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पोखरे की खुदाई की जांच में मिली अनियमितता
Sant Kabir Nagar
Updated Mon, 04 Jul 2016 11:16 PM IST
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जांच
- फोटो : demopic
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हैंसर क्षेत्र के सिरसी गांव में एक पोखरे की खुदाई चार भाग में करने और मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायत पर डीसी मनरेगा ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर जांच की। शिकायत सही मिलने पर उन्होंने भुगतान रोके जाने का निर्देश बीडीओ को दिया।
सिरसी गांव के कुछ लोगों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कहा था कि उनके गांव में एक पोखरे की खुदाई ग्राम पंचायत द्वारा कराया जा रही है। जिसमें एक ही पोखरे को चार भाग में बांट कर और काम मानक के तहत न कराकर भुगतान लेने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर डीएम ने इसकी जांच करके रिपोर्ट दिए जाने का निर्देश डीसी मनरेगा को दिया। पोखरे पर पहुंचकर डीसी मनरेगा ने जांच किया तो शिकायत सत्य पाए जाने की बात उन्होंने कही।
उसके बाद साथ में मौजूद बीडीओ सौरभ कुमार पांडेय को निर्देश दिया कि भुगतान पर रोक लगा दी जाए। डीसी मनरेगा विनय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जांच रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी। दूसरी तरफ प्रधान प्रतिनिधि त्रिशुलधारी राय ने कहा कि जो भी कार्य कराया गया है वह मनरेगा के गाइड लाइन के तहत कराया गया है। मजदूरों का भुगतान रोकना न्यायोचित नही होगा। उन्होंने कहा कि जिस तालाब की खुदाई जेसीबी से कराया गया उनका भुगतान पहले ही कर दिया जा रहा है और जहां मनरेगा मजदूरों ने काम किया है वहां का भुगतान रोका जा रहा है।
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सिरसी गांव के कुछ लोगों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कहा था कि उनके गांव में एक पोखरे की खुदाई ग्राम पंचायत द्वारा कराया जा रही है। जिसमें एक ही पोखरे को चार भाग में बांट कर और काम मानक के तहत न कराकर भुगतान लेने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर डीएम ने इसकी जांच करके रिपोर्ट दिए जाने का निर्देश डीसी मनरेगा को दिया। पोखरे पर पहुंचकर डीसी मनरेगा ने जांच किया तो शिकायत सत्य पाए जाने की बात उन्होंने कही।
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उसके बाद साथ में मौजूद बीडीओ सौरभ कुमार पांडेय को निर्देश दिया कि भुगतान पर रोक लगा दी जाए। डीसी मनरेगा विनय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जांच रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी। दूसरी तरफ प्रधान प्रतिनिधि त्रिशुलधारी राय ने कहा कि जो भी कार्य कराया गया है वह मनरेगा के गाइड लाइन के तहत कराया गया है। मजदूरों का भुगतान रोकना न्यायोचित नही होगा। उन्होंने कहा कि जिस तालाब की खुदाई जेसीबी से कराया गया उनका भुगतान पहले ही कर दिया जा रहा है और जहां मनरेगा मजदूरों ने काम किया है वहां का भुगतान रोका जा रहा है।
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