कोई नहीं बताया। वैसे वन विभाग की टीम सतर्कता बरत रही है।
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